











































संयुक्त राष्ट्र द्वारा त्वचा कैंसर से बचाव के लिए बनाया गया ऐप SunSmart Global UV
जिनेवा। वैज्ञानिक तथ्य दर्शाते हैं कि पराबैंगनी विकिरण (UV radiation) के सम्पर्क में अधिक रहने से त्वचा कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने त्वचा कैंसर से बचाव के लिए मंगलवार को एक नया ऐप पेश किया है। ऐप से यह जानना सरल होगा कि घर से बाहर कितनी देर के लिये, धूप में सुरक्षित रहा जा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा त्वचा कैंसर से बचाव के लिए बनाये गए ऐप का नाम SunSmart Global UV ऐप है। इसको बनाने में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO), विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र ने साझा प्रयास किये हैं। यह ऐप ऑस्ट्रेलिया के कैंसर परिषद, विक्टोरिया और ऑस्ट्रेलियाई विकिरण रक्षा व परमाणु बचाव एजेंसी ने विकसित किया है।
प्रवक्ता कार्ला ड्रिसडेल ने बताया कि SunSmart Global UV ऐप पाँच दिन तक का UV विकिरण और मौसम सम्बन्धी पूर्वानुमान प्रदान दे सकेगा। पत्रकारों को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐप उन समय के बारे में जानकारी देता है, जहाँ धूप में सूर्य किरणों से बचाव की आवश्यकता है। इसका लक्ष्य, त्वचा कैंसर और UV के कारण आँखों को पहुँचने वाले नुक़सान में कमी लाना है। यह UV इण्डेक्स पर आधारित है।
2020 में एक लाख से अधिक मौतें
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) ने बताया कि वर्ष 2020 में विश्व भर में त्वचा कैंसर के 15 लाख से अधिक मामलों का पता चला है। इनमें मैलोनोमा और नॉन-मैलोनोमा दोनों प्रकार के कैंसर हैं।
प्रवक्ता कार्ला ड्रिसडेल ने कहा, “इसी अवधि में, दुनिया में एक लाख 20 हज़ार से अधिक लोगों की मौत, एक ऐसी बीमारी की वजह से हुई, जिसकी रोकथाम हो सकती है। इनमें दोपहर में सूरज की रोशनी में सीमित समय के लिये ही बाहर निकलना, UV किरण गहन होने के दौरान छाँव की तलाश करना, और बचाव के लिये टोपी या चश्मा पहनना व सनस्क्रीन (लोशन या क्रीम) का इस्तेमाल करना समेत अन्य उपाय शामिल हैं।
कामकाज व खेलकूद के लिये उपयोगी
विश्व मौसम विज्ञान संगठन के महासचिव पेटेरी टालास ने कहा कि इस ऐप को विकसित करने में, मौसम विज्ञान, पर्यावरणीय और स्वास्थ्य विशेषज्ञता का एक साथ इस्तेमाल किया गया है।
यह इन मायनों में एक अनूठी ऐप है चूँकि UV इण्डेक्स के लिये सटीक डेटा एकत्र करने के लिये इसमें, देशीय स्तर पर मौसम और UV मापने वाले स्टेशन का उपयोग किया गया है। विज्ञान द्वारा समाज की सेवा का यह एक शानदार उदाहरण है।
यूएन मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, साल के इन दिनों में योरोप में, उत्तरी गोलार्ध में, पराबैंगनी विकिरण अपने अधिकतम स्तर पर होता है। इसकी वजह आकाश में सूर्य की स्थिति है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा UV की मात्रा को प्रभावित करने वाले अन्य कारक भी हैं, जैसे कि ज़मीन, बादल, ओज़ोन परत इत्यादि। इसलिये इन सभी घटकों को आपस में जोड़ कर ऐप विकसित किया गया है। SunSmart Global UV ऐप, निशुल्क उपलब्ध है और इसे ऐप्पल ऐप स्टोर या गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।







हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 231
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 168
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 168
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 126
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 21
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1211
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 385
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 231
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार August 02 2026 0 168
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4998
एस. के. राणा January 20 2026 0 4949
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4851
एस. के. राणा January 13 2026 0 4627
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4529
एस. के. राणा February 01 2026 0 4305
एस. के. राणा February 04 2026 0 3983
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87043
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34938
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38104
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35609
लेख विभाग March 19 2022 0 35217
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72777
भारतीय वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि अगर मुंह के कैंसर के मरीज के 1.5 मिलीलीटर रक्त में 12 से कम कै
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 में वायु प्रदूषण के जोखिम से जुड़े स्वास्थ्य प्रभावों से जीवन के पहले
जिलाधिकारी ने अनुपस्थित डाक्टरों और कर्मचारियों का एक-एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। साथ ह
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से गठित शुल्क नियामक समिति की ओर से निजी मेडिकल कॉलेज और डेंटल कॉलेज में एमब
डॉक्टर मरीजों को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे है। इसके बावजूद मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अब हर रोज
मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान जिस तरह अलग-अलग पैथी ने एक साथ काम किया, इससे आगे भी स्वा
जानकारी के मुताबिक त्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कारपोरेशन के पास केवल तीन लाख यूनिट रिएजेंट वायरल ट्रा
NHM के महाप्रबंधक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि 2030 तक फाइलेरिया को खत्म करना है, अगर एक भी व्यक्ति छूटेगा
देश में अब उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 4,52,647 हो गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 3.80 प्रत

COMMENTS