देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

मुजफ्फरनगर के एक ही गाँव के 19 पुरुषों ने अपनाई नसबंदी

सुदेश को स्वास्थ्य विभाग ने परिवार नियोजन साधनों को अपनाने के लिए महिला व पुरुषों को प्रेरित करने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने पहले गालिबपुर गांव के उन सभी पुरुषों से संपर्क साधा, जिनका परिवार पूरा हो चुका था।

हुज़ैफ़ा अबरार
June 22 2022 Updated: June 22 2022 01:15
0 34992
मुजफ्फरनगर के एक ही गाँव के 19 पुरुषों ने अपनाई नसबंदी प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। एक ही गांव में 19 पुरुषों की नसबंदी। है ना चौंकाने वाली खबर लेकिन है सौ फीसद सच। यह सुखद खबर आई है मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के खतौली ब्लाक से। यहां की आशा कार्यकर्ता सुदेश के प्रयास से यह कामयाबी हासिल हुई है। पश्चिम की यह खबर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक बदलाव की बयार लाने का संकेत दे रही है। 
 

सुदेश को स्वास्थ्य विभाग ने परिवार नियोजन (family planning) साधनों को अपनाने के लिए महिला व पुरुषों को प्रेरित करने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने सबसे पहले गालिबपुर गांव के उन सभी पुरुषों से संपर्क साधा, जिनका परिवार पूरा हो चुका था। पुरुषों के साथ ही उनकी पत्नी की काउंसिलिंग कर परिवार नियोजन के स्थायी साधन नसबंदी (sterilization) को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्हें यह समझाने की हरसम्भव कोशिश की कि महिला नसबंदी की अपेक्षा पुरुष नसबंदी ज्यादा सरल और सुरक्षित है। जो लोग यह कहते हैं कि नसबंदी से पुरुषों में कमजोरी आती है तो यह सरासर गलत और मनगढ़ंत बातें हैं, ऐसा कुछ भी नहीं है। उनके काम के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया है। 

       आशा कार्यकर्ता सुदेश
अपनी बात को मजबूती से रखकर सुदेश ने एक साल के भीतर 19 पुरुषों को नसबंदी के लिए राजी कर लिया। नवम्बर 2021 में पुरुष नसबंदी पखवाड़ा के दौरान आठ लोगों ने स्वेच्छा से नसबंदी की सेवा प्राप्त की। इसके अलावा नवम्बर से अब तक सुदेश 11 और पुरुषों की नसबंदी करा चुकी हैं। जून 2022 में भी उन्होंने दो पुरुषों की नसबंदी करवायी है। सुदेश का कहना है कि अब परिवार नियोजन को लेकर लोग उनकी बात ध्यान से सुनते हैं और मानते हैं।  


परिवार नियोजन के फायदे बताकर किया राजी
सुदेश का कहना है कि अक्सर समाज में फैली भ्रांतियों के चलते पुरुष नसबंदी करवाने से कतराते हैं और ठान लेते हैं कि नसबंदी नहीं कराएंगे। इसी वजह से वह प्रयास तो दूर नसबंदी के बारे में सोचते भी नहीं है। झिझक को छोड़कर जब गांव के लोगों की भ्रांतियों को दूर करते हुए बातचीत का सिलसिला शुरू किया और फायदे गिनाए तो वह नसबंदी को राजी होने लगे। उन्होंने बताया- आठ लोगों ने परिवार नियोजन का यह स्थाई साधन पुरुष नसबंदी पखवाड़े के दौरान अपनाया, बाकी लोग इसका महत्व समझकर आगे आते रहे। सुदेश कहती हैं वह परिवार नियोजन का महत्व समझाती गयीं और लोग समझते गये, परिणाम सामने है। 


परिवार नियोजन का स्थायी साधन अपनाने वाले नीटू ने बताया कि उनकी उम्र 29 वर्ष है। परिवार में पत्नी पूजा और तीन बच्चे हैं। महंगाई के इस दौर में मजदूरी करके तीन बच्चों का भरण-पोषण बहुत मुश्किल है। नीटू ने बताया कि आशा कार्यकर्ता (Asha worker) सुदेश ने जब उन्हें छोटे परिवार के बड़े फायदे गिनाये तो वह शुरू में तो झिझक की वजह से आनाकानी करने लगे, लेकिन पत्नी के समझाने पर नसबंदी कराने के लिए राजी हो गए।


इसी तरह नसबंदी अपनाने वाले श्रवण ने बताया कि उनकी पत्नी सरिता सुन और बोल नहीं सकती है। आशा कार्यकर्ता ने जब उन्हें परिवार नियोजन के फायदे बताए और यह भी बताया कि उनकी पत्नी नसबंदी कराएगी तो वह अपनी परेशानी बोलकर बता भी नहीं पाएगी। पत्नी की परेशानी को समझते हुए श्रवण ने नसबंदी कराने का फैसला किया।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

उत्तर प्रदेश में डेंगू के मामलों का टूटा रिकॉर्ड, अब तक 26 हज़ार लोग इसकी चपेट में।

उत्तर प्रदेश में डेंगू के मामलों का टूटा रिकॉर्ड, अब तक 26 हज़ार लोग इसकी चपेट में।

हुज़ैफ़ा अबरार November 16 2021 36726

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में 25 हजार 800 डेंगू केस मिल चुके हैं जो पिछले सा

डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ने सीनियर रेजिडेंट के हजारों पदों पर निकाली वैकेंसी

डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ने सीनियर रेजिडेंट के हजारों पदों पर निकाली वैकेंसी

विशेष संवाददाता November 17 2022 87969

इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास गवर्नमेंट मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज ऑफ आंध्

औषधीय पौधों से होगा बड़ी बीमारियों का इलाज, इस यूनिवर्सिटी ने किया दावा

औषधीय पौधों से होगा बड़ी बीमारियों का इलाज, इस यूनिवर्सिटी ने किया दावा

विशेष संवाददाता September 02 2022 31478

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय रिसर्च एंड बायोलॉजिकल साइंस डिपार्टमेंट ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

वेट लॉस की चाहत रखने वाले लोग रात को भूल कर भी ना खाएं ये चीजें

वेट लॉस की चाहत रखने वाले लोग रात को भूल कर भी ना खाएं ये चीजें

श्वेता सिंह September 24 2022 27205

खान-पान की वजह से भी आपका वजन बढ़ता है। ऐसे कई लोग हैं जिसे फास्ट फूड खाना काफी पसंद होता है लेकिन य

घर पर ही पेडीक्योर करके पैरों को बनायें सुन्दर।

घर पर ही पेडीक्योर करके पैरों को बनायें सुन्दर।

सौंदर्या राय October 29 2021 38621

पेडिक्योर कराने से आपके पैर खूबसूरत होने के साथ बहुत सुंदर और साफ, हेल्‍दी हो जाएगें। पेडिक्‍योर से

यूरोलॉजिस्ट डॉ राकेश कपूर अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित हुए

यूरोलॉजिस्ट डॉ राकेश कपूर अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित हुए

रंजीव ठाकुर October 02 2022 80401

भारत-मॉरीशस यूरोलॉजी कॉन्क्लेव के दूसरे कॉन्क्लेव में एंडोरोलॉजी, रीकंस्ट्रक्टिव यूरोलॉजी और टीचिंग

लंबे समय तक काम करने से मौत की संभावना बढ़ती है: WHO, ILO

लंबे समय तक काम करने से मौत की संभावना बढ़ती है: WHO, ILO

एस. के. राणा May 18 2021 26584

लंबे समय तक काम करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है, और वर्तमान में वैश्विक स्तर पर कुल आबादी का 9%

कोविड-19 के बार-बार इंफेक्शन से बढ़ जाता है मौत का खतरा- स्टडी

कोविड-19 के बार-बार इंफेक्शन से बढ़ जाता है मौत का खतरा- स्टडी

एस. के. राणा November 12 2022 32023

वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि पहले संक्रमण के बाद एंटीबॉडी प्राप्त करने और वैक्सीन या फिर बूस्टर डोज

सहारा हॉस्पिटल ने स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर निकाली जागरूकता रैली

सहारा हॉस्पिटल ने स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर निकाली जागरूकता रैली

हुज़ैफ़ा अबरार October 03 2022 44914

सहारा हास्पिटल की ओर से राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस शिविर के साथ रक्तदान के लिए लोगों को जागरूक

प्राइवेट हॉस्पिटल को नहीं मिलेगा आयुष्मान योजना का भुगतान, एमपी सरकार ने लगाई रोक

प्राइवेट हॉस्पिटल को नहीं मिलेगा आयुष्मान योजना का भुगतान, एमपी सरकार ने लगाई रोक

विशेष संवाददाता February 26 2023 28364

एमपी के प्राइवेट हॉस्पिटल को सरकार का आयुष्मान योजना के तहत भुगतान नहीं मिलेगा। इसके साथ ही प्रदेश भ

Login Panel