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लखनऊ। थायरॉयड कैंसर के मामले में सर्जरी के बावजूद बार-बार कैंसर उभरने की प्रवृत्ति देखी जाती है। वहीं इसे देखते हुए आयोडीन थेरेपी (iodine therapy) का ट्रायल शुरू किया गया है। जहां इसमे देखा गया है कि मरीज में दोबार थायरॉयड कैंसर नहीं हुआ है। केजीएमयू के सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग (Surgical Oncology Department) के 25वें स्थापना दिवस समारोह पर चेन्नई कैंसर इंस्टीट्यूट (Cancer Institute) के प्रो. अरविंद ने बताया कि थायरॉयड कैंसर में काफी म्युटेशन होते हैं।
वहीं तकनीक में म्युटेशन को पहचानकर आयोडिन थेरेपी दी जाती है। आयोडिन थेरेपी में विशेष दवाई दी गई है। इसमें पाया गया कि उनको दोबारा कैंसर (cancer) नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने कहा कि थायरॉयड कैंसर (thyroid cancer) के रिजल्ट बाकी कैंसर से काफी बेहतर हैं। बच्चों में यह 100 फीसदी ठीक होता है और बाकी में 80 फीसदी व्यस्कों में इसके ठीक होने की दर 90 फीसदी तथा बाकी में 40 से 60 फीसदी तक होती है।
बता दें कि विवि की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने 25वें स्थापना दिवस का शुभारंभ किया। कुलपति ने कहा कि कैंसर की सर्जरी में सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग (Oncology Department) ने नए आयाम स्थापित किए हैं।







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