देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

अब तो लोग कार से पार्क तक जाते हैं, पांच मिनट टहलते हैं, फिर कार से घर वापस आते हैं

बीते तीन दशकों में इंसानों ने प्रकृति के साथ खूब छेड़खानी की है। पेड़ काट डाले। इमारतें बना दी गईं। हवा अशुद्ध हो गई। पानी अशुद्ध हो गया। ये इंसानों को परेशान करने वाली स्थिति हैं।

आनंद सिंह
April 06 2022 Updated: April 07 2022 00:49
0 35524
अब तो लोग कार से पार्क तक जाते हैं, पांच मिनट टहलते हैं, फिर कार से घर वापस आते हैं डा. शिव शंकर शाही, प्रेसीडेंट, आईएमए, गोरखपुर

गोरखपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, गोरखपुर के अध्यक्ष डा. शिव शंकर शाही बहुत व्यस्त रहते हैं। कल, 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस (World Health Day) है। देश के 100 अलग-अलग स्थानों पर 100 संगठनों द्वारा अगले 100 दिनों तक आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) योग (Yoga) को बढ़ावा देने के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association), गोरखपुर के तत्वावधान में भी तारामंडल रोड पर पार्क में एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें दुनिया भर के चिकित्सक शामिल होंगे और अपनी बात कहेंगे, योग करेंगे, स्वास्थ्य पर चर्चा करेंगे।

डा. शाही से healthjagaran.com ने पूछा कि आज के जमाने में एक बढ़िया डाक्टर आपके पास है तो माना जाता है कि आपकी जिंदगी शानदार चल रही है। लेकिन, दो-तीन दशक पहले अगर कोई शख्स किसी डाक्टर के पास चला जाता था तो मोहल्ले भर में शोर हो जाता था कि फलनवा को कोई बीमारी हो गई है। देखो न, डाक्टर के पास गया था। इस पर आप क्या सोचते हैं।

डा. शाही का कहना था कि आज से दो दशक पहले हम प्रकृति की गोद में थे। कुएं का, चापानल (हैंडपंप) का पानी आराम से पी लेते थे। पचा भी लेते थे। खूब खेलते थे। खूब खाते थे। खेलने के लिए पचासों खेल थे। पेड़ लगाते थे। उसकी छांव में बैठते थे। झूला झूलते थे। खेत में भी काम कर लेते थे। पसीना निकलता था। भूख खूब लगती थी। तब लोग मोटा अनाज खाते थे। मोटा अनाज लोगों को हेल्दी रखता था। पाचन तंत्र सभी के दुरुस्त थे। कोई डाक्टर के पास चला जाता था तो पूरे मोहल्ले में, टोले भर में चर्चा हो जाती थी कि फलनवा डाक्टर के पास गया है। माने, डाक्टर के पास जाना बहुत बड़ी बात होती थी।

डा. शाही बताते हैं कि हम लोगों को कभी-कभार बचपन में खांसी-बुखार हो जाता था तो तुलसी का काढ़ा बना कर पी लेते थे। दवा खाते नहीं थे। तुलसी के काढ़े से ही ठीक हो जाते थे। आज की स्थिति एकदम अलग है। हमने प्रकृति को उजाड़ दिया है। नेचर के साथ हमने खिलवाड़ किया। पानी हमारा शुद्ध नहीं है। हवा शुद्ध नहीं है। पानी और हवा शुद्ध नहीं है तो लंग्स और किडनी की बीमारी हो रही है।

डा. शाही ने कहा कि लोगों का सेंस देखिए। अब लोग यूनिवर्सिटी पार्क में टहलने (Morning walk) जाते हैं तो घर से पार्क तक कार में जाते हैं। वहां टहलते हैं और फिर कार से वापस। ये कौन सा टहलना हुआ भाई। टहलना है तो पैदल चलिए। पसीना निकालिए। बहुत दिक्कत है तो साइकिल से चलिए। कार से जा रहे हैं। ये जो लग्जरी है न, यही हमारी परेशानियों का सबसे बड़ा कारण है। पहले के लोग गांव में खूब काम करते थे। खूब चलते थे। खूब खेलते थे। तालाब में गोता लगाते थे। नदी में तैरते थे। हमारे गांव में छह तालाब थे। आज एक भी नहीं है। सब पाट दिये गए। कहीं इमारत बन गई तो कहीं कुछ और हो गया। लेकिन, तालाब गायब हो गए। गांवों में जो लोग पहले मेहनत करते थे, अब वो सुस्ता रहे हैं। दरअसल, वो आलसी हो गए हैं।

आप पता कर लें, शहरों से ज्यादा गांवों में शुगर (diabetes) के पेशेंट हैं। लोगों ने काम करना बंद कर दिया। जब काम करना ही बंद कर दिया तो बीमारी तो होगी ही। कोई घर शायद ही ऐसा हो जहां शुगर के पेशेंट न हों। हर घर में एक बीपी का पेशेंट है। कैंसर के पेशेंट बढ़ते जा रहे हैं। लोग देख नहीं रहे हैं कि वेस्टर्न कंट्री वाले इस चीज को समझ गए। उन्होंने लग्जरी लाइफ को लगभग छोड़ दिया। जहां जरूरी है, वहीं वे लग्जरी लाइफ जीते हैं। लेकिन हम लोगों की गाड़ी अभी तक रिवर्स गियर में नहीं आई है। उम्मीद तो है कि जल्दी ही आ जाएगी। नहीं आएगी तो बर्बादी तय ही है। कल हम लोग साइकिलिंग कांपटीशन भी रखे हैं। चलाएं लोग साइकिल। फिट रहने के लिए योग करें। साइकिलिंग करें। ऐसे खाली बात करने से कुछ हासिल नहीं होगा।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

स्कूलों नहीं, अब समुदाय में होगी फाइलेरिया की सैपलिंग।

स्कूलों नहीं, अब समुदाय में होगी फाइलेरिया की सैपलिंग।

हुज़ैफ़ा अबरार September 07 2021 32023

लिम्फेटिक फाइलेरिया का संक्रमण आंकने के लिए अभी तक छात्र-छात्राओं का सैंपल उनके शैक्षणिक संस्थान में

जानिए बालों के लिए करी पत्ता के चमत्कारिक फायदे

जानिए बालों के लिए करी पत्ता के चमत्कारिक फायदे

आरती तिवारी October 03 2022 46421

यह तो हम सब जानते हैं कि करी पत्ता खाने में स्वाद बढ़ाता है। खाने में अगर करी पत्ता का छौंका लग जाए

देहरादून के सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब बनाये जायेंगे

देहरादून के सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब बनाये जायेंगे

हे.जा.स. March 08 2023 31024

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में जन औषधि केंद्र खोलकर लोगों को सस्ती और सुलभ दवाइय

रात में नींद ना आने पर आजमाएं ये उपाय

रात में नींद ना आने पर आजमाएं ये उपाय

आरती तिवारी October 03 2022 31470

सोने से दो घंटे पहले आपको मोबाइल, लैपटॉप या अन्य गैजेट्स से दूर हो जाना चाहिए क्योंकि, इनसे निकलने व

H3N2 इन्फ्लूएंजा वायरस को लेकर केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखी चिट्ठी

H3N2 इन्फ्लूएंजा वायरस को लेकर केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखी चिट्ठी

एस. के. राणा March 12 2023 32624

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने नए वायरस को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा

देश के टॉप 10 सरकारी अस्पतालों में यूपी के 9 शामिल

देश के टॉप 10 सरकारी अस्पतालों में यूपी के 9 शामिल

हुज़ैफ़ा अबरार March 07 2023 44180

देशभर में सरकारी अस्पतालों की स्कैन एंड शेयर मॉडल के आधार पर रैंकिंग की गई है जिसमें देश के टॉप टेन

मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की मनमानी की शिकायत लेकर उपमुख्यमंत्री से मिला बेसिक हेल्थ वर्कर संघ

मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की मनमानी की शिकायत लेकर उपमुख्यमंत्री से मिला बेसिक हेल्थ वर्कर संघ

रंजीव ठाकुर May 26 2022 43050

सीएमओ द्वारा इस संवर्ग को क्षेत्र परिवर्तन के नाम पर स्थानांतरित किए जाने की व्यवस्था अपनाई जा रही ह

कोवैक्सीन की बूस्टर डोज ओमिक्रॉन समेत कोरोना वैरिएंट्स के खिलाफ काफी असरदार: ICMR

कोवैक्सीन की बूस्टर डोज ओमिक्रॉन समेत कोरोना वैरिएंट्स के खिलाफ काफी असरदार: ICMR

विशेष संवाददाता April 10 2022 38068

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और कोवैक्सीन निर्माता भारत बायोटेक की ओर से जनवरी में यह अध्य

असुरक्षित गर्भपात से बचें और जीवन को सुरक्षित बनाएं

असुरक्षित गर्भपात से बचें और जीवन को सुरक्षित बनाएं

लेख विभाग June 29 2022 31289

अगर गर्भपात सुरक्षित न हो तो ऐसी स्थिति में यह शारीरिक, मानसिक विकार के साथ महिला या किशोरी की मौत क

अगले साल लगेगी सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन

अगले साल लगेगी सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन

एस. के. राणा December 17 2022 38482

महिलाओं में होने वाली सर्विकल कैंसर बेहद खतरनाक बीमारी है। दिल्ली। महिलाओं को होने वाली सर्विकल कैं

Login Panel