












































डा. सूर्यकान्त फाइल फोटो
लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर सूर्य कान्त को मध्य प्रदेश की प्रदेश स्तर की चेस्ट कान्फ्रेंस ‘एम.पी. पल्मोकॉन 2021’ में इण्डियन चेस्ट सोसाइटी (एमपी चेप्टर) इन्दौर - चेस्ट सोसायटी, नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजीशियन, एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ऑफ इंडिया (एम.पी. चेप्टर) इन्दौर द्वारा पद्मश्री डा. नंद लाल बोरडिया स्मृति व्याखान अलंकरण (डा. एन. एल. बोरडिया ओरेशन एवार्ड) से सम्मानित किया गया है । इससे पहले डा. सूर्य कान्त को सात और ओरेशन एवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है । ज्ञात रहे कि उन्हें अब तक अन्तरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर की विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगभग 140 पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है । यह पुरस्कार उनके द्वारा टी.बी. जैसी बीमारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने एवं कोरोना के दौरान चिकित्सकीय क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान, समाज को जागरूक करने एवं सामाजिक सेवा कार्यों के चलते प्रदान किया गया है ।
डा. सूर्यकान्त कोविड टीकाकरण के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर हैं । इसके साथ ही चेस्ट रोगों के विशेषज्ञों की राष्ट्रीय संस्थाओं इण्डियन चेस्ट सोसाइटी, इण्डियन कॉलेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा एण्ड एप्लाइड इम्यूनोलॉजी एवं नेशनल कालेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन (एनसीसीपी) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं । इण्डियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन के मेडिकल साइंस प्रभाग के भी राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके है । वह आईएमए एकेडमी ऑफ मेडिकल स्पेशलिटीज के राष्ट्रीय वायस चेयरमैन हैं एवं आईएमए लखनऊ के भी अध्यक्ष रह चुके हैं । इसके अलावा वह चिकित्सा विज्ञान सम्बंधित विषयों पर 17 किताबें भी लिख चुके हैं तथा एलर्जी, अस्थमा, टी.बी. एवं कैंसर के क्षेत्र में उनके अब तक लगभग 690 शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं । दो दशक से अधिक समय से अपने लेखों व वार्ताओ एवं टी.वी. व रेडियो के माध्यम से लोगो में एलर्जी, अस्थमा, टी.बी, कैंसर जैसी बीमारी से बचाव व उपचार के बारे में जागरूकता फैला रहे है एवं कोरोना काल में जनमानस को न्यूज चैनल, यूट्यूब, रेडियो एवं अखबार के द्वारा जागरूक कर बचा रहें है ।
इसके अलावा अपने संस्थान में कोरोना पीड़ितों को भी स्वस्थ कर जीवनदान दे रहें है । हाल ही में वाराणसी में डी.आर.डी.ओ. द्वारा स्थापित पंडित राजन मिश्रा कोविड, हॉस्पिटल में कोविड मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधायें उपलब्ध कराये जाने हेतु उपलब्ध व्यवस्था का आकलन/संसाधनों/चिकित्सकीय सुविधाओं का आकलन कर एवं उसमें सुधार हेतु अपनी संस्तुति के लिए भी एक सदस्यीय टीम गठित कर डा. सूर्य कान्त को चुना गया था । इसके पूर्व भी उप्र शासन द्वारा उनको कोविड से प्रभावित जनपदों जैसे-आगरा, कानपुर, मेरठ की समीक्षा के लिये भेजा गया था । डा. सूर्य कान्त को पहले भी अमेरिकन कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन, इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन, इण्डियन चेस्ट सोसाइटी, नेशनल कालेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन आदि संस्थाओं द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 18 फेलोशिप सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है । उन्हें उप्र सरकार द्वारा विज्ञान गौरव अवार्ड (विज्ञान के क्षेत्र में उप्र का सर्वोच्च पुरस्कार) और राज्य हिन्दी संस्थान द्वारा विश्वविद्यालय स्तरीय हिन्दी सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है ।







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