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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मंकी पॉक्स संक्रमण को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। हालाँकि अभी यहां संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है।
प्रदेश में मंकीपाक्स की जांच के लिए केजीएमयू (kgmu) में व्यवस्था की गई है। प्रदेश भर से संदिग्ध रोगियों के सैंपल यहीं भेजे जाएंगे। संचारी रोग विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ विकासेंदु अग्रवाल (Dr Vikasendu Agarwal, Joint Director, Department of Communicable Diseases) की ओर से सभी जिलों को बचाव के सभी जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। 80 हजार निगरानी कमेटियों को अलर्ट कर दिया गया है। यह विदेश व दूसरे राज्यों से आ रहे लोगों पर नजर रखेंगी।
उत्तर प्रदेश में मंकी पॉक्स संक्रमण (monkey pox infection in UP) को लेकर जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि स्वास्थ्य कर्मी (health workers) जो बिना पीपीई किट (PPE kit) के मरीजों के संपर्क में आते हैं, उन्हें ड्यूटी से विरत नहीं किया जाएगा लेकिन 21 दिन उनकी सघन निगरानी होगी।
डॉ विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि संक्रमितों के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों को 21 दिन मेडिकल टीम (medical team) की निगरानी में रखा जाएगा। इसमें मास्क पहनना (wearing mask), हाथ साफ रखना, घावों को पूरी तरह से ढककर रखना (keeping wounds completely covered) शामिल है। लक्षण उभरने पर उनकी जांच कराई जाएगी।
उत्तर प्रदेश में अभी तक भेजे गए छह सैंपल में से चार सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है।







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