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ल्यूकोरिया के सामान्य लक्षण और बचाव के उपाय।

ल्यूकोरिया होने पर महिलाओं के शरीर में इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है। आमतौर पर यह परेशानी शादीशुदा महिलाओं को ज्यादा होती है।

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December 07 2021 Updated: December 07 2021 18:35
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ल्यूकोरिया के सामान्य लक्षण और बचाव के उपाय। प्रतीकात्मक

ल्यूकोरिया (Leucorrhoea) या योनि से सफेद पानी का स्राव महिलाओं में आम समस्या है। ल्यूकोरिया को कुछ लोग लिकोरिया (Licoria) नाम से भी पुकारते हैं। आयुर्वेद में ल्यूकोरिया को श्वेत प्रदर कहा गया है। ल्यूकोरिया होने पर महिलाओं के शरीर में इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है। आमतौर पर यह परेशानी शादीशुदा महिलाओं को ज्यादा होती है लेकिन ल्यूकोरिया किसी भी उम्र की लड़कियां या महिलाओं को किसी भी उम्र में हो सकता है।

सफेद पानी का निकलना दो प्रमुख कारणों से होता है।
1. स्वाभाविक रूप से
2. बीमारी के कारण

1. स्वाभाविक रूप से
स्त्रियों में स्वाभाविक रूप से सफेद पानी निकलना प्राय:कुछ मात्रा में होता है। विशेषत: माहवारी (मासिक धर्म) के पूर्व, माहवारी के बाद, अण्डोत्सर्ग (Ovulation)के समय अौर कामेच्छा उद्दिप्त होने पर स्वाभाविक है। इसके लिए कोइ उपचार कि आवश्यकता नहीं होती| समुपदेशन, सही जानकारी देना पर्याप्त है। 

2. बीमारी के कारण
श्वेत प्रदर या ल्यूकोरिआ या लिकोरिआ (Leukorrhea) या "सफेद पानी आना" स्त्रिओं का एक रोग है जिसमें स्त्री-योनि से असामान्य मात्रा में सफेद रंग का गाढा और बदबूदार पानी निकलता है और जिसके कारण वे बहुत क्षीण तथा दुर्बल हो जाती है। महिलाओं में श्वेत प्रदर रोग आम बात है। ये गुप्तांगों से पानी जैसा बहने वाला स्त्राव होता है। यह खुद कोई रोग नहीं होता परंतु अन्य कई रोगों के कारण होता है।

श्वेत प्रदर वास्तव में एक बीमारी नहीं है बल्कि किसी अन्य योनिगत या गर्भाशयगत व्याधि का लक्षण है; या सामान्यतः प्रजनन अंगों में सूजन का बोधक है।

यह महिलाओं कि एक आम समस्या है पीरियड्स से पहले या बाद में एक या दो दिन सामान्य रूप से होती है। ल्यूकोरिया का अर्थ है, महिलाओं की योनि से सफेद, पीले, हल्के नीले या हल्के लाल रंग का चिपचिपा और बदबूदार स्राव का आना। यह स्त्राव अधिकतर सफेद रंग का ही होता है इसलिए इसे श्वेत प्रदर का नाम दिया गया है। अलग-अलग महिलाओं में स्त्राव की मात्रा एवं समयावधि अलग-अलग होती हैं। इसके कारण प्रजनन अंगों में सूजन आ जाती है।

ल्यूकोरिया के सामान्य लक्षण -

  • कमजोरी महसूस होना एवं चक्कर आना
  • योनिमार्ग में तेज खुजली एवं चुनचुनाहट होना
  • भूख न लगना एवं जी मिचलाना
  • आंखों के सामने अंधेरा छा जाना
  • चिड़चिड़ापन रहनहाथ-पैरों और कमर, पेट, पेडू में दर्द
    शौच साफ न होना
  • बार-बार पेशाब आना और पेट में भारीपन बना रहना
  • आंखों के नीचे काले घेरों का पड़ना
  • पिंडलियों में खिंचाव एवं शरीर भारी रहना

ल्यूकोरिया से बचाव के उपचार

  1. ल्यूकोरिया का सबसे बड़ा कारण ठीक से सफाई न होना है। अतः योनि की सफाई और उसे सूखा रखना बेहद जरूरी है अन्यथा संक्रमण फैलने से यह समस्या हो सकती है।
  2. अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें। पर्याप्त पोषण युक्त चीजों का सेवन करें और स्वस्थ रहने का प्रयास करें।
  3. रात को पानी में अंजीर भिगोकर रखें और सुबह गुनगुने पानी से इसे पीसकर खाली पेट सेवन करें।
  4. शरीर में खून की कमी भी ल्यूकोरिया का कारण बन सकती है। इस स्थिति से बचने के लिए आयरन से भरपूर चीजों का सेवन करें ताकि हीमोग्लोबिन का लेवल कम न हो।
  5. पीरियड्स के समय भी सफाई का विशेष ध्यान रखें। हर 4 से 6 घंटे में पैड बदलते रहें और हल्के गर्म पानी से प्राइवेट पार्ट की सफाई करें, ताकि की कीटाणु न रहे।
  6. सूती अंडरगार्मेंट का प्रयोग करें और दिन में दो बार इसे बदले।
    अधिक नमक एवं मसालेदार भोजन का सेवन न करें।
  7. पौष्टिक भोजन लें। फल एवं रेशेदार सब्जियों को अधिक से अधिक अपने आहार में शामिल करे

अधिक संख्या में महिलाओं को ल्यूकोरिया की समस्या "ट्रिकोमोन्स वेगिनेल्स" नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। इस संक्रामक ल्यूकोरिया की जांच किसी अच्छे महिला रोग विशेषज्ञ से अवश्य करवानी चाहिए, अन्यथा लापरवाही से रोग भयंकर रूप धारण कर सकता है।

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