देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

महिलाओं को थायरॉइड की समस्या ज्यादा होती है: डॉ. रघु

यदि किसी व्यक्ति को पाचन में परेशानी होती है, अकारण थकावट होती है, मांसपेशियों की कसावट कम होने लगती है, मिजाज हमेशा बदलता रहता है, या उनके वजन में अचानक परिवर्तन होता है, तो थायरॉयड जांचों में से एक है।

लेख विभाग
March 02 2022 Updated: March 02 2022 16:14
0 32302
महिलाओं को थायरॉइड की समस्या ज्यादा होती है: डॉ. रघु प्रतीकात्मक

थायरॉयड एक बड़ी ग्रंथि है जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के गले में स्थित होती है। यह अंतःस्रावी तंत्र (endocrine system) में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा निकाले गए थायरॉयड उत्तेजक हार्मोन (TSH) द्वारा नियंत्रित होता है। थायराइड विकास को नियंत्रित करता है, हार्मोन के निकलने, और एक मानव शरीर की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। थायरॉयड (thyroid) द्वारा स्रावित हार्मोन चयापचय (metabolism) को भी नियंत्रित करते हैं। यदि किसी व्यक्ति को पाचन (digestion) में परेशानी होती है, अकारण थकावट (tiredness) होती है, मांसपेशियों की कसावट (loses muscle tone) कम होने लगती है, मिजाज हमेशा बदलता रहता है, या उनके वजन में अचानक परिवर्तन (loses muscle tone) होता है, तो थायरॉयड कार्यप्रणाली का परीक्षण किए जाने वाले महत्वपूर्ण जांचों में से एक है।

यह एक तथ्य है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को थायरॉयड के सही से काम नहीं करने का अधिक खतरा रहता है। हालांकि, महिलाओं इससे अधिक प्रभावित क्यों होती है इसका कारण ज्ञात नहीं है। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान और रजोनिवृत्ति के दौरान हार्मोन के उच्च प्रवाह का अनुभव होता है।

एक और महत्वपूर्ण कारक आनुवंशिक प्रवृत्ति है। प्रत्येक 5 महिलाओं में से 1 को टीएसएचबी जीन के आनुवंशिक उत्परिवर्तन के परिणामस्वरुप थायरॉइड होता है। अधिकांशतः असामान्य थायरॉयड कार्यप्रणाली एक स्वप्रतिरक्षा स्थिति है।

प्रत्येक व्यवहार्य गर्भावस्था में कम से कम एक बार गर्भ धारण के बाद थायराइड (post-conception thyroid ) कार्यप्रणाली की जाँच करना आम बात है, खासकर गर्भाधान (pregnancy) के तुरंत बाद। इसका माहवारी (menstruation) खत्म होने की शुरुआत में भी जाँच की जानी चाहिए। स्क्रीनिंग में टीएसएच (thyroid stimulating hormone) और T4  के लिए जाँच शामिल हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ़ क्लिनिकल एंडोक्रिनोलॉजिस्ट (ssociation of Clinical Endocrinologists) और अमेरिकन थायराइड एसोसिएशन (ATA) द्वारा सुझाए गए मानकों के अनुरूप हैं। दिशानिर्देश थायराइड नोडुलर रोग, ग्रेव्स रोग (Graves' disease), गोइटर (goiter), हाशिमोटो बीमारी (Hashimoto's disease) की बुनियादी नैदानिक और चिकित्सीय जानकारी देता है।

महिलाओं में पाया जाने वाला सबसे आम थायरॉयड रोग हाइपोथायरायडिज्म है:

हाइपरथायरायडिज्म की तुलना में हाइपोथायरायडिज्म कहीं अधिक आक्रामक होता है। यह 50 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को 15-20% तक प्रभावित करता है। यह थायरोक्सिन की कम उत्पादकता के कारण होता है और नींद, थकान, ठंडे हाथ पैर और कब्ज जैसे पाचन विकारों जैसे लक्षण पाए जाते हैं। इसे हाइपरथायरायडिज्म (hyperthyroidism) से भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है जो किसी भी उम्र की महिलाओं में हो सकती है।

हाइपरथायरायडिज्म थायरोक्सिन (thyroxine) के अत्यधिक उत्पादन के कारण होती है। हाइपरथायरायडिज्म 1% से भी कम महिलाओं में देखा जाता है और पुरुषों में उससे भी कम मामले पाए जाते हैं। हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण अचानक वजन घटने, अनियमित माहवारी चक्र, त्वचा, नाखूनों और बालों के पतले होने के कारण गिरने से परेशानी हो सकती है। ज्यादा पसीना आना और बढ़ी हुई दिल की धड़कन भी देखी जाती है। लक्षण आमतौर पर 20 और 40 की उम्र के बीच देखे जाते हैं।

थायराइड रोग भ्रामक है क्योंकि लक्षण विभिन्न कारणों से प्रकट हो सकते हैं। अक्सर यह महिलाओं में पता नहीं चलने वाला और निदान नहीं हो सकने वाला हो जाता है। इस कारण से, ATA 35 साल की उम्र के बाद हर 5 साल में महिलाओं को TSH स्तर के जाँच की सिफारिश करता है।

निम्नलिखित स्थितियों का अनुभव करने वाली महिलाओं के लिए एक विशेष, नियमित स्वास्थ्य जांच आवश्यक है:

  • खून की कमी
  • गोइटर
  • टाइप 1 मधुमेह

गर्भवती महिलाओं और गर्भावस्था को लेकर विचार करने वाली महिलाओं को नियमित आधार पर टीएसएच के स्तर के लिए भी एक जाँच करवानी चाहिए।

थायराइड विकार का उपचार:

थायराइड विकारों का उपचार अक्सर दीर्घकालिक होता है और सरल और सस्ता होता है। थायरोक्सिन को प्रतिदिन लेने की सलाह  आमतौर पर जीवन भर के लिए की जाती है। रोगी को थायरोक्सिन की गोलियां रोजाना खाली पेट दिन के समय में लेनी चाहिए।

दवा के अलावा हाइपरथायरायडिज्म के लिए कुछ और उपचार उपलब्ध हैं, जो रेडियोआयोडीन थेरेपी और शल्यचिकित्सा है। उपचार के साधन का चयन रोगी की आयु, गर्भावस्था और विकार की प्रकृति पर निर्भर करता है।

कुछ मामलों में थायरॉयड ग्रंथि के थायरॉयड नोड्यूल में सूजन हो जाती है। ज्यादातर ये नोड्यूल गैर घातक स्थिति में होते हैं लेकिन कभी-कभी ये नोड्यूल कैंसर भी हो सकते हैं। इसलिए इन नोड्यूल्स का मूल्यांकन महत्वपूर्ण है। थायरॉइड कार्यप्रणाली जाँच, अल्ट्रासाउंड थायरॉयड और एफएनएसी जैसे जांच की सिफारिश की जाती है। छोटे आकार के गैर घातक/कोलाइड नोड्यूल्स की वृद्धि की निगरानी की जाती है और उन्हें शल्यचिकित्सा की आवश्यकता नहीं होती है। यदि परीक्षण कैंसर का संकेत देते हैं, तो रोगी को शल्यचिकित्सा की आवश्यकता होती है।

लेखक - डॉ रघु, एमएस, सलाहकार – एंडोक्रिनोलॉजी , नारायणा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, मैसूर

 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

भारत सरकार की मुफ्त टेलीमेडिसिन सेवा

भारत सरकार की मुफ्त टेलीमेडिसिन सेवा 'ई संजीवनी' आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुडी 

विशेष संवाददाता June 03 2022 29773

एबीडीएम के साथ ई-संजीवनी का एकीकरण एक ऐसा उदाहरण है जहां 22 करोड़ एबीएचए धारक ई-संजीवनी के माध्यम से

सेवानिवृत्त होने वाले डॉक्टरों को मिलेगा दूसरा मौका, ये चिकित्सक भी कर सकते हैं आवेदन

सेवानिवृत्त होने वाले डॉक्टरों को मिलेगा दूसरा मौका, ये चिकित्सक भी कर सकते हैं आवेदन

श्वेता सिंह October 21 2022 27212

इसमें 31 अक्तूबर को सेवानिवृत्त होने वाले चिकित्सक भी आवेदन कर सकेंगे। प्रदेश में पुनर्नियुक्ति से भ

हरी मूंग है सेहत के लिए फायदेमंद

हरी मूंग है सेहत के लिए फायदेमंद

लेख विभाग September 09 2023 95354

उबली मूंग दाल में विटामिन बी, फोलेट मैगनीज, फास्फोरस, आयरन होता है। इससे वह स्वास्थ्य में लाभदायक ह

स्ट्रोक और एट्रियल फाइब्रिलेशन में काम आने वाली एलेम्बिक की दवा को यूएसएफडीए से मिली मंज़ूरी

स्ट्रोक और एट्रियल फाइब्रिलेशन में काम आने वाली एलेम्बिक की दवा को यूएसएफडीए से मिली मंज़ूरी

विशेष संवाददाता April 12 2022 50174

एलेम्बिक फार्मास्युटिकल्स की ANDA स्वीकृत दवा डाबीगेट्रान एटेक्सिलेट, बोहेरिंगर इंगेलहेम फार्मास्यूट

8 सालों में दवाओं का निर्यात 138% बढ़ा: स्वास्थ्य मंत्री

8 सालों में दवाओं का निर्यात 138% बढ़ा: स्वास्थ्य मंत्री

एस. के. राणा November 23 2022 32730

अप्रैल-अक्टूबर 2013-14 से भारत के फार्मा निर्यात में 138 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 2013-14 में 3

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दिए निर्देश कहा अस्पतालों में दवाओं की रहे उपलब्धता

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दिए निर्देश कहा अस्पतालों में दवाओं की रहे उपलब्धता

अबुज़र शेख़ November 25 2022 22495

उपमुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से सभी सीएमओ एवं सीएमएस के साथ दवाओं की उपलब्धता की

देशी कोरोनारोधी कोवैक्सीन को

देशी कोरोनारोधी कोवैक्सीन को 'द लैंसेट' ने अत्यधिक प्रभावकारी' माना है।

हे.जा.स. November 12 2021 29389

द लैंसेट ने कहा कि सिम्पटॉमिक कोरोना मरीजों के खिलाफ भारत बायोटेक की कोवैक्सीन 77.8% असरदार पाई गई ह

शोध: टीबी के इलाज की कम होगी अवधि, 14 दवाइयों से मिलेगा छुटकारा

शोध: टीबी के इलाज की कम होगी अवधि, 14 दवाइयों से मिलेगा छुटकारा

रंजीव ठाकुर September 01 2022 42377

एक नए शोध के अनुसार टीबी के इलाज में बड़ी राहत मिलने वाली है। नई दवा बीपीएएल आने से इलाज छह माह तक कम

वायरस का पता लगाएगा मास्क

वायरस का पता लगाएगा मास्क

विशेष संवाददाता September 23 2022 30044

मास्क पहनने से कोरोना, सर्दी-खांसी या किसी भी तरह का वायरस स्प्रैड नहीं होता। साइंटिस्ट का इस बारे

रायबरेली एम्स में आयुष्मान योजना के तहत जल्द मिलेगा इलाज

रायबरेली एम्स में आयुष्मान योजना के तहत जल्द मिलेगा इलाज

विशेष संवाददाता August 18 2022 49207

आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान एम्स ने जल्द ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना शुरू करने की घोषणा क

Login Panel