देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

ब्रॉन्काइटिस: समझे लक्षण, कारण, निदान और प्रबंधन

ब्रोंकाइटिस का मुख्य लक्षण पीले सफ़ेद गाढ़े बलगम के साथ लगातार खांसी है, हालांकि यह हमेशा मौजूद नहीं हो सकता है। श्वास की नलियों में गाढ़े बलगम का भयंकर जमाव हो जाता है, जो नलियों में रुकावट पैदा कर देता है।

लेख विभाग
June 05 2022 Updated: June 06 2022 11:00
0 43135
ब्रॉन्काइटिस: समझे लक्षण, कारण, निदान और प्रबंधन प्रतीकात्मक चित्र

ब्रोंकाइटिस श्वसन का प्रणाली रोग है। इसमें श्वसन प्रणाली के श्लेष्मा झिल्लियों में  सूजन (Inflammation) आ जाती है। सूजन के कारण सामान्य से अधिक बलगम बनता है। साथ ही ये दीवारें इकट्ठा हुए बलगम को बाहर ढकेलने में असमर्थ हो जाती हैं। परिणाम यह होता है कि श्वास की नलियों में गाढ़े बलगम (mucus) का भयंकर जमाव हो जाता है, जो नलियों में रुकावट पैदा कर देता है। इस रुकावट की वजह से नलियों से जुड़ा हुआ फेफड़े (lung) का अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त व नष्ट होकर सिकुड़ जाता है या गुब्बारेनुमा होकर फूल जाता है। क्षतिग्रस्त भाग में स्थित फेफड़े को सप्लाई करने वाली धमनी व गिल्टी भी आकार में बड़ी हो जाती है। इन सबका मिला-जुला परिणाम यह होता है कि क्षतिग्रस्त फेफड़ा व श्वास नली अपना कार्य सुचारू रूप से नहीं कर पाते और मरीज के शरीर में तरह-तरह की जटिलताएँ पैदा हो जाती हैं।

 

ब्रोंकाइटिस के प्रकार - Types of Bronchitis

ब्रोंकाइटिस दो प्रकार का होता है।

1. तीव्र (Acute bronchitis)

2. दीर्घकालिक (Chronic bronchitis)

तीव्र ब्रोंकाइटिस - Acute bronchitis

इस रोग को गले के अंदर हल्की सनसनी या खाँसी महसूस होने से जाना जाता है। यह थूक के साथ या थूक के बिना हो सकता है (बलगम, जो कि श्लेष्म पथ से खांसी या खखार के साथ निकलता है)। तीव्र ब्रोंकाइटिस फेफड़ों के संक्रमण के सबसे सामान्य प्रकारों में से एक है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है।

क्रोनिक ब्रोन्काइटिस - Chronic bronchitis

जब श्वसनी की श्लेष्माकला का प्रदाह अधिक समय तक बना रहता है तथा श्वसनी में अन्य दोष उत्पन्न कर देता है तो वह दीर्घकालिक श्वसनीशोथ कहलाता है। एक प्रकार का सीओपीडी है, जिसमें खांसी शामिल है, जो कि लगातार 2 वर्षों से 3 महीने तक खांसी के साथ थूक पैदा करता है।

 

ब्रोंकाइटिस के लक्षण - Symptoms of Bronchitis

ब्रोंकाइटिस का मुख्य लक्षण पीले सफ़ेद गाढ़े बलगम के साथ लगातार खांसी है, हालांकि यह हमेशा मौजूद नहीं हो सकता है। ब्रोंकाइटिस के अन्य लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • सीने में जकड़न महसूस होना
  • सांस लेने में तकलीफ़
  • साँस की घरघराहट
  • गले में दर्द
  • हल्का बुख़ार और ठंड लगना
  • सिरदर्द
  • नाक बंद होना और साइनस
  • शारीरिक पीड़ा और दर्द

 

ब्रोंकाइटिस के कारण - Causes of Bronchitis

ब्रोंकाइटिस वायरस या बैक्टीरिया के कारण हो सकता है, हालांकि वायरल ब्रोन्काइटिस बेहद सामान्य है। ज्यादातर मामलों में ब्रोंकाइटिस, सामान्य सर्दी या इन्फ्लूएंजा (Flu) होने वाले वायरस के कारण होता है।

ब्रॉन्काइटिस का कारण परेशानी उत्पन्न करने वाले पदार्थ जैसे कि धुंध/कोहरा, घरेलू उत्पाद या तंबाकू-धूम्रपान हो सकता है। हालांकि, क्रोनिक (दीर्घकालिक) ब्रोन्काइटिस का प्रमुख कारण धूम्रपान है तथा यह धूम्रपान करने वाले लोगों को प्रभावित करता है एवं यह उनके साथ-साथ निष्क्रिय धूम्रपान (smoking) करने वालों को भी प्रभावित करता हैं।

 

ब्रॉन्काइटिस का निदान - Diagnosis of bronchitis

जब खांसी जैसे लक्षण दो सप्ताह से अधिक समय तक रहते है तब किसी व्यक्ति को चिकित्सक से अवश्य मिलना चाहिए। चिकित्सक निम्न जाँचें कर सकतें हैं।

छाती का एक्स - रे - chest X-ray

छाती का एक्स-रे यह निर्धारित करने में मदद कर सकता है कि क्या आपको निमोनिया है या कोई अन्य स्थिति जो आपकी खांसी की व्याख्या कर सकती है। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है यदि आप कभी धूम्रपान करने वाले थे या वर्तमान में हैं।

थूक परीक्षण - sputum test

थूक वह बलगम है जिसे आप अपने फेफड़ों से खांसते हैं। यह देखने के लिए परीक्षण किया जा सकता है कि क्या आपको ऐसी बीमारियां हैं जिन्हें एंटीबायोटिक दवाओं से मदद मिल सकती है। एलर्जी के लक्षणों के लिए भी थूक का परीक्षण किया जा सकता है।

पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट - Pulmonary function test

पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट के दौरान, आप एक स्पाइरोमीटर नामक उपकरण में फूंक मारते हैं, जो मापता है कि आपके फेफड़े कितनी हवा को पकड़ सकते हैं और कितनी जल्दी आप अपने फेफड़ों से हवा निकाल सकते हैं। यह परीक्षण अस्थमा या वातस्फीति के लक्षणों की जाँच करता है।

 

ब्रोंकाइटिस का प्रबंधन - Management of bronchitis

एक्यूट ब्रोंकाइटिस के लिए:

  • आराम करें।
  • अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पीएं।
  • सिरदर्द और शरीर के दर्द को दर्द निवारक दवाओं से उपचारित किया जा सकता है।
  • धूम्रपान छोड़ें या परेशान करने वाली चीजों को साँस के माध्यम से लेने से बचें।

क्रोनिक ब्रोन्काइटिस के लिए:

क्रोनिक अवरोधक फुफ्फुसीय रोग (COPD) का कोई उपचार नहीं है, लेकिन रोग का प्रबंधन स्थिति की प्रगति को धीमा कर सकता है तथा लक्षणों को कम कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है, तो सीओपीडी को तुरंत गंभीर होने से रोकने का सबसे बेहतर उपाय धूम्रपान बंद करना है तथा जिससे फेफड़ों को आगे होने वाले नुकसान से बचाना है।

 

ब्रोंकाइटिस का रोकथाम - Prevention of bronchitis

ब्रोंकाइटिस से बचने का सबसे बेहत्तर उपाय निम्नलिखित को अपनाना है:

  • धूम्रपान से बचें।
  • निष्क्रिय धूम्रपान के ज़ोखिम से बचें।
  • अच्छी तरह से हाथ धोने की पद्यति अपनाएं।
  • बच्चों को उचित और अनुशंसित टीकाकरण दिलाएं।

 

ब्रॉन्काइटिस का इलाज - Bronchitis treatment

ब्रॉन्काइटिस का इलाज केवल प्रशिक्षित डॉक्टर से ही करें। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

चंदौली में डेंगू को लेकर प्रशासन अलर्ट

चंदौली में डेंगू को लेकर प्रशासन अलर्ट

आरती तिवारी November 28 2022 23785

जिला मलेरिया अधिकारी पीके शुक्ला ने कहा कि डेंगू के बढ़ते प्रकोप को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। इ

12 से 18 साल के बच्चों के लिए आया नया टीका, कोर्बिवैक्स

12 से 18 साल के बच्चों के लिए आया नया टीका, कोर्बिवैक्स

एस. के. राणा February 15 2022 30816

केंद्र सरकार को कोर्बिवैक्स टीके की पहली खेप आज मिल जाएगी। इसके साथ ही अब 12 से 18 साल के बच्चों के

अपोलो हॉस्पिटल्स ने

अपोलो हॉस्पिटल्स ने 'कैंसर योद्धाओं' को सम्मानित करने के लिए ''उमंग- सेलिब्रेशन ऑफ़ लाइफ़’' का आयोजन किया

हुज़ैफ़ा अबरार February 02 2026 3339

‘उमंग’ के माध्यम से अपोलो हॉस्पिटल्स लखनऊ ने एक बार फिर यह दोहराया कि यहां कैंसर के इलाज में बेहतरीन

मोबाइल और कंप्यूटर पर ज़्यादा समय देने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा

मोबाइल और कंप्यूटर पर ज़्यादा समय देने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा

लेख विभाग February 24 2022 38844

वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लासेज जैसी आदतों के ऐसे दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं जिसके कारण लोगों में क

डीएम ने किया जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण, मचा हड़कंप

डीएम ने किया जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण, मचा हड़कंप

आरती तिवारी September 29 2022 31798

बागपत डीएम राजकमल यादव ने बुधवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओप

मोबाइल के अधिक इस्तेमाल से बच्चों की एकाग्रता में आ रही कमी: मानसिक रोग चिकित्सक

मोबाइल के अधिक इस्तेमाल से बच्चों की एकाग्रता में आ रही कमी: मानसिक रोग चिकित्सक

रंजीव ठाकुर August 15 2022 58850

आज के दौर में बच्चे मोबाइल में गेम खेलने या यूट्यूब देखने में व्यस्त रहते हैं इससे समाज में बच्चों क

लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले, बीते 24 घंटों में  3,688 लोग हुए संक्रमित 

लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले, बीते 24 घंटों में  3,688 लोग हुए संक्रमित 

एस. के. राणा April 30 2022 31953

देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 18,684 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.04 प्रतिशत

प्राणायाम से फेफड़ों में ऑक्सीजन कैरिंग कैपेसिटी बढ़ती है।

प्राणायाम से फेफड़ों में ऑक्सीजन कैरिंग कैपेसिटी बढ़ती है।

हुज़ैफ़ा अबरार June 22 2021 33867

प्राणायाम जरूर करिए क्योंकि यह फेफड़ों में आक्सीजन संग्रह करने की क्षमता को बढ़ाता है,हमारी श्वांस क

लखनऊ के अर्जुनगंज में मिले डेंगू के मरीज़, फॉगिंग और एंटीलार्वा छिड़काव की खुली पोल

लखनऊ के अर्जुनगंज में मिले डेंगू के मरीज़, फॉगिंग और एंटीलार्वा छिड़काव की खुली पोल

श्वेता सिंह November 09 2022 28424

डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में नगर निगम ज़ोन 4 फेल साबित हो चुका है लेकिन नगर निगम ज़ोन 4 में अ

भारत में बढ़ रही है मानसिक रोगियों की संख्या

भारत में बढ़ रही है मानसिक रोगियों की संख्या

लेख विभाग October 10 2022 47888

मानसिक रोगियों की इतनी बड़ी संख्या के बावजूद भी अब तक भारत में इसे एक रोग के रूप में पहचान नहीं मिल प

Login Panel