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ऋषिकेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को पूरी दुनिया में ले जाने का कार्य किया है। आज हम योग दिवस को उत्सव के रूप में और जन दिवस के रूप में मना रहे हैं। योग शरीर को निरोग करने की विधा है। योग मिलाने की विधा है। योग को अपनी दिनचर्या में सम्मलित करें तो निश्चित रूप से हमारे जीवन में अनेक सकारात्मक परिवर्तन होंगे। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उक्त बातें परमार्थ निकेतन द्वारा गंगा तट पर 8 वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) के आयोजन के अवसर पर कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग (Yoga) एक जीवन पद्धति है। हमारे ऋषि सैकड़ों वर्षो तक जीवित रहते थे, उन्होंने अनेक दुलर्भ कार्य किये उन सब महान कार्यो के पीछे योग की शक्ति थी। ऋषियों ने योग की शक्ति से अपने मन को वश में करने का अद्भुत कार्य किया। भारत ने कभी किसी के साथ अन्याय नहीं किया। हमारी संस्कृति तेरे-मेरे, छोटे-बड़े से उपर उठकर पूरा विश्व एक परिवार है का संदेश देती है। उत्तराखंड वर्ष 2025 में जब अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा होगा तब तक हम सभी मिलकर हमारे राज्य का सम्पूर्ण विकास करेंगे और इसके लिये विभिन्न विभागों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि गंगा की पवित्र धारा के समान हम सभी के दिलों में राष्ट्रधारा प्रवाहित होती रहे। हर परिवार में योग हो, हर घट और हर घाट पर योग हो। घर-घर योग, हर घर में योग हो। योग तन को स्वस्थ करता है, मन को विकारों से मुक्त करता है और जीवन को मस्त करता है। व्यस्त रहते हुये स्वस्थ रहना है तो योग करें, रोज करें और मौज करें।
स्वामी चिदानन्द ने विश्व योग यात्रा के लिये भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि योग से हम सब जुड़ते हैं , योग हम सभी को जोड़ता है। सामूहिक सोच ही इस देश का कल्याण करेगी। स्वार्थ से उपर उठकर परमार्थ की यात्रा ही है योग यात्रा।

साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि योग से सभी वैश्विक समस्याओं का समाधान सम्भव है। योग, पर्यावरण, जल, वैश्विक, व्यक्तिगत और सामाजिक सभी समस्याओं का उत्तर है। योग का मतलब है जोड़ना। योग एक प्राचीन सिस्टम (ancient system) है और हिमालय में वर्षो से ध्यान कर रहे ऋषियों द्वारा खोजी गयी अद्भुत कला है। हम इस बार मानवता के लिये योग की थीम पर योग दिवस मना रहे हैं। योग सभी के लिये है। योग शरीर के लचीलेपन के लिये नहीं बल्कि स्वयं को बदलने के लिये है। ऋषिकेश योग की वैश्विक नगरी है और हम सभी यहां पर योग कर रहे हैं इसलिये आज स्वयं से एक वादा करें की हम योगमय जीवन जियेंगे।

परमार्थ निकेतन गंगा तट पर 8 वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन सान्निध्य में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उनकी धर्मपत्नी गीता धामी, पुत्र दिवाकर, प्रभाकर, मंत्रियों, विधायकों, उच्चाधिकारियों, विभिन्न संस्थाओं और छात्रों ने सहभाग किया और सभी ने मिलकर उत्कृष्ट योगाभ्यास किया।
परमार्थ निकेतन गंगा तट पर आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस में सहयोग एवं प्रतिभाग कर रही सभी संस्थाओं, प्रतिभागियों और सभी सम्मानित अतिथियों का स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने अभिनन्दन किया।







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