











































प्रतीकात्मक चित्र
गोरखपुर (लखनऊ ब्यूरो) । ज़िले में हुए नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की चौकाने वाली रिपोर्ट सामने आयी है। सर्वे में जिले के 958 परिवारों की 1,360 महिलाओं और 135 पुरुषों से जानकारी प्राप्त की गई है।सर्वे के अनुसार अब भी बड़ी संख्या में बेटियों की शादी कम उम्र में ही कर दी जाती है। आंकड़ों के अनुसार 14.6 फीसदी महिलाओं की शादी 18 वर्ष से पहले कर दी गई थी। इनमें से 2.4 फीसदी 15 से 18 वर्ष की उम्र में मां बन गईं थीं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (National Family Health Survey) चार में 15 से 18 वर्ष के बीच मां बनने वाली बेटियों का प्रतिशत 2.1 था। जो सर्वे पांच में बढ़कर 2.4 फीसदी हो गया है।
सर्वे पांच में सामने आया है कि 15 से 19 साल की 55.8 फीसदी बेटियां एनीमिया (anemia) से पीड़ित हैं। 15 से 49 के आयु वर्ग में यह आंकड़ा 53.4 फीसदी हैं। सर्वे चार में 52.0 फीसदी महिलाएं एनीमिया की शिकार मिली थीं। ऐसे में कहा जा सकता है, कि जागरूकता और स्वास्थ्य सुधार के तमाम प्रयासों के बावजूद मलिाओं की स्थिति सुधरने के बजाए और बिगड़ती जा रही है।
5.4 फीसदी बेटियां कर रहीं तंबाकू का प्रयोग
सर्वे में सामने आया कि जिले की 5.4 फीसदी बेटियां 15 वर्ष के बाद तंबाकू (tobacco) का सेवन शुरू कर दे रही हैं। वहीं, 44.6 फीसदी किशोर 15 साल के बाद तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। 15 वर्ष की 0.1 फीसदी बेटियां ऐसी हैं, जो शराब का सेवन कर रही हैं। वहीं, किशोरों में यह आंकड़ा 18.9 फीसदी है।
6.2 फीसदी बेटियों और महिलाओं का ब्लड शुगर बढ़ा मिला
सर्वे के तहत 15 से 49 साल की बेटियों और महिलाओं के ब्लड शुगर की जांच भी की गई। इसमें 6.2 फीसदी बेटियों और महिलाओं का ब्लड शुगर (blood sugar) 160 से अधिक मिला। पुरुषों में यह आंकड़ा 5.4 फीसदी है। वहीं, सर्वे चार में बेटियों और महिलाओं को ब्लड शुगर की कोई शिकायत नहीं मिली थी।
10.2 फीसदी महिलाएं हाइपरटेंशन की शिकार
सर्वे में शामिल 10.2 फीसदी महिलाएं हाइपरटेंशन (hypertension) की शिकार मिलीं। इनका ब्लड प्रेशर 140 से 159 के बीच पाया गया। इनमें 4.6 फीसदी महिलाएं ऐसी भी हैं, जो अधिक तनाव में जी रही हैं। इन महिलाओं का ब्लड प्रेशर 160 से अधिक रहा है।
सीएमओ (CMO) डॉ. आशुतोष कुमार दुबे (Dr. Ashutosh Kumar Dubey) ने कहा कि शादी का फैसला परिवार के लोग करते हैं। इस मामले में जागरूकता जरूरी है। कम उम्र में शादी और मां बनना सेहत के लिए ठीक नहीं है। स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की टीम जागरूकता अभियान चलाएगी।
कम उम्र में बेटियों की शादी करना गलत है। इससे बेटियां शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो जाती हैं। बेटियां अगर एनीमिक होंगी तो उन्हें आने वाले समय में काफी दिक्कतें आएंगी। कम उम्र में ब्लड शुगर का शिकार होना भी खतरनाक है। खान-पान पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।- डॉ वाणी आदित्य, विभागाध्यक्ष, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बीआरडी मेडिकल कॉलेज (BRD Medical College)।







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