











































प्रतीकात्मक चित्र
कोविड -19 से संक्रमित हुए लगभग 5% रोगी गंध और स्वाद नहीं महसूस कर पा रहें हैं। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक शोध में मानना है कि दुनिया भर में ऐसे लगभग 2.7 करोड़ लोग हैं।
द बीएमजे (British Medical Journal) में बुधवार को प्रकाशित विश्लेषण में, शोधकर्ताओं (researchers) ने कई महाद्वीपों और अलग-अलग जनसांख्यिकीय समूहों (demographic groups) में गंध और स्वाद के नुकसान के 18 पिछले अध्ययनों का मूल्यांकन किया। स्वाद या गंध की समस्या से प्रभावित लगभग तीन चौथाई लोगों ने 30 दिनों के भीतर ठीक हो गए। लेकिन लगभग 5% लोगों ने कोविड -19 के संक्रमण के छह महीने बाद स्वाद या गंध की समस्या की सूचना दी।
द बीएमजे ने प्रकाशित शोध में कहा है कि दुनिया भर में 55 करोड़ लोगों के कोविड-19 (covid-19) वायरस से संक्रमित होने की खबर मिली है। उनके बीच बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो ठीक होने के बाद भी उभरे लक्षणों के इलाज के लिए विशेषज्ञों के पास जाते रहे हैं।
इस अनुसंधान का नेतृत्व इटली की यूनिवर्सिटी ऑफ त्रिएस्ते (University of Trieste) के विशेषज्ञ पाओलो बोस्कोलो रिज्जो ने किया। अनुसंधानकर्ताओं ने अपनी एक टिप्पणी में कहा- ‘ऐसे मरीजों के लक्षणों को अगर नजरअंदाज किया जाता है, तो वे खुद को अलग-थलग महसूस करने लगते हैँ। इसलिए यह जरूरी है कि दुनिया भर की स्वास्थ्य व्यवस्थाएँ उन्हें उचित सहायता उपलब्ध कराएं।
शोध में कहा गया है कि गंध या स्वाद महसूस न होने से जीवन की गुणवत्ता (quality of life) पर खराब असर पड़ता है। इससे पीड़ित लोग रोज जीवन के कई आनंद और सामाजिक संबंधों से वंचित हो जाते हैं। ऐसे लोगों की खाने में रुचि घट सकती है, जिससे वे कुपोषण (malnutrition) का शिकार हो जा सकते हैँ। साथ ही उनके चिंता और अवसाद से भी पीड़ित होने का अंदेशा बढ़ जाता है।
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय (Stanford University) के एक राइनोलॉजिस्ट (rhinologist) डॉ ज़ारा पटेल का कहना ही कि गंध की कमी वृद्ध वयस्कों में उच्च मृत्यु दर का कारण बन सकती है और लोगों की भावनात्मक (emotional) और मनोवैज्ञानिक (psychological) स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
अध्ययन के दौरान अनुसंधानकर्ताओं ने इस मामले में हुए 18 अध्ययनों का विश्लेषण किया। इन अध्ययनों में 3,700 मरीजों को शामिल किया गया था। इस विश्लेषण के जरिए यह अनुमान लगाने का प्रयास किया गया कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के छह महीने बाद तक कितने लोगों में गंध या स्वाद महसूस न होने की समस्या बनी रही। विश्लेषण के दौरान पाया गया कि 5.6 फीसदी मरीजों में छह महीने बाद भी ठीक से गंध महसूस न होने की समस्या थी। उधर 4.4 फीसदी लोग ठीक से स्वाद महसूस नहीं कर पा रहे थे। अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक महिला मरीजों में गंध महसूस न होने की समस्या अधिक देखने को मिली है।







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