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लखनऊ। दो बार सर्जरी होने के बाद तीसरी बार कैंसर (cancer) होने के मामले कम ही होते हैं। डॉक्टर भी सफलता की दर काफी कम होने की वजह से तीसरी बार सर्जरी करने से बचते हैं। फिर भी एसजीपीजीआई (SGPGI) के डॉक्टरों ने ऐसे ही एक मामले में तीसरी बार सर्जरी करके मरीज की जिंदगी बचाई है।
कानपुर निवासी 49 वर्षीय प्रेमशंकर को दो बार पेट का कैंसर हो चुका था। एसजीपीजीआई में चिकित्सकों ने सर्जरी और कीमोथेरेपी (chemotherapy) के माध्यम से उनकी जांच बचाई थी। करीब दस साल बाद एक बार फिर पेट में बाईं तरफ बड़ी आंत में कैंसर हुआ है। प्रो. अशोक कुमार ने अपनी टीम के साथ सर्जरी की यौजना बनाई।
प्रो. अशोक के मुताबिक तीसरी बार की जटिल सर्जरी (complex surgery) होने के साथ ही सफलता दर भी कम होती है, इसलिए हम केस को हम इंटरनेशनल जर्नल में रिपोर्ट करने जा रहे है। इसके साथ ही बार-बार कैंसर के कारण की पड़ताल भी की जाएगी। इस मरीज (Patient) को पहली बार ड्यूडेनम दूसरी बार दायीं तरफ बड़ी आंत में और तीसरी बार बायीं ओर बड़ी आंत में कैंसर हुआ। आनुवंशिकता इसकी वजह हो सकती है, लेकिन अध्ययन के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।







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