देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

प्रवासी कामगारों को टीबी रोग से बचने के लिए बनेंगें वन स्टॉप सेंटर 

टीबी की पुष्टि वाले प्रवासी कामगारों को डॉट सेंटर से जोड़ दिया जाता है, जहाँ से दवाएं और अन्य सरकारी सुविधाएँ मिलने लगती हैं। ऐसे लोगों का फालोअप भी संस्था करती है। जहाँ बड़ी तादाद में कामगार रहते हैं वहां संस्था स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में ग्लोबल फंड की मदद से वन स्टॉप सेंटर बनाने जा रही है।

हुज़ैफ़ा अबरार
December 06 2022 Updated: December 06 2022 23:45
0 30437
प्रवासी कामगारों को टीबी रोग से बचने के लिए बनेंगें वन स्टॉप सेंटर  प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। घर-परिवार से सैकड़ों मील दूर अकेले रहकर काम धंधे के साथ अपने को बीमारी से सुरक्षित बनाना कठिन बहुत है लेकिन असम्भव नहीं है। यह कहना है टीबी को मात देने वाले 32 वर्षीय बलिराम कुमार खैरवार का। मूलत: जौनपुर के रहने वाले बलिराम एक निजी संस्थान में लाइब्रेरी अटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।


नौकरी के दौरान खान-पान का सही से ख्याल न रख पाने और बिना रोशनी वाले छोटे से कमरे में गुजर-बसर करने वाले बलिराम कब टीबी (TB) की चपेट में आ गए उन्हें पता ही नहीं चला। टीबी को मात देने के बाद बलिराम कहते हैं कि अगर बीमारी (disease) के बारे में सही जानकारी हो तो उस पर सतर्कता बरतकर आसानी से विजय पायी जा सकती है। 


बलिराम ने बतायाकि जुलाई-20 में कोविड-19 (covid-19) का एक अनजाना भय चारों तरफ  व्याप्त था। डाक्टर (doctors) भी मरीज को हाथ लगाने से कतरा रहे थे, ऐसे में खांसी आनी शुरू हो गयी। इस दौरान कोई अपना साथ भी नहीं था जो कि कोई सही सलाह देता। स्थानीय प्राइवेट डाक्टर (private doctor) को समस्या बताई तो कुछ दवाएं और कफ सीरप थमा दिया। रात को अधिक खांसी (cough ) आने पर सीरप पी लेता था, एक-दो घंटे आराम मिल जाता था और फिर खांसी शुरू हो जाती थी। यह सिलसिला दो महीने चला होगा लेकिन आराम नहीं मिला। परिवार के एक बुजुर्ग ने फ़ोन पर बातचीत के दौरान बार-बार खांसी आने पर पूरी बात जानी और कहा कि यह तो टीबी का लक्षण (symptom of TB) लग रहा है। 


सरकारी अस्पताल (government hospital) के डाक्टर से सम्पर्क करने की बात कही। केजीएमयू (KGMU) के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग (Department of Respiratory Medicine) में जांच में रिपोर्ट पाजिटिव आने फेफड़े की टीबी (pulmonary tuberculosis) पर सीएचसी चिनहट (CHC Chinhat) से इलाज शुरू हो गया। वहां से दवा मिलने लगी और सही पोषण (nutrition) के लिए इलाज के दौरान हर माह 500 रुपये भी मिले। कुछ दिन के इलाज में ही खांसी आनी बंद हो गयी। पूरे मनोयोग से चिकित्सक के बताये अनुसार दवा का सेवन करते रहे और खानपान का भी पूरा ख्याल रखा जिसका नतीजा रहा कि छह माह के इलाज में पूरी तरह से स्वस्थ हो गया।


टीबी को मात देने के बाद ठान लिया कि जानकारी के अभाव में जिन दिक्कतों से मुझे गुजरना पड़ा है उसका सामना किसी और प्रवासी कामगार को न करना पड़े। यही सोचकर वल्र्ड विजन इण्डिया संस्था के रैपिड रेस्पांस टीम (Rapid Response Team) से जुड़कर चैम्पियन (champion) बनकर दूसरे टीबी मरीजों की मदद में जुट गए। जनवरी से बाकायदा टीबी मरीजों को फोनकर उनका हालचाल लेते हैं और समस्याओं का समाधान करते हैं। कोविड से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतने के बारे में भी जागरूक करते और बताते हैं कि मास्क कोविड ही नहीं बल्कि टीबी समेत कई अन्य संक्रामक बीमारियों से भी रक्षा करता है।


घर-परिवार या किसी भी जान-पहचान वाले को दो हफ्ते या अधिक समय से खांसी आ रही हो, दो सप्ताह या अधिक समय से बुखार आ रहा हो, वजन गिर (loss of weight) रहा हो या भूख न लगती (loss of appetite) हो और बलगम से खून आ रहा हो तो जल्द से जल्द टीबी की जांच (TB test) सरकारी अस्पताल में कराएँ। 


टीबी की पुष्टि होती है तो नियमित दवा का सेवन (regular medicine) करें और पोषण का ध्यान रखें। बलिराम आपबीती बताकर हर माह करीब 50-60 टीबी मरीजों को यह एहसास दिलाने का काम करते हैं कि टीबी के खिलाफ इस लड़ाई में वह अपने को अकेला न महसूस करें, कोई भी दिक्कत हो तो नि:संकोच फोन करें। इनमें से कई ऐसे भी हैं जो रोजगार के चक्कर में घर-परिवार से दूर यहाँ अकेले रहते हैं। ऐसे मरीजों को भावनात्मक सहयोग भी प्रदान करते हैं ताकि वह आसानी से इलाज पूरा कर सकें। 
 

प्रवासी कामगारों (Migrant workers) के स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा पर कार्य कर रही संस्था वाईआरजी केयर (YRG Care) के प्रोजेक्ट लीड कवीश्वर कृष्णन का कहना है कि काम-धंधे के लिए घर से दूर रहने वाले सेहत का ठीक से ख्याल नहीं रख पाते। कार्यस्थल पर साफ़-सफाई और पर्याप्त रोशनी के अभाव में उन्हें बीमारियाँ आसानी से घेर लेती हैं। ऐसी ही फैक्ट्रियों और संस्थानों में उनकी संस्था स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती है और टीबी व अन्य बीमारियों के संभावित लक्षण वालों की जांच कराती है। 


टीबी की पुष्टि वाले प्रवासी कामगारों को डॉट सेंटर (DOT centre) से जोड़ दिया जाता है, जहाँ से दवाएं और अन्य सरकारी सुविधाएँ मिलने लगती हैं। ऐसे लोगों का फालोअप भी संस्था करती है। गौतमबुद्ध नगर, मेरठ और मुरादाबाद जहाँ बड़ी तादाद में कामगार रहते हैं वहां संस्था स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में ग्लोबल फंड (Global Fund) की मदद से वन स्टॉप सेंटर (one stop center) बनाने जा रही है, जहाँ पर एक ही छत के नीचे इन लोगों के स्वास्थ्य की जाँच, सामाजिक सुरक्षा, भ्रांतियों को दूर करने और मानसिक स्वास्थ्य पर परामर्श भी मिलेगा। इन सेंटर पर चिकित्सक, एएनएम (ANM) और काउंसलर (counselors) की भी व्यवस्था होगी।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

जम्मू में डेंगू से 2 मरीजों की मौत

जम्मू में डेंगू से 2 मरीजों की मौत

विशेष संवाददाता November 11 2022 34808

जम्मू में डेंगू का कहर जारी है। स्टेट मलेरिया विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वीरवार को कुल 336 संदि

रिकवरी के बाद भी मंकीपॉक्स से पीड़ित मरीज परेशान

रिकवरी के बाद भी मंकीपॉक्स से पीड़ित मरीज परेशान

विशेष संवाददाता September 22 2022 32803

कोरोना के कहर के बाद मंकीपॉक्स ने देश की चिंता को बढ़ा दी है। वहीं मंकीपॉक्स से संक्रमित ठीक हुए मरी

सहारा हॉस्पिटल की स्थापना दिवस के 14 वर्ष पूर्ण, मनाया गया वार्षिकोत्सव

सहारा हॉस्पिटल की स्थापना दिवस के 14 वर्ष पूर्ण, मनाया गया वार्षिकोत्सव

हुज़ैफ़ा अबरार March 02 2023 97702

डायरेक्टर डॉ मजहर हुसैन ने नर्सों का योगदान को महत्वपूर्ण योगदान बताते हुए कहा कि चिकित्सक दवा लिखते

बालों की सुंदरता के लिए खाने में जरूर शामिल करें ये चीजें

बालों की सुंदरता के लिए खाने में जरूर शामिल करें ये चीजें

श्वेता सिंह October 16 2022 101057

अंडों में बहुत सारा प्रोटीन पाया जाता है। अंडा खाने तथा लगाने दोनों में उपयोग कर सकते है। अंडा लगान

लोहिया अस्पताल में शुरू हुआ रक्तदान अमृत महोत्सव पखवाड़ा

लोहिया अस्पताल में शुरू हुआ रक्तदान अमृत महोत्सव पखवाड़ा

रंजीव ठाकुर September 17 2022 40391

पीएम मोदी के जन्मदिन पर डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 17 सितंबर से 01 अक्टूबर 2022 तक

Artificial sweeteners and risk of cardiovascular diseases: results from the prospective NutriNet-Santé cohort

Artificial sweeteners and risk of cardiovascular diseases: results from the prospective NutriNet-Santé cohort

British Medical Journal February 25 2023 40675

The findings from this large scale prospective cohort study suggest a potential direct association b

बिना अवकाश के भी सीएचसी अजगरा में लटकता मिला ताला।

बिना अवकाश के भी सीएचसी अजगरा में लटकता मिला ताला।

March 02 2021 29779

उक्त मामले में जब अधीक्षक डॉ रजनीश प्रियदर्शी से जानकारी ली गयी तो उनको भी नही पता था कि अजगरा सामुद

इन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से बढ़ाएं आंखों की रोशनी।

इन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से बढ़ाएं आंखों की रोशनी।

लेख विभाग August 07 2021 48605

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे आंखों की रोशनी को लेकर समस्याएं आने लगती हैं। आयुर्वेद में कुछ ऐसी

बेरिएट्रिक सर्जरी से वजन कम होने के साथ जिंदगी में भी होगा सुधार।

बेरिएट्रिक सर्जरी से वजन कम होने के साथ जिंदगी में भी होगा सुधार।

हुज़ैफ़ा अबरार March 04 2021 27522

बैरिएट्रिक सर्जरी से कई सारे लाभ मिलते है। यह सर्जरी दूरबीन विधि से की जाती है जिस वजह से मरीज 2 या

महंगी दवाएं छुपी थी गोपनीय गोदामों में, डीएम के छापे से खुला राज़

महंगी दवाएं छुपी थी गोपनीय गोदामों में, डीएम के छापे से खुला राज़

रंजीव ठाकुर August 29 2022 35181

उत्तर प्रदेश में अधोमानक दवा सप्लाई होने के बाद महंगी दवाओं को लेकर सनसनीखेज नया मामला सामने आया है।

Login Panel