












































लखनऊ। यूनानी डॉक्टर्स की संस्था नेशनल यूनानी डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (National Unani Doctors Welfare Association) NUDWA की लखनऊ शाखा द्वारा आयोजित, "यूनानी पद्धति विकास की ओर" शीर्षक पर एक संगोष्ठी का आयोजन चौक लखनऊ स्थित "साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर केजीएमयू" के सभागार में किया गया। जिसमें आयुष मंत्री स्वतंत्र प्रभार उत्तर प्रदेश सरकार डा दयाशंकर मिश्र "दयालु" मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर एस वसीम अख्तर (S Wasim Akhtar) संस्थापक एवं कुलाधिपति इंटीग्रल यूनिवर्सिटी (Integral University) ने की। यशभारती प्राप्त हकीम हस्सान नगरामी एवं डा अब्दुल वहीद डायरेक्टर यूनानी सेवाएं, उत्तर प्रदेश सरकार, विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस अवसर आयुष मंत्री (Minister of AYUSH) ने NUDWA द्वारा प्रदेश एवं देश के विभिन्न हिस्सों में जनहित के कार्यक्रमों के संचालन करने, विशेष रूप से कोरोना महामारी (Corona epidemic) के दौरान उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार के द्वारा चलाए गए अभियानों में आयुष विभाग के निर्देशानुसार सक्रिय सहयोग कर कार्यक्रमों को सफल बनाने में किए गए सराहनीय सहयोग हेतु NUDWA की प्रशंशा करते हुए कहा कि यूनानी चिकित्सा पद्धति हिंदुस्तान की एक प्राचीन एवं आमजन में मशहूर चिकित्सा पद्धति है और आयुष विभाग, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, एवं केंद्र सरकार के कुशल निर्देशन में यूनानी चिकित्सा (Unani medicine) के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने NUDWA द्वारा यूनानी चिकित्सकों की कतिपय समस्याओं यथा आयुष चिकिसकों (Unani doctors) के चिकित्सा प्रतिष्ठानों की जांच का कार्य यूनानी डीओ के माध्यम से कराए जाने, यूनानी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के रजिस्ट्रेशन को सरलीकृत करने, आयुष चिकिसकों को उनके शिक्षण एवं प्रशिक्षण के आधार पर आकस्मिक चिकित्सा हेतु आईवी फ्लूइड के इस्तेमाल का अधिकार दिए जाने, यूनानी संविदा शिक्षकों एवं कर्मियों के कॉन्ट्रैक्ट नवीनीकरण को सरलीकृत करने, यूनानी इंटर्न्स की स्टाइपेंड राशि को ₹7500 से बढ़ाकर ₹12000 प्रति माह करने एवं यूनानी पीजी छात्रों की रूकी हुई स्टाइपेंड राशि को नियमित रूप से जारी करने तथा यूनानी पीजी छात्रों को चिकित्सकीय अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराए जाने एवं अन्य मांगों हेतु एक ज्ञापन सौंपा जिस पर माननीय मंत्री जी ने अधिकतर मांगों पर सहमति जताते हुए सहानुभूति पूर्वक विचार कर जल्द से जल्द इन मांगों को पूरी किए जाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर NUDWA के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा सैय्यद मुईद अहमद (Dr. Syed Mueed Ahmed), महासचिव डा एस एस अशरफ, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डा अतीक अहमद, डा सलमान खालिद, डा अलाउद्दीन, डा आमिर जमाल, डा मोहम्मद रईस, डा शमशाद, डा आसिफ समेत अनेक राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं सदस्य तथा कार्यक्रम के आयोजक NUDWA लखनऊ शाखा के अध्यक्ष डा राशिद इकबाल, महामंत्री डा नाजिर अब्बास, कोषाध्यक्ष डा अहमद रजा, डा सिद्दीक, डा सैफ, डा आलिम, डा नाजिम, डा नूरूल हक, डा आदिल, डा महफूज, डा अख्तर, और अन्य कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।
इस संगोष्ठी में सभी यूनानी एवं आयुर्वेद संगठनों (Unani and Ayurveda organizations) के प्रतिनिधि , लखनऊ के सभी यूनानी कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक, यूनानी के यूजी एवं पीजी छात्र व इंटर्न्स , यूनानी रिसर्च सेंटर (Unani Research Center) के प्रतिनिधि और यूनानी फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधि समेत लखनऊ और प्रदेश के अन्य जनपदों से आए यूनानी चिकित्सकों ने हिस्सा लिया।







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