देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

डिजिटल आई सिंड्रोम: देखिए कारण, लक्षण और निदान

वर्तमान की लाइफ स्टाइल का पूरा दबाव आंखों पर रहता है। आज कल बच्चों से लेकर बूढ़ों तक मोबाइल, टीवी, लैपटॉप या कम्प्यूटर की गिरफ्त में हैं। स्क्रीन टाइम बढ़ जाने से हमारी आंखों पर क्या असर हो रहा है?

रंजीव ठाकुर
June 03 2022 Updated: June 03 2022 02:58
0 68467

लखनऊ। वर्तमान की लाइफ स्टाइल का पूरा दबाव आंखों पर रहता है। आज कल बच्चों से लेकर बूढ़ों तक मोबाइल, टीवी, लैपटॉप या कम्प्यूटर की गिरफ्त में हैं। स्क्रीन टाइम बढ़ जाने से हमारी आंखों पर क्या असर हो रहा है? आंखों में परेशानियां आने पर क्या लक्षण होते हैं? और सबसे महत्वपूर्ण बात कि इन सबसे कैसे बचा जा सकता है। इन्ही बेहद जरूरी सवालों के जवाब लेने के लिए हेल्थ जागरण ने सुशांत गोल्ड सिटी में, केवीजी मिलेनियम प्लेस स्थित आईलिश विज़न सेंटर की संस्थापक कंसल्टेंट ऑप्टोमेट्रिस्ट (D.OPT) सरिता सिंह से खास बातचीत की।

 

हेल्थ जागरण - स्क्रीन टाइम (screen time) बढ़ने से आंखों पर क्या असर हो रहा है?

सरिता सिंह - आज की दुनिया पूरी तरह से डिजिटल हो चुकी है। हम जितनी देर स्क्रीन के सामने रहते हैं आँखें (Eye) ड्राईनेस (dryness) का शिकार रहती है। बार बार स्क्रीन के सामने जाने से यह समस्या बढ़ती रहती है और समय से जांच ना करवाने पर आंखें खराब होने लगती है। 

 

हेल्थ जागरण - यदि कार्निया (cornea) डैमेज होने लगे तो क्या उपाय करने चाहिए?

सरिता सिंह - अगर आंखों में कोई भी दिक्कत है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। इसमें देर नहीं करनी चाहिए क्योंकि लेट करने से कार्निया खराब होने लगती है। 

 

हेल्थ जागरण - क्या कार्निया ट्रांसप्लांट (cornea transplant) होता है? यदि हां तो सफलता कितने प्रतिशत तक होती है?

सरिता सिंह - कार्निया ट्रांसप्लांट होता है। यह अंतिम उपाय होता है। यदि पुतली पूरी तरह सफ़ेद है और दवा का असर नहीं हो रहा तब कार्निया ट्रांसप्लांट किया जाता है। यह लगभग सफल रहता है और यह कार्निया की स्थिति पर निर्भर करता है। कार्निया दान करने के लिए जागरुकता की आवश्यकता है। लोगों में मिथ्या धारणा है कि मैं जीते जी कार्निया कैसे दान करूं! ्र्््र्

 

ट्रांसप्लांट के लिए ज्यादातर बूढ़ी कार्निया मिलती है। तो कार्निया ट्रांसप्लांट की सफलता कार्निया की उम्र पर भी निर्भर करती है। अगर हेल्दी कार्निया मिलेगी तो सफलता की दर ज्यादा होगी।

 

हेल्थ जागरण - टीवी, लैपटॉप, मोबाइल और कम्प्यूटर के युग में आंखों को कैसे बचा कर रखा जाएं ?

सरिता सिंह - ये सबसे अच्छा और महत्वपूर्ण सवाल है। आज कल लोग इसी समस्या से जूझ रहे हैं। इसे डिजिटल आई सिंड्रोम (digital eye syndrome) भी कहते हैं। इसमें आंखों में थोड़ी लाली बने रहना, सूखापन रहना, आंखों में थकान होना और कंधों में दर्द होना जैसे लक्षण होते हैं। 

 

डिजिटल आई सिंड्रोम से बचने के लिए सुबह जल्दी उठना बहुत जरुरी है। सूरज की पहली किरणें आंखों के लिए वरदान है। लेट नाइट सोना, सुबह देर से उठने से विटामिन डी की कमी होने लगती है। प्रापर विटामिन डी ना मिलने से क्रेटोकोनस बनता है यह रिसर्च में पाया गया है। तो आंखों के लिए विटामिन डी बहुत जरूरी है। इसके लिए सुबह जल्दी उठें।

 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

तनाव प्रबंधन और नियंत्रण के कुछ उपाय: डॉ. एच.पी. सिन्हा

तनाव प्रबंधन और नियंत्रण के कुछ उपाय: डॉ. एच.पी. सिन्हा

लेख विभाग March 01 2022 40574

लंबे समय तक तनाव न केवल मानसिक स्वास्थ्य बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। तनावों क

मसूड़ों से खून बहना गंभीर बीमारी के लक्षण भी हो सकतें हैं, जानिये समस्या को

मसूड़ों से खून बहना गंभीर बीमारी के लक्षण भी हो सकतें हैं, जानिये समस्या को

लेख विभाग June 20 2022 43855

मुख स्वच्छता की उचित देखभाल नहीं की जाती है, तो इससे मसूड़े की सूजन हो सकती है जिसके कारण पीरियोडोंट

कोरोना मुक्त हुआ उत्तराखंड, स्वास्थ्य मंत्री ने जताई खुशी

कोरोना मुक्त हुआ उत्तराखंड, स्वास्थ्य मंत्री ने जताई खुशी

विशेष संवाददाता February 25 2023 30129

प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च 2020 को मिला था। इसके बाद से प्रदेश में संक्रमण का

नाक बंद, सिर दर्द, सर्दी-जुकाम से हैं परेशान, तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

नाक बंद, सिर दर्द, सर्दी-जुकाम से हैं परेशान, तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

लेख विभाग December 17 2022 27575

ठंड में चलने वाली हवा कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बनती है। कई बार तो इससे सिर में दर्द तक ह

आयोडीन की कमी से घेंघा सहित कई बीमारियां हो सकती हैं

आयोडीन की कमी से घेंघा सहित कई बीमारियां हो सकती हैं

हुज़ैफ़ा अबरार October 21 2022 50499

विश्व आयोडीन अल्पता निवारण दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आयोडीन के पर्य

मॉकड्रिल के दौरान बलरामपुर अस्पताल पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, लिया स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा

मॉकड्रिल के दौरान बलरामपुर अस्पताल पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, लिया स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा

आरती तिवारी December 28 2022 38987

डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक मॉकड्रिल के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने लखनऊ

कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए खाने वाली गोलियां वैक्सीन का विकल्प नहीं: विशेषज्ञ

कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए खाने वाली गोलियां वैक्सीन का विकल्प नहीं: विशेषज्ञ

हे.जा.स. November 11 2021 27990

शुरुआती परीक्षणों में देखा गया है कि इन गोलियों को खाने से कोरोना संक्रमण के गंभीर लक्षणों को नियंत्

देश को नशा मुक्त बनाने के पहल की जिम्मेदारी नेहरू युवा केंद्र पर।

देश को नशा मुक्त बनाने के पहल की जिम्मेदारी नेहरू युवा केंद्र पर।

रंजीव ठाकुर February 17 2021 35219

नेहरू युवा केंद्र के वालंटियर शराब, भांग, हेरोइन, स्मैक, चरस, गांजा आदि के नुकसान को बताने के साथ ही

कोरोना संक्रमण के पूर्ण उपचार को होम्योपैथिक विधि से करने की मांग।

कोरोना संक्रमण के पूर्ण उपचार को होम्योपैथिक विधि से करने की मांग।

हुज़ैफ़ा अबरार May 28 2021 29788

आयुष मंत्रालय ने हल्का औऱ मध्यम रोगियों में भी होम्योपैथिक दवाईओं के प्रयोग के लिए गाइड लाइन जारी कर

परिवार नियोजन सम्बन्धी टेली कन्सल्टेशन दिए जाएं: सीएम योगी

रंजीव ठाकुर July 12 2022 22678

विश्व जनसंख्या दिवस पर सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झण्डी दिखाकर जनजागरूकता बाइक रैली को

Login Panel