












































पटना। लैंगिक असमानता मिटाने वाली सरकारी योजनाओं की जानकारी बच्चियों को देने के उद्देश्य से आयोजित एक कार्यशाला (workshop) में एक छात्रा द्वारा सरकार से मुफ्त सैनिटरी पैड देने की मांग पर कार्यक्रम में उपस्थित एक आईएएस अधिकारी (IAS) ने बच्ची ने को पाकिस्तान जाने की बात कह डाली।
राजधानी पटना (Patna) में महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा यूनिसेफ (UNICEF), प्लान इंटरनेशनल व सेव द चिल्ड्रेन नामक संस्था के साथ ‘‘सशक्त बेटी, समृद्ध बिहार : टुवार्ड्स एनहांसिंग द वैल्यू ऑफ गर्ल चाइल्ड'' विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया था।
इसी कार्यक्रम के दौरान एक बच्ची ने महिला एवं बाल विकास निगम की एमडी व भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) की अधिकारी हरजोत कौर बमराह से कहा कि शौचालय टूटा हुआ है, अक्सर लडक़े भी घुस जाते हैं। इसका इस्तेमाल नहीं करना पड़े, इसलिए कम पानी पीते हैं। इस पर एमडी ने कह डाला कि तुम्हारे घरों में अलग-अलग शौचालय (Urinal) है क्या? हर जगह अलग से मांगोगी तो कैसे चलेगा?
एक अन्य बच्ची ने उनसे पूछा, सरकार बहुत कुछ देती है तो क्या स्कूल में 20 रुपये का सैनिटरी पैड नहीं दे सकती? इस पर उनका जवाब था, ऐसी मांग का कोई अंत नही है। कल को जींस-पैंट मांगोगी, परसों सुंदर जूते और फिर परिवार नियोजन के साधन।
बच्ची ने कहा, जो सरकार को देना चाहिए वह तो दे। इस पर एमडी ने हिदायत देते हुए उसकी सोच गलत होने की बात कही और खुद भी कुछ करने को कहा। बच्ची प्रतिवाद करते हुए बोली, सरकार को इसके लिए पैसा इसलिए देना चाहिए कि वह हमसे वोट लेने आती है। इस पर एमडी ने इसे बेवकूफी की इंतिहा बताते हुए उसे पाकिस्तान (Pakistan) चले जाने की सलाह दे डाली।
कार्यक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद इस पर राजनीति शुरू हो गई। सरकार ने भी हस्तक्षेप किया और जांच के बाद कार्रवाई की बात की। एमडी बमराह ने भी अपनी ओर से सफाई दी कि वर्कशॉप का मकसद उनकी निर्भरता की बेडिय़ों को तोडक़र स्वतंत्र रूप से जीने के लिए प्रोत्साहित करना था अगर मेरी बातों से किसी बच्ची को ठेस लगी हो तो मै खेद व्यक्त करती हूं।
लेकिन,यक्ष प्रश्न तो यह है कि अगर सरकार की ओर से स्कूलों में सैनिटरी पैड के वितरण का प्रावधान है, तो इसकी जानकारी उस छात्रा को क्यों नहीं थी। उसे अब तक स्कूल में यह क्यों नहीं मिला।
बिहार सरकार ने 2015 में लड़कियों को स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूक करने तथा ड्रॉप आउट को कम करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य योजना (Mukhyamantri Kishori Swasthya Yojna) की शुरुआत की थी। जिसके तहत सरकारी स्कूलों में आठवीं से दसवीं कक्षा तक की लड़कियों को सैनिटरी पैड (sanitary pads) की खरीद के लिए सालाना 150 रुपये की राशि देने का प्रावधान किया गया था। जिसे बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है। आंकड़ों के अनुसार सरकारी स्कूलों की करीब 40 लाख छात्राओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है।







लेख विभाग October 25 2026 0 112
हुज़ैफ़ा अबरार October 25 2026 0 84
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 42
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 42
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 28
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6685
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1575
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1561
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1463
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1428
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1309
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1295
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 1246
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10304
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6685
एस. के. राणा February 01 2026 0 6566
एस. के. राणा January 20 2026 0 6321
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5922
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5789
एस. के. राणा January 13 2026 0 5341
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87666
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35932
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38839
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36344
लेख विभाग March 19 2022 0 35917
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73918
21 दिनों के इस हाइब्रिड रैपिड रिविजऩ प्रोग्राम के माध्यम से प्रेपलैडर आपने सभी मेडिकल पीजी छात्रों क
परिणाम को एम्स की ऑफिशियल वेबसाइट पर https://www.aiimsexams.ac.in/pdf/MSc Nursing-2021-1st Counselli
गुरुवार रात में रसूलाबाद कस्बे की डेंगू पीड़ित एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही डें
गौतमबुद्धनगर में 120, गाजियाबाद में 49 और लखनऊ में 12 नए कोरोना पाजिटिव मरीजों की पुष्टि होने पर सीए
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 4 छात्राएं स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गई है। जहां इस पूरे मामले को सूबे के
सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चले कैंप में लगभग 100 से अधिक छात्र-छात्राओं शिक्षक अधिकारी एवं रो
कोरोना की तीसरी लहर का असर कम होने के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों से कोविड से जुड़े प्रतिबंधों में ढ
आम तौर पर मवेशियों और बकरियों से फैलने वाले इस जीवाणु संक्रमण के कारण मरीजों को बुखार, थकान, सिरदर्द
देश भर में कुल एक्टिव केसों की संख्या 22,36,842 है। कोरोना का रिकवरी रेट फिलहाल 93.15% बना हुआ है। ड
अगर आपको भी उंगलियों का कालापन शर्मिंदा कर रहा है तो हमारे बताएं घरेलू नुस्खों को इस्तेमाल करके इन्ह

COMMENTS