












































प्रतीकात्मक चित्र
न्यूयॉर्क। पृथ्वी ही हमारा एक मात्र घर है। पृथ्वी की प्राकृतिक प्रणाली, हमारी बढ़ती मांगों को पूरा नहीं कर सकती है। ये बहुत आवश्यक है कि हम पृथ्वी के वातावरण, जीवन की विविधता, इसकी पारिस्थितिकी और इसके सीमित संसाधनों की हिफ़ाज़त करें। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के अवसर पर उक्त उदगार व्यक्त किये।
यूएन प्रमुख (UN chief) ने आगाह करते हुए कहा कि हम अपनी अरक्षणीय जीवन शैलियों के लिये पृथ्वी से बहुत ज़्यादा की मांग व अपेक्षा कर रहे हैं। साथ ही ध्यान भी दिलाया कि इससे ना केवल पृथ्वी (Earth), बल्कि इस पर रहने वाले निवासी भी आहत होते हैं।
उन्होंने बताया कि दुनिया भर में बढ़ते पर्यावरणीय मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिये वर्ष 1973 से विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता रहा है। इस दिन पृथ्वी पर मौजूद विषैले रसायन (toxic chemicals), प्रदूषण (pollution), वन उन्मूलन (forest eradication) और बढ़ते वैश्विक तापमान (rising global temperature) पर जन-जागरूकता फैलाया जाता है।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा समय बीतने के साथ विश्व पर्यावरण दिवस ने एक वैश्विक कार्रवाई मंच का रूप धारण कर लिया है। जन-जागरूकता के प्रभाव से उपभोक्ता आदतों में बदलाव लाने में मदद मिल रही है और राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय पर्यावरण नीतियों में बदलाव सम्भव हो रहा है।
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश (Antonio Guterres) ने याद दिलाया कि भोजन, स्वच्छ जल, औषधियाँ, जलवायु नियमन (climate regulation) और अत्यन्त चरम मौसम की घटनाओं से सुरक्षा मुहैया कराने के लिये एक स्वस्थ पर्यावरण (healthy environment), लोगों व टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये अनिवार्य है।
उन्होंने ध्यान दिलाते हुए कहा कि ये बहुत अहम है कि हम प्रकृति का प्रबन्धन बुद्धिमानी के साथ करें और इसकी सेवाओं की समान उपलब्धता सुनिश्चित करें, विशेष रूप से बेहद निर्बल हालात वाले लोगों व समुदायों के लिये।
यूएन प्रमुख के अनुसार, दुनिया भर में तीन अरब से भी ज़्यादा लोग, ख़राब हो चुकी पारिस्थितिकी प्रणालियों (ecosystems) से प्रभावित हैं। प्रदूषण के कारण हर साल लगभग 90 लाख लोगों की समय पूर्व ही मौत हो जाती है। ख़राब हो चुकी पारिस्थितिकी प्रणालियों से पृथ्वी पर दस लाख से ज़्यादा वनस्पतियों (plants) व पशु प्रजातियों (animal species) के विलुप्त हो जाने का खतरा है। ऐसा अनुमान है कि वर्ष 2050 तक, 20 करोड़ से ज़्यादा लोग हर साल जलवायु व्यवधान के कारण, विस्थापन (displacement) का जोखिम झेलेंगें।
ख़तरे की घण्टी
यूएन प्रमुख ने कहा कि 50 वर्ष पहले जब विश्व के नेता, मानव पर्यावरण पर यूएन सम्मेलन में एकत्र हुए थे, तो उन्होंने पृथ्वी के संरक्षण के लिये प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। लेकिन हम कामयाबी हासिल करने से बहुत दूर हैं। पृथ्वी के पर्यावरण पर बढ़ते खतरे की अब और ज़्यादा अनदेखी नहीं की जा सकती।
हाल के स्टॉकहोम +50 पर्यावरण सम्मेलन में दोहराया गया है कि सभी 17 टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति, एक स्वस्थ ग्रह पर निर्भर है जिसके लिये, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जैव-विविधता हानि के तिहरे संकटों को टालना होगा।
यूएन महासचिव ने देशों की सरकारों को याद दिलाया कि वो ऐसे नीति निर्माण के माध्यम से, जलवायु कार्रवाई और पर्यावरणीय संरक्षण को प्राथमिकता पर रखें, जिनसे टिकाऊ प्रगति को प्रोत्साहन मिले।







हुज़ैफ़ा अबरार August 24 2026 0 91
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8071
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1967
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1715
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 1589
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8071
एस. के. राणा January 20 2026 0 5292
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5180
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5082
एस. के. राणा February 01 2026 0 4907
एस. के. राणा January 13 2026 0 4788
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4753
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87197
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35169
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38279
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35770
लेख विभाग March 19 2022 0 35399
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73015
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह बीमारी मच्छर के काटने से होती है। मच्छर के काटने से अचानक तेज बुखार
कोविड महामारी से मुकाबला समानता व निष्पक्षता से किया जाए। यह महामारी पूरी दुनिया में बीते दो सालों स
इस पाठ्यक्रम में 116 नव कमीशन अधिकारी शामिल थे, जिनमें त्रि-सेवा प्रतिनिधित्व के साथ 30 महिला सैन्य
अपने बालों को जैतून का तेल लगाकर डीप कंडिशनिंग उपचार दें और बालों को शावर कैप से ढ़क लें, और इसे कुछ
सफल चिकित्सक बनने के लिए केवल चिकित्सकीय ज्ञान ही नहीं बल्कि मरीज की बात ध्यानपूर्वक सुनना उसकी भावन
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने लिखा, "एक ब्यूटी पार्लर में अपने बालों को शैम्पू से धोने के दौरान म
सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु राजभवन में किशोरियों के वैक्सीनेशन का तीसरा कैम्प आयोजित हुआ। प्रमुख स
एक तरफ तो प्रदेश में डेंगू, डायरिया, मलेरिया के साथ मंकी पॉक्स, टोमैटो फ्लू जैसे रोग फैले हुए है वही
संक्रमितों की कुल संख्या 4,46,04,463 तक पहुँच गयी है। देश में सक्रिय मरीजों की संख्या 32,282 हो गई
टीबी मरीज जब भी घर के सदस्यों से मिलें तो कोविड प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें | दवाओं के साथ–साथ ही प

COMMENTS