देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

यूपी में चार माह में 1.28 लाख टीबी मरीज लिए गए गोद

उत्तर प्रदेश में क्षय रोगियों को गोद लेने की पहल रंग ला रही है। वर्ष 2019 में शुरू हुई इस पहल से अब तक तमाम शिक्षण संस्थान, अधिकारी, औद्योगिक प्रतिष्ठान, समाजसेवी और स्वयंसेवी संस्थाएं जुड़ चुकी हैं।

रंजीव ठाकुर
July 22 2022 Updated: July 22 2022 17:13
0 29659
यूपी में चार माह में 1.28 लाख टीबी मरीज लिए गए गोद प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में क्षय रोगियों को गोद लेने की पहल रंग ला रही है। वर्ष 2019 में शुरू हुई इस पहल से अब तक तमाम शिक्षण संस्थान, अधिकारी, औद्योगिक प्रतिष्ठान, समाजसेवी और स्वयंसेवी संस्थाएं जुड़ चुकी हैं। 

 

क्षय रोगियों (tuberculosis patients) को गोद लेने (adoption of TB patients) के पहले चरण में टीबी ग्रसित बच्चों (children with TB) के बेहतर इलाज के साथ सुपोषण को लेकर संस्थाओं को उन्हें गोद लेने के लिए आगे आने की अपील की गयी थी। इस वर्ष विश्व क्षय रोग दिवस (24 मार्च) (World Tuberculosis Day) पर टीबी ग्रसित बच्चों के साथ वयस्कों को भी गोद लेने की शुरुआत हुई। इस अनूठी पहल का ही नतीजा रहा कि चार माह में प्रदेश में करीब 1.28 लाख टीबी मरीजों को गोद (TB patients adopted) लेकर हर माह पोषण पोटली (nutrition packets) प्रदान करने के साथ ही उन्हें भावनात्मक सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है।

 

राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र भटनागर (State Tuberculosis Officer Dr. Shailendra Bhatnagar) का कहना है कि टीबी मरीजों (TB patients) को बेहतर इलाज के साथ सही पोषण (proper nutrition) की भी बड़ी जरूरत होती है ताकि दवाएं अपना पूरा असर दिखा सकें और मरीज जल्दी से जल्दी स्वस्थ बन सके। ऐसे में टीबी मरीजों को गोद लेने (adopt TB patients) की पहल इसमें बहुत ही कारगर साबित हो रही है। संस्थाएं भी खुले मन से आगे आ रहीं हैं और टीबी मरीजों को गोद लेकर पोषण पोटली प्रदान करने के साथ ही उनके घर-परिवार वालों के साथ बैठकर भावनात्मक सहयोग प्रदान कर रहीं हैं। 

 

ऐसे में जहाँ टीबी को लेकर समुदाय में फैली भ्रांतियां (misconceptions) दूर हो रही हैं वहीँ मरीजों को एक ताकत भी मिल रही है कि इस लड़ाई में वह अकेले नहीं हैं। इससे वह बीमारी को जल्द से जल्द मात दे सकेंगे। देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त (TB free India) बनाने के संकल्प को पूरा करने में भी यह मुहिम सहायक साबित होगी। 

 

संस्थाएं जिन टीबी ग्रसित को गोद लेती हैं उनको हर माह पोषक खाद्य पदार्थ (भुना चना, मूंगफली, गुड़,सत्तू, गजक आदि ) मुहैया कराती हैं । इसके अलावा नियमित रूप से दवा सेवन (regular drug intake) को भी सुनिश्चित कराया जाता है क्योंकि बीच में दवा छोड़ना बीमारी को गंभीर बना सकता है । टीबी मरीजों को इलाज के दौरान निक्षय पोषण योजना (Nikshay Poshan Yojana) के तहत हर माह 500 रूपये बैंक खाते में दिए जाते हैं। 
    

गौरतलब है कि वर्ष 2019 में प्रदेश की राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल (Governor Anandiben Patel) ने बच्चों को गोद लेने की अपील शिक्षण संस्थानों, अधिकारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं से की थी। इसका सुखद परिणाम यह रहा कि 24 मार्च 2022 तक सूबे में करीब 38,047 टीबी ग्रसित बच्चों को गोद लिया जा चुका था। इन बच्चों को पोषण सामग्री प्रदान करने के साथ ही उनके घर-परिवार वालों के साथ बैठकर उनका मनोबल बढ़ाने का भी कार्य किया गया था। उनकी शिक्षा न प्रभावित होने पाए इसका भी ख्याल रखा गया। 

 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

बालों के लिए ऑयलिंग ​क्यों जरूरी है?

बालों के लिए ऑयलिंग ​क्यों जरूरी है?

सौंदर्या राय September 11 2021 40278

स्टाइल के चक्कर में आप अपने बालों की सेहत को खराब कर लेते हैं। इसी कारण से आजकल बालों में रूखापन, सफ

एंटी-एजिंग क्रीम में मौजूद ये नेचुरल चीजें करती हैं त्वचा की देखभाल में मदद

एंटी-एजिंग क्रीम में मौजूद ये नेचुरल चीजें करती हैं त्वचा की देखभाल में मदद

श्वेता सिंह October 13 2022 33110

रेटिनॉल एक एंटी-एजिंग क्रीम है जिसमें विटामिन ए कंपाउंड होता है। क्रीम में रेटिनॉल की मौजूदगी उम्र ब

यूपी में महिला स्वास्थ्यकर्मी भर्ती की मुख्य परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी

यूपी में महिला स्वास्थ्यकर्मी भर्ती की मुख्य परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी

रंजीव ठाकुर May 04 2022 26593

उत्तर प्रदेश में महिला स्वास्थ्यकर्मी भर्ती की मुख्य परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। जो भी उ

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही, लाखों रुपये की दवाएं कचरे के ढ़ेर में फेंकी मिली

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही, लाखों रुपये की दवाएं कचरे के ढ़ेर में फेंकी मिली

हे.जा.स. May 19 2023 29165

पूर्वी चम्पारण में स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। ताजा मामला मुफ्त वितरण के लिए आयी द

बांस की पत्तियां सेहत के लिए है गुणकारी

बांस की पत्तियां सेहत के लिए है गुणकारी

लेख विभाग July 17 2023 37041

बांस की पत्तियों में एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-बायोटिक गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की कई

कोरोना के नए वैरिएंट से दस सालों तक लड़ेगी पूरी दुनिया।

कोरोना के नए वैरिएंट से दस सालों तक लड़ेगी पूरी दुनिया।

रंजीव ठाकुर February 11 2021 47845

युनाइटेड किंगडम के कोविड-19 जीनोमिक्स कंसोर्टियम के निदेशक शेरोन पीकॉक ने  एक रिपोर्ट में बताया कि क

मेदांता हॉस्पिटल में पहली बार, बिना चीरा लगाए मस्तिष्क सर्जरी और उन्नत रोबोटिक प्रक्रियाओं की शुरुआत

मेदांता हॉस्पिटल में पहली बार, बिना चीरा लगाए मस्तिष्क सर्जरी और उन्नत रोबोटिक प्रक्रियाओं की शुरुआत

हुज़ैफ़ा अबरार March 06 2025 79402

मेदांता लखनऊ ने हेल्थकेयर क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। अस्पताल ने बिना चीरा लगाए मस्तिष्क सर

इलेक्टा भारत में कैंसर मरीजों के लिए एडैप्टिव रेडियेशन थेरेपी के क्षेत्र में परिवर्तन ला रहा है

इलेक्टा भारत में कैंसर मरीजों के लिए एडैप्टिव रेडियेशन थेरेपी के क्षेत्र में परिवर्तन ला रहा है

हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2025 20638

इलेक्टा भारत में कैंसर मरीजों के लिए एडैप्टिव रेडियेशन थेरेपी के क्षेत्र में परिवर्तन ला रहा हैलखनऊ

मेदांता अस्पताल एंजल प्लेटिनम अवार्ड पाने वाला उत्तर प्रदेश का पहला अस्पताल बना 

मेदांता अस्पताल एंजल प्लेटिनम अवार्ड पाने वाला उत्तर प्रदेश का पहला अस्पताल बना 

हुज़ैफ़ा अबरार February 17 2022 36763

डॉ रित्विक बिहारी ने बताया कि 23 मानकों को पूरा करने पर यह अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिलता है और मेदां

गर्मियों में ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल

गर्मियों में ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल

आयशा खातून May 16 2023 50766

गर्मी में पाचन यानी डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं भी अधिक होती हैं। गर्मियों के मौसम में कैसे रखें अपनी

Login Panel