











































प्रतीकात्मक चित्र
जेनेवा। दुनिया के ऐसे 30 देशों ने जहाँ किसी प्रकार की स्थानीय महामारी नहीं दिखाई पड़ी है ने, मंकीपॉक्स के 550 से ज़्यादा पुष्ट मामलों की ख़बर दी है। यह जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुखिया डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने बुधवार मुख्यालय में एक पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने कहा है कि ऐसा हो सकता है कि ये संक्रमण कुछ समय से मौजूद रहा है लेकिन इसकी मौजूदगी के बारे में पता नहीं चला हो।
डॉक्टर टैड्रॉस (Dr Tedross) ने कहा कि जाँच-पड़ताल जारी है, मगर अनेक देशों में एक साथ मंकीपॉक्स (monkeypox) की अचानक मौजूदगी से ऐसा लगता है कि ये संक्रमण कुछ समय से मौजूद रहा होगा जिसके बारे में जानकारी नहीं थी।
उन्होंने कहा कि मंकीपॉक्स के ज़्यादातर मामले समलैंगिक (gay) यौन सम्बन्ध बनाने वाले पुरुषों में सामने आए हैं। डब्लूएचओ की पहल पर वो समुदाय अपने सदस्यों को जोखिमों के बारे में सावधान करने और रोकथाम उपायों के बारे में सूचित कर रहे हैं।
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के मुखिया ने आगाह करते हुए कहा कि प्रभावित देशों से, चौकसी का दायरा बढ़ाया जाय। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को कलंक की मानसिकता से देखा जा रहा है। ये मानसिकता ना केवल ग़लत है, बल्कि ये, मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्तियों को चिकित्सा देखभाल (medical care) प्राप्त करने से वंचित कर सकती है। जिससे संक्रमण को रोक पाना और भी कठिन होगा।मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने से किसी भी व्यक्ति को ये संक्रमण होने का जोखिम है।
डॉक्टर टैड्रॉस ने ध्यान दिलाया कि चूँकि स्थिति लगातार बदल रही है, तो विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों को, और ज़्यादा मामले सामने आने की अपेक्षा है।
उन्होंने कहा कि ये याद रखना महत्वपूर्ण होगा कि मंकीपॉक्स के लक्षण आमतौर पर अपने आप ही समाप्त हो जाते हैं, मगर कुछ मामलों में ये गम्भीर रूप भी धारण कर सकते हैं।
डॉक्टर टैड्रॉस ने बताया कि मंकीपॉक्स बीमारी अफ़्रीकी देशों में स्थानीय महामारी (epidemic) है। विश्व स्वास्थ्य संगठन वहां पर संक्रमण की ताज़ा स्थिति के बारे में लगातार जानकारी हासिल कर रहा है।







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