देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

एनीमिया: लक्षण, कारण, निदान, प्रबंधन और जटिलताएँ

एनीमिया का सबसे सामान्य कारण आयरन-डिफिशन्सी एनीमिया अर्थात् खून की कमी होता है। खून की कमी का आधार अल्पावधि या दीर्घावधि स्थितियां हो सकती है। पाचन या मूत्र मार्ग में खून बहना हो सकता है।

लेख विभाग
June 05 2022 Updated: June 05 2022 01:12
0 47890
एनीमिया: लक्षण, कारण, निदान, प्रबंधन और जटिलताएँ

एनीमिया में शरीर की लाल रक्त कोशिकाओं का स्तर सामान्य से कम या हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है। सभी व्यक्तियों में इसका स्तर भिन्न-भिन्न हो सकता है। सामान्य तौर पर यह स्तर निम्न प्रकार से होता है:

पुरुष: 13.8  से 17.2  ग्राम/डीएल।

महिला: 12.1 से 15.1 ग्राम/डीएल।

एनीमिया के लक्षण - Symptoms of anemia

  • थकान
  • कमजोरी
  • सांस की तकलीफ़
  • चक्कर आना
  • सिरदर्द
  • हाथों और पैरों में ठंड लगना।
  • त्वचा का पीलापन
  • सीने में दर्द

 

एनीमिया के प्रमुख कारण - Major causes of anemia

  1. खून की कमी,
  2. लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में कमी और
  3. लाल रक्त कोशिकाओं के विनाश की उच्च दर

1. खून की कमी -  Loss of blood

एनीमिया का सबसे सामान्य कारण आयरन-डिफिशन्सी एनीमिया अर्थात् खून की कमी होता है। खून की कमी का आधार अल्पावधि या दीर्घावधि स्थितियां हो सकती है। पाचन या मूत्र मार्ग में खून बहना हो सकता है। खून की कमी का कारण सर्जरी, आघात या कैंसर भी हो सकते है। अत्यधिक मासिक धर्म के कारण भी खून की कमी हो सकती है। यदि शरीर का अत्यधिक खून नष्ट हो जाता है, तो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी के कारण एनीमिया हो सकता है।

2. लाल रक्त कोशिका के उत्पादन में कमी - Decreased production of RBCs

यह “एक्वायर्ड (किसी बीमारी के कारण खून की कमी) या वंशागत विकार के कारण हो सकता है। एक्वायर्ड स्थितियों और कारकों के कारण एनीमिया के लिए उत्तदायी निम्नलिखित स्थितियां हो सकती हैं:

  • अस्वस्थ्य आहार।
  • हार्मोन्स का असामान्य स्तर।
  • क्रोनिक बीमारियां।
  • गर्भावस्था।
  • अप्लास्टिक अनीमिया शरीर को पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करने से रोकता है। इस रोग में एक्वायर्ड (किसी बीमारी के कारण खून की कमी) या वंशागत विकार दोनों स्थिति हो सकती है।

3. लाल रक्त कोशिकाओं के विनाश की उच्च दर - High rate of destruction of red blood cells

लाल रक्त कोशिकाओं के विनाश का कारण कुछ कारक हो सकते है। एनीमिया का एक उत्तरदायी कारक तिल्ली का बढ़ना या तिल्ली की बीमारी भी हो सकता है। यह एनीमिया की एक्वायर्ड (किसी बीमारी के कारण खून की कमी) स्थिति होती है। वंशागत विकार की स्थिति बहुत सारी लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं। इसके द्वारा सिकल सेल एनीमिया, थैलीसीमीया तथा कुछ एंजाइमों की कमी हो सकती है। यह स्थितियां लाल रक्त कोशिकाओं में दोष पैदा कर सकती है। इसके कारण स्वस्थ्य लाल रक्त कोशिकाओं की तुलना में बीमार लाल रक्त कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं।

एनीमिया की “हीमोलाइटिक एनीमिया” स्थिति शरीर की लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। एक्वायर्ड (किसी बीमारी के कारण खून की कमी) या वंशागत विकार अथवा अन्य कारक एनीमिया को पैदा करने का कारण हो सकते हैं। उदहारण के लिए इसमें प्रतिरक्षा विकार, संक्रमण, कुछ दवाएं, या रक्ताधान से उत्पन्न होने वाली प्रतिक्रियाएं शामिल हैं।

 

चिकित्सा का इतिहास - Medical history 

संकेत और लक्षण जैसे कि कमज़ोरी, बेचैनी या शरीर में दर्द हो सकते हैं।

रक्त परीक्षण (Blood test): हीमोग्लोबिन के स्तर के लिए जाँच (हीमोग्लोबिन एक प्रोटीन है, जो कि ऑक्सीजन को संपूर्ण शरीर में लेकर जाता हैं)। लाल रक्त कोशिकाओं का सामान्य की तुलना में कम (हीमोग्लोबिन का कम बनना) होना।

शारीरिक परीक्षण (Physical examination): रैपिड या अनियमित हृदय की धड़कन। रैपिड या अनियमित श्वास। तिल्ली या लीवर (यकृत) का बढ़ना।

पूर्ण रक्त गणना (Complete blood count): आमतौर पर एसीबीसी परीक्षण रक्त कोशिकाओं की संख्या पता लगाने के लिए किया जाता है। एनीमिया की जांच के लिए चिकित्सक रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं (हिमाटोक्रिट) और हीमोग्लोबिन के स्तर को देखेंगा। सामान्य वयस्कों में हिमाटोक्रिट का मूल्य एक चिकित्सा पद्धति से दूसरी चिकित्सा पद्धति में भिन्न हो सकता है, लेकिन आमतौर पर यह पुरुषों के बीच अड़तीस दशमलव आठ से पचास प्रतिशत और महिलाओं के बीच चौंतीस दशमलव नौ से चवालीस दशमलव पांच प्रतिशत होता है।

यह परीक्षण लाल रक्त कोशिकाओं के आकार और आकृति का निर्धारण करता है: कुछ लाल रक्त कोशिकाओं की जांच असामान्य आकार, आकृति और रंग के लिए भी की जा सकती है। यह निदान करने में सहायता करता है। उदाहरण के लिए, आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया में रक्त कोशिकाएं सामान्य रक्त कोशिकाओं की तुलना में छोटी और पीली हो जाती है। विटामिन की कमी से होने वाले एनीमिया में रक्त कोशिकाएं सामान्य रक्त कोशिकाओं की तुलना में बढ़ जाती है या कम हो जाती है।

 

एनीमिया का प्रबंधन – Management of Anaemia

आयरन की ख़ुराक: सबसे ज़्यादा आयरन की प्रस्तावित परिपूरक ख़ुराक फेरस सल्फेट है, जिसका सेवन मौखिक तौर पर दिन में दो या तीन बार किया जा सकता है।

पूरक आहार: आयरन युक्त खाद्य पदार्थों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • गहरी हरी पत्तेदार सब्जियां, जैसे कि पालक।
  • आयरन युक्त अनाज। 
  • साबुत अनाजों जैसे कि ब्राउन चावल।
  • फलियां।
  • मेवा।
  • मांस।
  • खुबानी।

 

जटिलताएँ - Complications

आयरन न्यूनता एनीमिया के कारण किसी भी तरह की गंभीर या दीर्घकालिक जटिलताओं को कभी-कभार ही पाया जाता है। हालांकि, कुछ जटिलताओं की सूची नीचे दी गई हैं:

थकानआयरन न्यूनता एनीमिया व्यक्ति में थकावट और आलस (उर्जा में कमी) को विकसित कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति की रचनात्मकता और कार्य करने की सक्रियता में कमी आती है। 

प्रतिरक्षा प्रणालीआयरन न्यूनता एनीमिया व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली (शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली) को प्रभावित कर सकता हैं, जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति बीमारी और संक्रमण के प्रति अतिसंवेदनशील हो जाता है।

हृदय और फेफड़ों की जटिलताएँगंभीर एनीमिया से पीड़ित वयस्कों में जटिलताएँ विकसित होने का ज़ोखिम हो सकता है, जो कि उनके हृदय या फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है। उदाहरण के लिए-

  • टैकीकार्डिया (असामान्य रूप से हृदय की धड़कन तेज़ चलना)
  • जब आपका हृदय आपके शरीर के चारों ओर खून का पंप अति कुशलता से नहीं करता है, तब हृदय विफल हो जाता है।

गर्भावस्थागंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं में प्रसव के दौरान और बच्चे के जन्म के बाद एनीमिया की जटिलताएँ विकसित होने का ज़ोखिम बढ़ जाता है। उनमें प्रसव के बाद किसी भी तरह का अवसाद (कुछ महिलाओं को बच्चा होने के बाद अवसाद महसूस) विकसित हो सकता हैं।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

आंखें फड़फड़ाना अपशगुन नहीं, इलाज ज़रूरी।

आंखें फड़फड़ाना अपशगुन नहीं, इलाज ज़रूरी।

लेख विभाग January 04 2021 33461

आंख फड़फड़ाने का सीधा संबंध उसकी मांसपेशियों से है। अगर लंबे समय से ऐसा हो रहा है, तो एक बार आंखों क

बालों की सुंदरता के लिए खाने में जरूर शामिल करें ये चीजें

बालों की सुंदरता के लिए खाने में जरूर शामिल करें ये चीजें

श्वेता सिंह October 16 2022 101071

अंडों में बहुत सारा प्रोटीन पाया जाता है। अंडा खाने तथा लगाने दोनों में उपयोग कर सकते है। अंडा लगान

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की पहल पर सेनेटरी नैपकिन बना आत्मनिर्भरता का माध्यम ।

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की पहल पर सेनेटरी नैपकिन बना आत्मनिर्भरता का माध्यम ।

हे.जा.स. January 01 2021 20741

सफल नाम से नैपकिन बनाकर इन महिलाओं ने तीन माह में ही अपने उत्पाद की साख बना ली है। इससे आकर्षित होकर

डा.सूर्यकान्त एशियन पेसिफिक सोसाइटी ऑफ रेस्पिरोलोजी फेलोशिप के लिए चुने गए।

डा.सूर्यकान्त एशियन पेसिफिक सोसाइटी ऑफ रेस्पिरोलोजी फेलोशिप के लिए चुने गए।

हुज़ैफ़ा अबरार July 24 2021 31785

डा. सूर्यकान्त की विशेषज्ञता व सार्वजानिक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में ईमानदार प्रयासों का आकलन करन

ठंड के मौसम में स्किन हो गई है ड्राई तो चेहरे पर लगाएं आंवला फेस पैक

ठंड के मौसम में स्किन हो गई है ड्राई तो चेहरे पर लगाएं आंवला फेस पैक

श्वेता सिंह November 10 2022 159079

आंवला में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। ये आंखों की रोशनी के लिए बेहतरीन है वहीं ये स्कि

लोकबंधु अस्पताल में दूसरे ऑक्सीजन प्लांट के साथ बढ़ गई ये सुविधाएं

रंजीव ठाकुर August 30 2022 31202

लोकबंधु अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक डॉ अजय शंकर त्रिपाठी का स्थानांतरण रद्द होते ही विकास कार्यों न

चमकदार त्वचा के ल‍िए प्रयोग करें पपीते का तेल

चमकदार त्वचा के ल‍िए प्रयोग करें पपीते का तेल

श्वेता सिंह September 18 2022 33279

इसके बीजों से तेल निकाला जाता है और यह तेल स्किन की लगभग सभी समस्याओं को दूर करने में मददगार साबित ह

ब्लैक फंगस के प्रसार को रोकने के लिए प्रदेश सरकार बना रही रणनीति।

ब्लैक फंगस के प्रसार को रोकने के लिए प्रदेश सरकार बना रही रणनीति।

हुज़ैफ़ा अबरार May 14 2021 29684

प्रयास है कि यह कम से कम मरीजों को प्रभावित करें। इलाज और जांच के साथ ही प्रभावित हो चुके मरीजों को

क्वीनमेरी अस्पताल में आश्रय पालन स्थल का शुभारंभ

क्वीनमेरी अस्पताल में आश्रय पालन स्थल का शुभारंभ

आरती तिवारी June 28 2023 32659

क्वीनमेरी हॉस्पिटल में आश्रय पालन स्थल का यूपी के डिप्टी सीएम औऱ स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने शु

आयुर्वेद कॉलेज की ओपीडी में हुआ सुवर्णप्राशन संस्कार

आयुर्वेद कॉलेज की ओपीडी में हुआ सुवर्णप्राशन संस्कार

आनंद सिंह June 27 2025 19422

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के गुरु गोरखनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (आयुर

Login Panel