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लंदन। 70 सालों तक ब्रिटेन की राजगद्दी संभालने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय अब दुनिया में नहीं रहीं। उन्होंने 96 साल की उम्र में गुरुवार को अंतिम सांस ली। बंकिघम पैलेस की ओर से एक बयान जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि गुरुवार दोपहर को स्कॉटलैंड के बाल्मोरल महल में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु हो गई है। वह स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही थीं।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें महारानी लंबे समय से एपिसोडिक मोबिलिटी (episodic mobility) नामक बीमारी से जूझ रहीं थी। इस बीमारी के बाद महारानी लंदन के बजाय स्काटलैंड में रहने लगी थीं। आइए आपको इस बीमारी के बारे में विस्तार से बताते हैं।
क्या होती है एपिसोडिक मोबिलिटी - What is episodic mobility
जिस एपिसोडिक मोबिलिटी से महारानी एलिजाबेथ द्वितीय जूझ रही थीं उसमें इंसान चल-फिर नहीं पाता। कुर्सी पर बैठने और उठने में भी परेशानी होने लगती है। ये ज्वाइंट (joint) प्रॉब्लम को भी बढ़ाती है। इससे ग्रसित इंसान की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जोड़ों के दर्द की परेशानी बढ़ जाती है। इतना ही नहीं ये बीमारी मस्तिष्क (brain) से जुड़ी समस्याएं (problem) भी बढ़ाती है। हैरान करने वाली बात ये है कि ये बीमारी सिर्फ बुजुर्गो में ही नहीं बल्कि अन्य आयु को लोगों को भी हो सकती है।
पुरानी समस्याओं को बूस्ट करती है एपिसोडिक मोबिलिटी - This disease boost the old problems
जानकारी के अनुसार एपिसोडिक मोबिलिटी नाम की बीमारी कई समस्याओं को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। इससे ग्रसित होने पर पुराना दर्द उभर आना, जोड़ों में सूजन (swelling) होने लगती है। अगर बॉडी (body) के किसी हिस्से में चोट है तो उसका दर्द भी बढ़ सकता है। डाक्टर्स (doctor) बताते हैं कि इस बीमारी का कोई औपचारिक इलाज नहीं है। सरल भाषा में समझें तो इससे पीड़ित मरीजों को तरह-तरह की परेशानियां अंतराल में आती हैं यानी की एपिसोड (episode) में। यही वजह है कि इस बीमारी को एपिसोडिक मोबिलिटी कहते हैं।
Edited by Shweta Singh







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