











































प्रतीकात्मक चित्र
बालों के हल्के से लेकर सिर के पूरी तरह गंजा होने को एलोपेसिया कहा जाता है। बालों का झड़ना सामान्यत: धीरे-धीरे होता है। बाल पतले (रूखे) होने लगते है तथा एक या अधिक जगह पर गंजापन आ जाता है। आमतौर पर हमारे लगभग पचास से सौ बाल प्रतिदिन टूटते-झड़ते हैं।
आमतौर पर गंजापन (Baldness) रोग के कारण नहीं होता है। यह उम्र बढ़ने, आनुवंशिकता (heredity) या हार्मोन में बदलाव से भी संबंधित हो सकता है। यह मुख्यतः पुरुषों में होने वाला गंजापन (male pattern baldness) या महिला में होने वाला गंजापन (female pattern baldness) के रूप में होता है।
बालों के झड़ने के कारण – Cause of hair loss
बालों के झड़ने के कई कारण हैं। इसमें निम्नलिखित कारण शामिल हैं:
केश विकार के कारण बालों का झड़ना
1. वंशानुगत पतलापन या गंजापन - Hereditary thinness or baldness
इसे एंड्रोजेनिक एलोपेसिया भी कहा जाता है। इसे बालों के झड़ने का सबसे सामान्य कारण माना जाता है। यह पुरूषों में पाया जाता है। यह पुरुषों में कनपटी और सिर के ऊपरी हिस्से से शुरू होकर पीछे की ओर बढ़ता है। वही दूसरी ओर, महिलाओं में सिर के आगे के भाग को छोड़कर पूरे हिस्से के बाल झड़ने लगते हैं।
2. एलोपेसिया एरीटा (सिर से धीरे-धीरे बाल झड़ना) - Alopecia areata
यह एक ऑटोइम्यून (स्व-प्रतिरक्षित) रोग है जिसके कारण सिर की त्वचा और शरीर के किसी भी हिस्से से बाल झड़ते हैं। यह सभी उम्र के लोगों में विकसित होता है। इसमें सिर के अलग-अलग हिस्सों में जहां-तहां के बाल गिर जाते हैं, जिससे सिर पर गंजेपन का पैच लगा सा दिखता है।
3. सिट्रैटिक्स (स्कारिंग) एलोपेसिया (गंजेपन के गोल और धब्बेदार निशान) - Citrix alopecia
यह स्वस्थ पुरुषों और महिलाओं में विकसित होता है। गंजेपन के गोल और धब्बेदार निशान एक दुर्लभ स्थिति है, जो कि बालों के रोम/कूप (हेयर फॉलिकल) नष्ट करता है। बालों के रोम/कूप (हेयर फॉलिकल) त्वचा का हिस्सा है, जहां बाल बढ़ते है, बालों के रोम नष्ट हो जाते है। इसका मतलब है कि बाल झड़ जाएगें और दोबारा नहीं बढ़ेगें/आएगें। उपचार बालों के रोम को नष्ट करने वाली सूजन रोकने का प्रयास करता है।
रोग के कारण बालों का झड़ना
1. अंतर्निहित चिकित्सीय स्थिति - Underlying medical condition
बालों के झड़ने को लगभग तीस रोगों के चेतावनी संकेत के रूप में माना जाता है। अंतर्निहित रोगों के उपचार से अक्सर बाल झड़ना रोका जा सकता है या बदला जा सकता है। चिकित्सीय स्थिति, जिसमें थायरॉयड रोग और आयरन की कमी के कारण होने वाले एनीमिया की वज़ह से बाल झड़ना होता है।
2. कुछ कैंसर उपचार - Certain cancer treatments
विकिरण चिकित्सा और कुछ कीमोथेरेपी दवाएं भी बालों के झड़ने का कारण हो सकती हैं। जबकि बालों का झड़ना आमतौर पर अस्थायी होता है, यह चिकित्सा का सबसे तकलीफ़देह हिस्सा होता है।
3. सिर की त्वचा (खोपड़ी) में दाद (रिंगवर्म) - Ringworm on the scalp
बाल विशेष प्रकार की फफूंद से होने वाले संक्रमण के कारण झड़ भी सकते है, जो कि बच्चों में बेहद सामान्य है, जिसके कारण सिर में गंजापन और बीच-बीच में बाल झड़ने (स्केलिंग) लगते है।
4. ट्रीकोटिलोमनिया - Trichotillomania
यह एक ऐसा विकार है, जिसके कारण लोग बार-बार अपने बाल खींचते/नोचते हैं। व्यक्ति अपने सिर के बालों को लगातार खींचने की आदत के अलावा, भौहें, सिर और अन्य शरीर के हिस्सों से बार-बार बाल खींचने के लिए असहाय महसूस करता है।
5. तनाव - Stress
बालों का झड़ना तब भी होता है, जब कोई व्यक्ति मानसिक या शारीरिक रूप से तनाव में हो या बड़ी सर्जरी, तेज बुख़ार, गंभीर संक्रमण या फिर फ्लू के बाद भी बाल झड़ सकते है।
6. हार्मोन में बदलाव - Changes in hormones
हार्मोन के स्तर में कोई भी बदलाव विशेषकर महिलाओं में बालों के झड़ने का कारण हो सकता है। रजोनिवृत्ति के दौरान और प्रसव के बाद एस्ट्रोजन का स्तर गिरने के कारण बालों का झड़ना बेहद सामान्य है। जब एस्ट्रोजन का स्तर गिरने के कारण बाल झड़ते है, तो आमतौर पर नुकसान अस्थायी होता है। बाल फिर से बढ़ जाते हैं।
आहार के कारण बालों का झड़ना
1. वज़न कम होना - Weight loss
वज़न की समस्या से पीड़ितों में भी बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। यह बाल झड़ना सामान्य है तथा बालों का बढ़ना उचित आहार और वज़न के साथ सामान्यत: दोबारा हो जाता है।
2. विटामिन ए की अधिकता - Excess of Vitamin A
विटामिन अनुपूरक या दवाओं के माध्यम से अधिक विटामिन ए उपभोग भी बालों के झड़ने का कारण हो सकता है।
3. प्रोटीन की कमी - Lack of protein
जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता हो, तब भी बालों का झड़ना हो सकता है। यदि आहार में प्रोटीन की कमी हो जाती है, तो शरीर बालों की वृद्धि रोककर शरीर में बचे प्रोटीन को संरक्षित करने की कोशिश करता है। दो से तीन महीने के भीतर, व्यक्ति को आमतौर पर बालों के झड़ने का पता चलता है। पर्याप्त प्रोटीन उपभोग से इसे बदला और रोका जा सकता है।
4. आयरन की कमी - Lack of iron
आयरन का कम उपभोग बाल झड़ना उत्पन्न करता है। आयरन के अच्छे शाकाहारी स्रोतों में आयरन से भरपूर खाद्य अनाज, सोयाबीन, कद्दू के बीज, सफेद फलियाँ, दाल और पालक शामिल है। आयरन के अच्छे पशु स्रोतों की सूची में क्लैम, सीप, और मांस प्रमुख हैं।
5. आहार विकार - Eating Disorders
एनोरेक्सिया या बुलीमिया जैसा आहार विकार बालों के झड़ने का दूसरा कारण है।
दवाओं के कारण बालों का झड़ना
दवाएं, जो कि बालों झड़ने का कारण हो सकती हैं, उसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
गर्भनिरोधक गोलियां: गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने या बंद करने वाली कुछ महिलाएं बालों का झड़ना महसूस करती हैं। यदि परिवार में गंजेपन का रोग पहले से ही हो, तो इसकी संभावनाएं और अधिक बढ़ जाती है।
बाल देखभाल पद्धति के कारण बालों का झड़ना - Hair loss due to hair care method
बालों का सौंदर्य प्रसाधन: बालों को बार-बार रंगने के कारण बाल टूटते हैं। डाई, जैल, हेयर स्ट्रेटनर और हेयर स्प्रे के नियमित या अनुचित उपयोग से भी बाल टूटते हैं। त्वचाविशेषज्ञ बालों का टूटना को कम करने के लिए इन हेयर कॉस्मेटिक्स के उपयोग को सीमित करने की सलाह देते हैं।
मशीन से बाल सुखाना (ब्लो ड्रायर/हेयर ड्रायर से बाल सँवारना), स्ट्रेटनिंग आयरन (फ्लैट आयरन) और इसी तरह के उपकरण (ब्लो ड्रायर) के नियमित उपयोग से बालों को नुकसान पहुंचता है। ब्लो ड्रायर से निकलने वाली उच्च गर्मी से हेयर शाफ्ट (बाल की संरचना) का पानी सूख जाता है, जिससे बाल कमजोर हो जाते हैं और टूटने का ख़तरा रहता है। बालों को हवा में सूखाकर सुसज्जित (स्टाइल) करें, इससे बाल टूटने का ख़तरा कम होता है। त्वचाविशेषज्ञ भी फ्लैट आयरन के उपयोग को सीमित करने की सलाह देते हैं, जिसमें उच्च गर्मी तथा अन्य उपकरणों जैसे कि कर्लिंग आयरन का उपयोग करके बालों को सीधा किया जाता हैं।
हेयरपिन, क्लिप, और रबर बैंड: यदि बालों में हेयरपिन, क्लिप और रबर बैंड कसकर लगाया जाता है, तो इससे बाल टूटते है। बालों का टूटना कम करने के लिए किसी को बालों को भी ढीला करके क्लिप लगानी चाहिए तथा सिर के विभिन्न हिस्सों में लगानी चाहिए ताकि बालों का टूटना एक विशिष्ट क्षेत्र में सीमित न हों।
जोरदार तरीकें (जोर) से बाल बनाना: नियमित शैंपू, कंघी या ब्रश करना (सौ या दिन में अधिक बार बाल बनाना) या इनमें से कोई भी कृत्य जोरदार तरीके से करने से बाल टूटने की समस्या हो सकती है। जब बाल टूटते है तब बाल रूखे या अधिक कमज़ोर/पतले हो जाते है।
बालों को झड़ने से बचाने के लिए प्रबंधन - Management to prevent hair fall
गंजेपन या बाल झड़ने का उपचार रोग के कारण पर निर्भर करता है।
मिनोक्सिडिल - Minoxidil
इस दवा को सिर में लगाया जाता है। यह दवा बालों को कमज़ोर होने से रोकती है तथा साथ ही बालों को बढ़ने के लिए उत्तेजित करती है। यह पुरुषों और महिलाओं के लिए अनुमोदित एकमात्र बाल दोबारा बढ़ाने वाली दवा एकमात्र अनुमोदित है। आमतौर पर त्वचाविशेषज्ञ मिनोक्सिडिल को एक अन्य उपचार के साथ मिलाते हैं।
लेजर डिवाइस - laser device
ब्रश, कंघी और हाथ से चलने वाले अन्य उपकरण, जो कि लेजर लाइट उत्सर्जित करते हैं, ये भी बालों में वृद्धि करते हैं। ये उपकरण कुछ लोगों के बालों को अधिक सुंदर व सौम्य बना सकते हैं, क्योंकि एफडीए (खाद्य और औषधि प्रबंधन) इन उत्पादों को चिकित्सा उपकरणों के रूप में वर्गीकृत करता है। इन उत्पादों को कठिन परीक्षण से गुजरना नहीं पड़ता है। जबकि दवाओं को कठिन परीक्षण से गुजरना पड़ता हैं। इन उपकरणों के लिए दीर्घकालिक प्रभावशीलता और सुरक्षा अज्ञात है।
बालों को झड़ने से बचाने वाली प्रक्रियाएं – Procedures to prevent hair loss
त्वचा विशेषज्ञ की सिफ़ारिश की जाने वाली प्रक्रिया का प्रकार इस बात पर निर्भर करता है, कि आपके कितने बाल झड़ गये हैं। बेहतर परिणाम के लिए त्वचा विशेषज्ञ निम्नलिखित प्रक्रियाओं में से एक या अधिक का उपयोग कर सकता हैं:
1. केश प्रत्यारोपण (हेयर ट्रांसप्लांट) - Hair Transplant
सिर की त्वचा से, जहां बालों का घनत्व है वहां से बाल निकालकर सिर के गंजे भाग में लगा (बाल प्रत्यारोपित) दिये जाते है।
2. गंजापन कम करना - Reducing baldness
गंजेपन को शल्य चिकित्सा से दूर किया जाता है तथा सिर के बाल वाले हिस्से को सिर के गंजे भाग में मिला दिया जाता है। गंजापन दूर करने वाली शल्य चिकित्सा अकेले या बाल प्रत्यारोपण के साथ की जाती है।
3. सिर की त्वचा का विस्तारण - Expansion of the scalp
त्वचा को खिंचने के लिए लगभग तीन से चार सप्ताह तक सिर की त्वचा के नीचे उपकरण लगाए जाते हैं। सिर को अधिक शिथिल बनाने के लिए गंजापन दूर करने से पहले यह प्रक्रिया की जा सकती है। यह प्रक्रिया केवल बाल वाले क्षेत्रों को फैलाने के लिए ही की जाती है, जो कि गंजेपन को कम करती है।
4. सिर की त्वचा का टुकड़ा (स्कैल्प फ्लैप्स) - Scalp flaps
सिर के घनत्व बाल वाले हिस्से से बाल लेकर सिर के गंजे भाग में लगा दिये जाते है, जहां ज़रूरूत होती है।







हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 329
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3773
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3661
एस. के. राणा January 20 2026 0 3619
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3332
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2863
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33888
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
लेमन जूस में अल्फा हाइड्रोक्सी एसिड होता है जो मिलेनिन पिगमेंट को कम कर एक या दो महीने में इन धब्बों
ग्लोइंग स्किन पाने के लिए कुछ अलग से करने की ज़रूरत नहीं है, बस अपने रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ ब्यूट
जीवाणु संक्रमण के कारण होने वाला निमोनिया उपयुक्त एंटीबायोटिक दवाओं के साथ 1 से 2 सप्ताह तक रह सकता
निदेशक, संचारी रोग ने बताया कि फाइलेरिया को जड़ से समाप्त करने के लिए यूपी में अब डबल्यूएचओ का मॉडल अ
सीरम के वकील हितेश जैन ने कहा कि कोर्ट ने उनकी दलील पर क्यूटिस-बायोटेक की याचिका खारिज कर दी। क्यूटि
स्ट्रोक के कई जोखिम कारक हैं, जिनमें मधुमेह , उच्च रक्तचाप , हृदय रोग, डिस्लिपिडेमिया, मोटापा, तनाव,
राजकीय नर्सेज संघ ने नियम विरूद्ध उ0प्र0 स्टेट मेडिकल फैकल्टी में नर्सिंग सलाहकार की तैनाती को लेकर
विशेषज्ञों ने भारत में अस्थमा केयर में एक बड़ा अंतर बताया है। बेरोक ज़िंदगी और टफ़ीज़ जैसी पहल समय प
परीक्षा का आयोजन 17 जुलाई को किया गया था। एक रिपोर्ट के अनुसार, करीबन 18.72 लाख उम्मीदवारों ने प्रवे
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक हेमराज बैरवा ने कहा कि हिमाचल में अभी पर्याप्त कोविशील्ड वैक्सीन

COMMENTS