











































प्रतीकात्मक चित्र
बारिश के मौसम में मच्छर से फैलने वाले रोगों से डेंगू और मलेरिया की समस्या बढ़ जाती है। मौसम में हुए बदलाव डेंगू व मलेरिया के मच्छरों के लार्वा को पनपने का मौका देते हैं। इससे बारिश में डेंगू-मलेरिया के लार्वा में तेजी से बढ़ोतरी होती है। मच्छरों से बचाव नहीं करने पर डेंगू और मलेरिया जैसे रोग खतरनाक साबित हो सकते हैं।
इस मौसम में भारत के कई राज्यों में डेंगू (dengue) और मलेरिया का कहर बरप रहा है। यह बीमारी एडीज नामक मच्छर (Mosquito) के काटने से होती है। यह मच्छर साफ पानी से भरे टैंक, टायर, सीमेन्ट की टंकियों, मटके, बाल्टीयों, कूलर, छत पर रखे अनुपयोगी सामान, टूटे-फूटे बर्तन, पानी से भरे पॉलीथिन में अपने अण्डे देता है, साथ ही साथ सीधे रखे खाली गमले, मटके एवं अन्य पानी से भरे बर्तन व सामान, कबाड़ियों द्वारा खुले में रखे गए सामान, पशुओं को पानी पिलाने के लिए रख गए हौज में भी एडीज के लार्वा (larvae) पाए जाते हैं, जिसे आम जनता पानी के कीड़े (water worms) समझती है।
ये हैं लक्षण - These are the symptoms
डेंगू के प्रमुख लक्षणों (symptoms) में अचानक कंपकंपी के साथ बुखार (fever) आना, आंखों के पीछे व मांसपेशियों में दर्द, छाती (chest), गला और चेहरे पर लाल दाने उभरना है। इस बीमारी में लगातार बुखार रहता है। इसमें पेट में दर्द, उल्टी, सरदर्द, बेचैनी या सुस्ती के भी लक्षण होते हैं। ये सारे लक्षण (symptoms) डेंगू के मच्छर के काटने के एक सप्ताह के बाद दिखाई देते हैं। इस स्थिति में बीमारी का समय पर अच्छा इलाज (treatment) होना जरूरी है।
बचाव के उपाय - Preventive measures
मलेरिया (malaria) एवं डेंगू (dengue) के प्रकोप से बचने के लिये पानी को जमा न होने दें, उपयोग करने के पानी को अच्छी तरह से ढक कर रखें तथा उनमें एक छोटी चम्मच मीठा तेल डालें, बाहर गड्ढों तथा नालियों में जला हुआ तेल डाले। एडीज मच्छर केवल दिन के समय काटता है, अतः पूरी आस्तिन के कपड़े पहने, रात के समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, घर में नीम की पत्तियों का धुंआ करें, मच्छर रोधी क्रीम व अगरबत्ती का प्रयोग करें।







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