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लखनऊ। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अजय बहादुर ने धमनियों में ब्लॉक्स के ईलाज के लिए खास जानकारी दी है। उनका कहना है कि हृदय रोगियों को अपने हृदय के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए और उन्नत चिकित्सा तकनीकों के प्रति जागरूक होना चाहिए। डॉ अजय बहादुर अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल (Apollomedics Hospital) में हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) है।
उन्होंने कहा कि दिल की धमनी के रोग (treatment of blockage in the arteries) से ग्रस्त अनेक रोगियों (heart artery disease) में, अत्यधिक कैल्शिफायड कोरोनरी आर्टरी ब्लॉक्स (coronary artery blockage) होते हैं। हालांकि अत्याधुनिक तकनीक के बल पर इनमें से कुछ रोगी बायपास सर्जरी (bypass surgery) करवा सकते हैं, लेकिन विशेष कर अधिक उम्र के रोगियों में रुग्णता काफी अधिक होती है और इससे उन्हें ठीक होने में काफी समय लग जाता है।
अधिकांश रोगी खराब सामान्य स्थिति, कमजोर हड्डियों (weak bones) तथा दूसरी अन्य रुग्णताओं जैसे खराब फेफड़े (poor lungs) के कारण, सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं रहते हैं। ऐसे रोगियों के लिए रोटेशनल अथेरेक्टॉमी (Rotational atherectomy) या सामान्य शब्दों में कहा जाए तो ‘कैल्शियम को काटना’ अत्यधिक लाभकारी साबित हो सकता है।

इस तकनीक के लाभ पर प्रकाश डालते हुए, डॉ. बहादुर कहते हैं, “रोटेशनल अथेरेक्टॉमी की सहायता से हम, अधिकांश रोगियों को बायपास सर्जरी से बचा सकते हैं। अथेरेक्टॉमी में प्रयुक्त होने वाले रोटाब्लेशन उपकरण (rotablation apparatus) में हीरे के लाखों क्रिस्टलों से युक्त एक बीजकोश (बर्र) रहता है। यह बर्र प्रति मिनट 150,000 से 200,000 बार परिक्रमण करता है और कैल्शियम को ठीक उसी प्रकार काट देता है, जिस प्रकार हीरा शीशे को काटता है। कैल्शियम को एक बार हटा देने के उपरांत, स्टेंटिंग की प्रक्रिया के उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त होते हैं।“
हृदय रोगियों (Heart patients) को जोखिम के अनेक महत्वपूर्ण कारणों में से अधिक ब्लड कोलेस्ट्रॉल (high blood cholesterol) तथा ट्राइग्लिसराइड के स्तरों (triglyceride levels), उच्च रक्तचाप (high blood pressure), मधुमेह (diabetes) तथा प्रीडायबिटीज (prediabetes), मोटापा (obesity), धूम्रपान (smoking), शारीरिक क्रियाकलापों में कमी (decreased physical activity), अस्वास्थ्यकर भोजन (unhealthy diet) तथा तनाव (stress) पर विशेष नजर अवश्य बनाए रखनी चाहिए।







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