देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

शिक्षा

मेडिकल की पढ़ाई के लिए भारतीय छात्र क्‍यों जाते हैं यूक्रेन

यूक्रेन में बड़ी संख्‍या में भारतीय स्‍टूडेंट्स एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। भारत के मुकाबले यूक्रेन में एमबीबीएस करना ज्‍यादा सुविधाजनक और सस्ता है। इसकी दुनियाभर में मान्‍यता है।

अखण्ड प्रताप सिंह
February 27 2022 Updated: February 28 2022 00:19
0 35009
मेडिकल की पढ़ाई के लिए भारतीय छात्र क्‍यों जाते हैं यूक्रेन प्रतीकात्मक

यूक्रेन के हालातों के बीच सैकड़ों भारतीय वहां फंस हुए हैं। इनमें ऐसे भारतीयों की संख्‍या भी काफी ज्‍यादा है जो यूक्रेन डॉक्‍टरी की पढ़ाई के लिए पहुंचे थे। यूक्रेन के शिक्षा और विज्ञान मंत्रालय के मुताबिक, वहां 18,095 भारतीय स्‍टूडेंट्स फंसे हुए हैं। इनमें से बड़ी संख्‍या में स्‍टूडेंट्स हरियाणा (Haryana) और पंजाब (Punjab) के हैं। विशेषज्ञों का कहना है, यूक्रेन में बड़ी संख्‍या में भारतीय स्‍टूडेंट्स एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। भारत के मुकाबले यूक्रेन में एमबीबीएस करना ज्‍यादा सुविधाजनक है।  

भारतीय स्‍टूडेंट्स मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन क्‍यों पहुंचते हैं और उन्‍हें किस तरह से फायदा मिलता है, जानिए इसकी बड़ी वजह…

भारत में एमबीबीएस की सीटें कम - Less MBBS seats in India

एमबीबीएस करने वाले एक स्‍टूडेंट का कहना है, भारत में एमबीबीएस के लिए जितनी भी सीटें हैं उससे कई गुना अध‍िक स्‍टूडेंट्स नीट परीक्षा में बैठते हैं। सीटों की कमी के कारण जो स्‍टूडेंट्स यहां दाखिला नहीं ले पाते हैं उनके पास यूक्रेन का विकल्‍प रहता है। यूक्रेन से एमबीबीएस करने वाले ऐसे स्‍टूडेंट्स की संख्‍या भी कम नहीं है। 

भारत के मुकाबले पढ़ाई सस्‍ती - Education is economical than India

भारत के प्राइवेट संस्‍थानों में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए सालाना 10 से 12 लाख रुपये फीस ली जाती है। करीब 5 साल तक एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए स्‍टूडेंट्स को 50 से 60 लाख रुपए तक फीस चुकानी पड़ती है, जबकि यूक्रेन में ऐसा नहीं है।  यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए सालाना 4 से 5 लाख रुपए की जरूरत होती है। यानी 5 साल तक पढ़ाई पूरी करने का कुल खर्च भारत के मुकाबले काफी कम है।  

यहां के MBBS की दुनियाभर में मान्‍यता - Worldwide recognition of MBBS course

इंडियन एक्‍सप्रेस के मुताबिक, यूक्रेन से किए जाने वाले MBBS की दुनियाभर में मान्‍यता है। इंडियन मेडिकल काउंसिल, वर्ल्‍ड हेल्‍थ काउंस‍िल, यूरोप और यूके में यहां की डिग्री की वैल्‍यू है। इस तरह यहां से एमबीबीएस करने वाले स्‍टूडेंट्स को दुनिया के ज्‍यादातर देशों में काम करने का मौका मिलता है। भारतीय स्‍टूडेंट्स के यूक्रेन से एमबीबीएस करने की यह भी एक बड़ी वजह है। 

नीट क्‍वालिफाई करना जरूरी - Qualifying NEET is mandatory

देश में एमबीबीएस में दाखि‍ले के लिए नीट (NEET) का आयोजन किया जाता है। परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर स्‍टूडेंट्स को सरकारी और प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन दिया जाता है। भारत में दाखिले के लिए नीट का स्‍कोर काफी मायने रखता है जबकि यूक्रेन में स्‍टूडेंट्स का नीट क्‍वालिफाई करना ही बड़ी शर्त है। अंक उतने मायने नहीं रखते, इसलिए भी भारतीय स्‍टूडेंट्स एमबीबीएस के लिए यूक्रेन का रुख करते हैं।

यूक्रेन का इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर भी एक बड़ी वजह - Ukraine's infrastructure is also a big reason

यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे है एक स्‍टूडेंट का कहना है, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के मामले में यूक्रेन बेहतर है। इसलिए भी यहां स्‍टूडेंट्स पहुंचते हैं।  हालांकि भारत की तरह यहां भी बेहतर प्रैक्टिकल एक्‍सपोजर मिलता है।  इस तरह यूक्रेन में एमबीबीएस करने की कई वजह हैं, जिसे स्‍टूडेंट्स अपनी स्‍थ‍िति के मुताबिक तय करते हैं। इनमें ऐसे भारतीयों की संख्‍या भी काफी ज्‍यादा है जो यूक्रेन में डॉक्‍टरी की पढ़ाई के लिए गए थे। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

उत्तराखंड के निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेज की नहीं बढ़ेगी फीस

उत्तराखंड के निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेज की नहीं बढ़ेगी फीस

विशेष संवाददाता October 12 2022 34476

उच्च शिक्षा विभाग की ओर से गठित शुल्क नियामक समिति की ओर से निजी मेडिकल कॉलेज और डेंटल कॉलेज में एमब

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने की गुर्दे के कैंसर की सफल सर्जरी

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने की गुर्दे के कैंसर की सफल सर्जरी

अनिल सिंह October 15 2022 40102

गुरुवार को पहली बार ऐसी सर्जरी की गई। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में छोटे चीरे के जरिए कैंसर के गुच्छे क

जायडस कैडिला को मधुमेह की दवा के लिए यूएसएफडीए से मंजूरी मिली।

जायडस कैडिला को मधुमेह की दवा के लिए यूएसएफडीए से मंजूरी मिली।

हे.जा.स. September 07 2021 42851

कंपनी ने 31 अक्टूबर, 2020 को अमेरिकी नियामक के पास नयी दवा के लिए आवदेन (एनडीए) दिया था, जिसमें यह म

पीजीआई में ऑस्टियोपोरोरिस दिवस पर जागरूकता समारोह आयोजित।

पीजीआई में ऑस्टियोपोरोरिस दिवस पर जागरूकता समारोह आयोजित।

हुज़ैफ़ा अबरार October 21 2021 36571

आस्टियोपोरोसिस की बीमारी हड्डियों को कमजोर बना देती है जिससे मामूली झटका व चोट लगने पर कूल्हे, कलाई

31 जुलाई से चलेगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान। 

31 जुलाई से चलेगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान। 

हुज़ैफ़ा अबरार June 16 2021 25934

इस बार दस्तक अभियान में ग्राम निगरानी समिति एवं मोहल्ला निगरानी समिति अपने क्षेत्र की आशा एवं आंगनवा

कानपुर में नहीं थम रहा डेंगू का प्रकोप, एक महिला की मृत्यु

कानपुर में नहीं थम रहा डेंगू का प्रकोप, एक महिला की मृत्यु

अबुज़र शेख़ November 19 2022 26030

गुरुवार रात में रसूलाबाद कस्बे की डेंगू पीड़ित एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही डें

दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण , लोगों ने गले में खुजली और आंखों में पानी आने शिकायत की।

दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण , लोगों ने गले में खुजली और आंखों में पानी आने शिकायत की।

एस. के. राणा November 06 2021 25466

आज सुबह मथुरा रोड पर पीएम 10 का स्तर 430 पर रहा। दिल्ली में धुंध की मोटी चादर के कारण यहां कई लोगों

लखनऊ में डेंगू से बचाव को लेकर स्कूली बच्चों के लिए डीएम के सख्‍त न‍िर्देश

लखनऊ में डेंगू से बचाव को लेकर स्कूली बच्चों के लिए डीएम के सख्‍त न‍िर्देश

श्वेता सिंह October 15 2022 25450

अपर ज़िलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा नगर निगम को दिन में दो बार सुबह और शाम फागिंग करने के निर्देश

आईएमए लखनऊ ने एनीमिया और कैंसर पर सीएमई का आयोजन किया

रंजीव ठाकुर May 08 2022 27746

एनीमिया का सबसे बड़ा कारण तो हमारा खानपान है। हम लोग अधिकतर स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल करने लगे है

गर्मी में स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए फॉलो करें ये ब्यूटी टिप्स

गर्मी में स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए फॉलो करें ये ब्यूटी टिप्स

सौंदर्या राय March 20 2022 29283

जैसे-जैसे मौसम की गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे ही नमी बढ़ती है। आपकी स्किन सीबम का प्रोड्यूस करना शुरू

Login Panel