












































प्रतीकात्मक
लखनऊ। सहारा हॉस्पिटल के डाक्टरों ने ब्रेन टय़ूमर और हृदय रोग से पीड़ित 52 वर्षीय व्यक्ति का त्वरित इलाज कर नया जीवन दिया। मरीज के परिजन सहारा हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरो सर्जन डा. मजहर हुसैन और कार्डियोलॉजिस्ट डा. वी.के. तिवारी की कुशलता के कायल हो गए और सहारा हॉस्पिटल की त्वरित सेवाओं, विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम तथा मैनेजमेन्ट की प्रशंसा की।
मरीज के अनुसार वह एक दिन अचानक चक्कर आने पर अपने घर में बेहोश हो गए। उन्हें डाक्टर को दिखाया गया तो पता चला कि उनको ब्रेन ट्यूमर है। ऑपरेशन के अलावा इसका और कोई इलाज नहीं है। मरीज जब तक आपरेशन के लिए तैयार हो पाते, उससे एक दिन पहले ही उनको वाशरूम में फिर से चक्कर आ गया।

इस बार परिजनों ने मरीज को गोमतीनगर स्थित सहारा हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरो सर्जन डा. मजहर हुसैन से परामर्श लिया। डा. मजहर हुसैन की सलाह के बाद ब्रेन ट्यूमर का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया।
ढाई साल तक मरीज की दवा चलती रही लेकिन एक दिन अचानक उनके सीने में तेज दर्द के साथ पसीना आने लगा और घबराहट होने लगी। परिजन उनको लेकर सहारा हॉस्पिटल की इमरजेंसी पहुंचे, जहां वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डा. वी के तिवारी ने तुरन्त एंजियोग्राफी करवायी तो पता चला मरीज को हार्ट अटैक हुआ है। हार्ट की नसों में ब्लॉकेज है। मरीज का ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन पहले ही हो चुका था इसलिए तुरन्त सर्जरी करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन डा. तिवारी ने कुशलता के साथ मरीज की तुरन्त एंजियोप्लास्टी करके ब्लॉकेज को खोल दिया जिससे उसकी जान बच गयी।
कार्डियोलॉजिस्ट डा. तिवारी के सफल इलाज से मरीज और उसके परिजन बेहद संतुष्ट थे और उन्होंने सहारा हॉस्पिटल की त्वरित सेवाओं, डाक्टरों की टीम और मैनेजमेन्ट की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सलाहकार अनिल विक्रम सिंह ने बताया कि हमारे अभिभावक माननीय सहाराश्री के विजन को साकार करते हुए सहारा हॉस्पिटल में 52 से अधिक विभागों में कुशल चिकित्सकों द्वारा अत्याधुनिक उपकरणों से उत्कृष्ट सेवाएं मरीजों को निरंतर प्रदान की जा रही हैं। हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक कैथ लैब की सुविधा है, जहां कार्डियोलॉजिस्ट टीम अपने अनुभव व दक्षता के साथ मरीजों का इलाज सफलतापूर्वक कर रही है।







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