देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

वैज्ञानिकों ने कोबरा सर्प के विष की विषैली क्रियाविधि के तंत्र का पता लगाया 

अन्य विषधर सर्पों के विष की तरह कोबरा सर्प विष भी प्रकृति में तंत्रिकातन्त्र पर विषाक्त प्रभावकारी होते हैं। हालांकि, वे दंश के स्थान पर स्थानीय साइटोटॉक्सिक प्रभाव भी प्रदर्शित करते हैं और ऐसी साइटोटोक्सिसिटी की सीमा हर प्रजाति के लिए भिन्न हो सकती है।

एस. के. राणा
February 03 2023 Updated: February 03 2023 03:04
0 47438
वैज्ञानिकों ने कोबरा सर्प के विष की विषैली क्रियाविधि के तंत्र का पता लगाया  प्रतीकात्मक चित्र

नयी दिल्ली। वैज्ञानिकों ने कोबरा सर्प के विष की विषैली क्रियाविधि के उस तंत्र का पता लगाया है, जो ऐसे विष-रोधी (antivenoms) या छोटे अणु अवरोधकों के उपयोग के लिए विकासशील रणनीतियों की दिशा में मार्ग प्रशस्त करता है जो सर्प दंश के स्थान पर उत्पन्न किए गए कोबरा विष के स्थानिक विषैले प्रभावों को कम करने में सहायक बन सकता है।

कोबरा सर्प (genus Naja) व्यापक रूप से एशिया और अफ्रीका में पाए जाते हैं और भारतीय उपमहाद्वीप सहित इन महाद्वीपों में बड़ी मृत्यु दर और रुग्णता का कारण कोबरा द्वारा दिया गया दंश है। अन्य विषधर सर्पों के विष की तरह कोबरा सर्प (Cobra snake) विष भी प्रकृति में तंत्रिकातन्त्र पर विषाक्त प्रभावकारी (neurotoxic) होते हैं। हालांकि, वे दंश के स्थान पर स्थानीय साइटोटॉक्सिक प्रभाव भी प्रदर्शित करते हैं और ऐसी साइटोटोक्सिसिटी (cytotoxicity) की सीमा हर प्रजाति के लिए भिन्न हो सकती है।

कई अन्य प्रयोगशालाओं के प्रोटिओमिक अध्ययनों (Proteomic studies) से पता चला है कि कोबरा के विष (cobra venom) में गैर-एंजाइमी थ्री-फिंगर टॉक्सिन समूह की प्रधानता होती है और जो कुल विष का लगभग 60-75% होता है। गैर- एंजाइमी थ्री- फिंगर टॉक्सिन (three-finger toxin) समूह का एक आवश्यक घटक साइटोटोक्सिन्स (सीटीएक्सएस) है और कोबरा के विष में सर्वव्यापी रूप से मिलता है। 

कोबरा विष प्रणाली (प्रोटिओम) में लगभग 40 से 60% योगदान देने वाले ये निम्न- आणविक-द्रव्यमान के विषाक्त पदार्थ कोबरा विष- प्रेरित विषाक्तता (toxicity), विशेषकर डर्मोनेक्रोसिस (स्थानीय प्रभाव) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुछ सीटीएक्सएस न्यूरॉन्स और हृदय की मांसपेशियों की झिल्लियों को विध्रुवित (डीपोलेराइज़) करने के लिए भी उत्तरदायी होते हैं, जिससे कोबरा- विषग्रस्त पीड़ितों की अक्सर ह्रदयगति रुकने (cardiac failures) में योगदान होता है। परिणामतः उन्हें कार्डियोटॉक्सिन (CDTX) के रूप में भी जाना जाता है। रोचक बात यह है कि विभिन्न नाजा प्रजातियों में कोबरा विष सीटीएक्स का अनुपात भी नाटकीय रूप से भिन्न होता है। सामान्यतः अफ्रीका के थूकने वाले कोबरा के विष में एशियाई कोबरा की तुलना में सीटीएक्सएस का अनुपात अधिक होता है और जो सर्प विष की संरचना में भौगोलिक भिन्नता का संकेत देता है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्त संस्थान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उच्च अध्ययन संस्थान (IASST), गुवाहाटी के निदेशक प्रोफेसर मुखर्जी और उनके सहयोगियों: शेम्याकिन-ओविचिनिकोव इंस्टीट्यूट ऑफ बायोऑर्गेनिक केमिस्ट्री, रशियन एकेडमी ऑफ साइंसेज, मॉस्को, से प्रो. यूरी एन. उत्किन और अमृता विश्व विद्यापीठम, कोच्चि के डॉ. भार्गब कलिता के नेतृत्व में एक टीम द्वारा किए गए शोध पर पत्रिका (journal) टॉक्सिन्स में हाल ही में एक अध्ययन प्रकाशित हुआ जिसमें कोबरा विष सीटीएक्सएस की प्रक्रिया के तंत्र पर व्यापक रूप से चर्चा के साथ ही कोबरा विष-प्रेरित पैथोफिजियोलॉजी (pathophysiology) और उसकी विषाक्तता में उनके महत्व पर प्रकाश डाला गया है। इसके अलावा यह सहयोगी समीक्षा लेख कोबरा विषों के इस महत्वपूर्ण वर्ग के विषाक्त प्रभावों को कम करने में वाणिज्यिक विष रोधी (एंटीवेनम) की प्रभावकारिता पर भी प्रकाश डालती है।

प्रो. मुखर्जी ने इस बात पर बल दिया कि कम आणविक- द्रव्यमान (molecular-mass) विषाक्त होने के कारण, कोबरा विष सीटीएक्सएस विषरोधी (एंटीवेनम) के पारंपरिक उत्पादन के दौरान कम प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करते हैं। अतः इन कोबरा विषयुक्त विषाक्त पदार्थों को निष्प्रभावी बनाने के लिए वाणिज्यिक एंटीवेनम में पर्याप्त एंटीबॉडीज की कमी होती है। डॉ. मुखर्जी ने कहा कि कोबरा विष सीटीएक्सएस के विरुद्ध वाणिज्यिक एंटीवेनम के इस अपनी क्षमता से कम (सब- ऑप्टीमल) प्रभाव के कारण कोबरा दंश से उपजी -विषाक्तता के साथ स्थान विशेष पर होने वाले प्रभावों पर अस्पताल (hospital) में भर्ती हुए रोगी के उपचार (treatment) का प्रबंधन चुनौतीपूर्ण है और अभी भी एक ऐसी गंभीर चिंता का विषय है जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

लेखकों का मानना ​​​​है कि आणविक जीव विज्ञान और प्रोटीन इंजीनियरिंग (protein engineering) में अब तक हुई प्रगति इस समस्या के समाधान की सुविधा प्रदान कर सकती है और विषरोधी (एंटीवेनम) के उत्पादन के लिए अत्यधिक इम्युनोजेनिक टॉक्सिन/टॉक्सिन अंश बनाने में सहायता कर सकती है। इसके अलावा उन्होंने सुझाव दिया कि एंटीवेनम (वीएचएच या नैनोबॉडीज जैसे छोटे एंटीबॉडीज) अथवा छोटे अणु अवरोधकों के सामयिक अनुप्रयोग के लिए रणनीति विकसित करना सर्पदंश के स्थान पर कोबरा विष सीटीएक्सएस के स्थानीय विषाक्त प्रभावों को कम करने के लिए एक अधिक प्रभावी विकल्प हो सकता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

भारत में कोविड-19 के 45,951 नए मामले, 817 लोगों की मौत।

भारत में कोविड-19 के 45,951 नए मामले, 817 लोगों की मौत।

एस. के. राणा July 01 2021 27634

817 और लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 3,98,454 हो गयी है। एक दिन में कोरोना वायरस से

गर्मी का सितम, डायरिया से 6 दिन में पांच मरीजों की मौत

गर्मी का सितम, डायरिया से 6 दिन में पांच मरीजों की मौत

विशेष संवाददाता June 11 2023 35474

मैनपुरी जिला अस्पताल में दर्ज रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले छह दिन में ओपीडी में डायरिया के 298 मरीज पहुं

भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को डब्ल्यूएचओ से मिली मान्यता

भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को डब्ल्यूएचओ से मिली मान्यता

एस. के. राणा March 26 2022 45419

पीएम ने कहा कि डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फार ट्रेडिशनल मेडिसिन भारत की समृद्ध पारंपरिक प्रथाओं का लाभ

दुनिया के प्रमुख देशों में कोरोना विस्फोट।

दुनिया के प्रमुख देशों में कोरोना विस्फोट।

एस. के. राणा December 29 2021 35836

अमेरिका में 76 फीसदी लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित पाए जा रहे हैं। फ्रांस में दैनिक 1,00,000 से अधिक संक्

सिर में खुजली से हैं परेशान, आजमाएं ये घरेलू नुस्खे

सिर में खुजली से हैं परेशान, आजमाएं ये घरेलू नुस्खे

आरती तिवारी September 18 2022 30808

आज के समय में कई लोग सिर की खुजली की समस्या से परेशान रहते हैं। सिर में खुजली होने की वजह डैंड्रफ, ग

आँखों का मेकअप कैसे करें? 

आँखों का मेकअप कैसे करें? 

सौंदर्या राय September 06 2021 45152

आंखों दिल की ज़ुबान होती हैं। कुछ नहीं कहते हुए भी बहुत कुछ बयाँ कर जाती हैं। दुनिया की खूबसूरती दिख

देश में कोविड-19 के 38,079 नए मामले, 560 मरीजों की मौत।

देश में कोविड-19 के 38,079 नए मामले, 560 मरीजों की मौत।

एस. के. राणा July 17 2021 24240

देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 4,24,025 हो गई है, जो कुल मामलों का 1.36 प्रतिशत है जबकि

शिल्पा बायोलॉजिकल और डॉ रेड्डीज में  स्पुतनिक वी वैक्सीन के विनिर्माण हेतु समझैता। 

शिल्पा बायोलॉजिकल और डॉ रेड्डीज में  स्पुतनिक वी वैक्सीन के विनिर्माण हेतु समझैता। 

एस. के. राणा May 18 2021 36729

शिल्पा बायोलॉजिकल प्राइवेट लिमिटेड (एसबीपीएल) के माध्यम से डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के साथ तीन साल के ल

जीवनशैली में बदलाव और समय से दवाओं का सेवन आपको हार्ट सर्जरी से बचा सकता है।

रंजीव ठाकुर August 18 2021 34553

हेल्थ जागरण ने राजधानी के मेदांता अस्पताल के सीटीवीएस डायरेक्टर दुनिया के मशहूर हार्ट सर्जन डॉ गोरंग

चीन में कोरोना संक्रमण के डेल्टा वेरिएंट के मामले बढ़े, सरकार सतर्क।

चीन में कोरोना संक्रमण के डेल्टा वेरिएंट के मामले बढ़े, सरकार सतर्क।

हे.जा.स. November 03 2021 21430

बीजिंग की बात करें तो पिछले 24 घंटे में 9 नए केस सामने आए हैं। मौजूदा वक्त में बीजिंग में कोविड के 3

Login Panel