











































प्रतीकात्मक चित्र
ब्रोंकाइटिस श्वसन का प्रणाली रोग है। इसमें श्वसन प्रणाली के श्लेष्मा झिल्लियों में सूजन (Inflammation) आ जाती है। सूजन के कारण सामान्य से अधिक बलगम बनता है। साथ ही ये दीवारें इकट्ठा हुए बलगम को बाहर ढकेलने में असमर्थ हो जाती हैं। परिणाम यह होता है कि श्वास की नलियों में गाढ़े बलगम (mucus) का भयंकर जमाव हो जाता है, जो नलियों में रुकावट पैदा कर देता है। इस रुकावट की वजह से नलियों से जुड़ा हुआ फेफड़े (lung) का अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त व नष्ट होकर सिकुड़ जाता है या गुब्बारेनुमा होकर फूल जाता है। क्षतिग्रस्त भाग में स्थित फेफड़े को सप्लाई करने वाली धमनी व गिल्टी भी आकार में बड़ी हो जाती है। इन सबका मिला-जुला परिणाम यह होता है कि क्षतिग्रस्त फेफड़ा व श्वास नली अपना कार्य सुचारू रूप से नहीं कर पाते और मरीज के शरीर में तरह-तरह की जटिलताएँ पैदा हो जाती हैं।
ब्रोंकाइटिस के प्रकार - Types of Bronchitis
ब्रोंकाइटिस दो प्रकार का होता है।
1. तीव्र (Acute bronchitis)
2. दीर्घकालिक (Chronic bronchitis)
तीव्र ब्रोंकाइटिस - Acute bronchitis
इस रोग को गले के अंदर हल्की सनसनी या खाँसी महसूस होने से जाना जाता है। यह थूक के साथ या थूक के बिना हो सकता है (बलगम, जो कि श्लेष्म पथ से खांसी या खखार के साथ निकलता है)। तीव्र ब्रोंकाइटिस फेफड़ों के संक्रमण के सबसे सामान्य प्रकारों में से एक है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है।
क्रोनिक ब्रोन्काइटिस - Chronic bronchitis
जब श्वसनी की श्लेष्माकला का प्रदाह अधिक समय तक बना रहता है तथा श्वसनी में अन्य दोष उत्पन्न कर देता है तो वह दीर्घकालिक श्वसनीशोथ कहलाता है। एक प्रकार का सीओपीडी है, जिसमें खांसी शामिल है, जो कि लगातार 2 वर्षों से 3 महीने तक खांसी के साथ थूक पैदा करता है।
ब्रोंकाइटिस के लक्षण - Symptoms of Bronchitis
ब्रोंकाइटिस का मुख्य लक्षण पीले सफ़ेद गाढ़े बलगम के साथ लगातार खांसी है, हालांकि यह हमेशा मौजूद नहीं हो सकता है। ब्रोंकाइटिस के अन्य लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
ब्रोंकाइटिस के कारण - Causes of Bronchitis
ब्रोंकाइटिस वायरस या बैक्टीरिया के कारण हो सकता है, हालांकि वायरल ब्रोन्काइटिस बेहद सामान्य है। ज्यादातर मामलों में ब्रोंकाइटिस, सामान्य सर्दी या इन्फ्लूएंजा (Flu) होने वाले वायरस के कारण होता है।
ब्रॉन्काइटिस का कारण परेशानी उत्पन्न करने वाले पदार्थ जैसे कि धुंध/कोहरा, घरेलू उत्पाद या तंबाकू-धूम्रपान हो सकता है। हालांकि, क्रोनिक (दीर्घकालिक) ब्रोन्काइटिस का प्रमुख कारण धूम्रपान है तथा यह धूम्रपान करने वाले लोगों को प्रभावित करता है एवं यह उनके साथ-साथ निष्क्रिय धूम्रपान (smoking) करने वालों को भी प्रभावित करता हैं।
ब्रॉन्काइटिस का निदान - Diagnosis of bronchitis
जब खांसी जैसे लक्षण दो सप्ताह से अधिक समय तक रहते है तब किसी व्यक्ति को चिकित्सक से अवश्य मिलना चाहिए। चिकित्सक निम्न जाँचें कर सकतें हैं।
छाती का एक्स - रे - chest X-ray
छाती का एक्स-रे यह निर्धारित करने में मदद कर सकता है कि क्या आपको निमोनिया है या कोई अन्य स्थिति जो आपकी खांसी की व्याख्या कर सकती है। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है यदि आप कभी धूम्रपान करने वाले थे या वर्तमान में हैं।
थूक परीक्षण - sputum test
थूक वह बलगम है जिसे आप अपने फेफड़ों से खांसते हैं। यह देखने के लिए परीक्षण किया जा सकता है कि क्या आपको ऐसी बीमारियां हैं जिन्हें एंटीबायोटिक दवाओं से मदद मिल सकती है। एलर्जी के लक्षणों के लिए भी थूक का परीक्षण किया जा सकता है।
पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट - Pulmonary function test
पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट के दौरान, आप एक स्पाइरोमीटर नामक उपकरण में फूंक मारते हैं, जो मापता है कि आपके फेफड़े कितनी हवा को पकड़ सकते हैं और कितनी जल्दी आप अपने फेफड़ों से हवा निकाल सकते हैं। यह परीक्षण अस्थमा या वातस्फीति के लक्षणों की जाँच करता है।
ब्रोंकाइटिस का प्रबंधन - Management of bronchitis
एक्यूट ब्रोंकाइटिस के लिए:
क्रोनिक ब्रोन्काइटिस के लिए:
क्रोनिक अवरोधक फुफ्फुसीय रोग (COPD) का कोई उपचार नहीं है, लेकिन रोग का प्रबंधन स्थिति की प्रगति को धीमा कर सकता है तथा लक्षणों को कम कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है, तो सीओपीडी को तुरंत गंभीर होने से रोकने का सबसे बेहतर उपाय धूम्रपान बंद करना है तथा जिससे फेफड़ों को आगे होने वाले नुकसान से बचाना है।
ब्रोंकाइटिस का रोकथाम - Prevention of bronchitis
ब्रोंकाइटिस से बचने का सबसे बेहत्तर उपाय निम्नलिखित को अपनाना है:
ब्रॉन्काइटिस का इलाज - Bronchitis treatment
ब्रॉन्काइटिस का इलाज केवल प्रशिक्षित डॉक्टर से ही करें।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 399
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4641
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4585
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3752
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34714
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72455
हमारे होंठों को अत्यधिक देखभाल की आवश्यकता होती है और उनकी देखभाल करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना क
मंडलायुक्त डॉ0 रोशन जैकब की अध्यक्षता में डेंगू /वेक्टर जनित रोगों के रोकथाम के संबंध में संबंधित अध
करीब 70 लाख खुराक एशिया में भारत, नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान, मालदीव, मलेशि
देश में 3,403 और लोगों की वायरस के संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 3,63,079 हो गई। उपचाराधीन
केसर पानी का सेवन वजन को घटाने में मददगार माना जाता है। इतना नहीं इससे पाचन को बेहतर करने और मेटाबॉल
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को यह फैसला किया कि अब देश में रहने वाले विदेशी भी
कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन को फैलने से रोकने के लिए ब्रिटेन से आने-जाने वाले विमानों पर 7 जनवरी तक
देश में लगातार कोरोना वायरस के मामले कम हो रहे हैं। वहीं टीकाकरण अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत
आदिकाल से यह मानना है कि स्वच्छ रहने से स्वच्छ जीवन रहता है।जीवाणु गंदगी से पनपते हैं। स्वच्छ नहीं
यदि आप या आपके घर में कोई वायरल से पीड़ित हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं हैं क्योंकि होम्योपैथी में

COMMENTS