देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए रोग की शुरुआती पहचान और सटीक इलाज महत्वपूर्ण: हेस्टैकएनालिटिक्स इनसाइट्स

राज्यवार जानकारी से अनुमान लगता है कि यूपी 2017 से हर साल टीबी के करीब पाँच लाख मामलों की रिपोर्ट कर रहा है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन का अनुमान है कि इस समय दुनिया भर में लगभग 41 लाख लोग तपेदिक से पीड़ित हैं।

हुज़ैफ़ा अबरार
March 23 2022 Updated: March 24 2022 03:41
0 31119
भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए रोग की शुरुआती पहचान और सटीक इलाज महत्वपूर्ण: हेस्टैकएनालिटिक्स इनसाइट्स प्रतीकात्मक

मुंबई। मुंबई स्थित हेल्थटेक स्टार्ट-अप, हेस्टैकएनालिटिक्स ने देश भर में टीबी संक्रमणों की संख्या में 49% की खतरनाक वृद्धि की जानकारी दी है। ये ऐसे मामले हैं जो बड़े पैमाने पर बिना निदान के रहते हैं। यह स्थिति लोगों में इस बीमारी के बारे में जागरूकता की बढ़ती आवश्यकता और देश में सटीक निदान सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता की ओर इशारा करती है। हेस्टैकएनालिटिक्स को भारत सरकार के विज्ञान व तकनीक मंत्रालय, हेल्थकेयर (healthcare) क्षेत्र के दिग्गज जैसे डॉ. वेलुमणि और निजी संस्थान जैसे जीई हेल्थकेयर (GE Healthcare) और इंटेल इंडिया स्टार्ट अप प्रोग्राम (Start Up Program) का समर्थन प्राप्‍त है।

तपेदिक (tuberculosis) के सटीक और समय पर निदान को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर टिप्पणी करते हुए, हेस्टैक एनालिटिक्स के सह-संस्थापक और सीईओ, डॉ अनिर्वन चटर्जी ने कहा, “हेस्टैक एनालिटिक्स में हमारा लक्ष्य उन तकनीकों को नया करना और सक्षम करना है जो वर्तमान डायग्नोस्टिक्स पारिस्थितिकी तंत्र में अंतराल और चुनौतियों को कम करती हैं। जीनोमिक्स ऑन्कोलॉजी (oncology), तपेदिक और संक्रामक रोगों (infectious diseases) जैसे चिकित्सा क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा का चेहरा बदल रहा है क्योंकि डब्ल्यूजीएस (WGS) की तकनीक ने सही रोगजनकों की पहचान करने और बीमारी के समय पर निदान में मदद करने के लिए सफल समाधान दिए हैं। सरकार और बिरादरी के समर्थन से जीनोम सीक्‍वेंसिंग जैसी अगली पीढ़ी की मेडटेक की शक्ति का उपयोग करके, हम इस विश्व टीबी दिवस के साथ 2025 तक एक टीबी मुक्त भारत प्राप्त करने में मदद करने में योगदान करने का संकल्प लेते हैं।”

रिपोर्ट की राज्यवार जानकारी से अनुमान लगता है कि यूपी 2017 से हर साल टीबी के करीब आधा मिलियन मामलों की रिपोर्ट कर रहा है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) का अनुमान है कि इस समय दुनिया भर में लगभग 4.1 मिलियन लोग तपेदिक (ट्यूबरकुलोसिस यानी टीबी)  से पीड़ित हैं, लेकिन ये मामले अभी भी बिना निदान और बिना रिपोर्ट के बने हुए हैं। 2020 में टीबी से कुल 1.5 मिलियन (15 लाख) लोगों की मृत्यु हुई। इससे यह दुनिया भर में मृत्यु का 13वां प्रमुख कारण बन गया और कोविड -19 के बाद दूसरा प्रमुख संक्रामक किलर है।

वैसे तो भारत 2025 तक टीबी मुक्त होने के मिशन पर है, लेकिन हेस्‍टैक एनालिटिक्‍स की रिपोर्ट बताती है कि देश में दुनिया भर के सबसे ज्यादा तपेदिक के मामले हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा, 65% मामले आबादी के उस वर्ग 15-45 में दर्ज किए गए हैं जो आर्थिक रूप से सबसे अधिक उत्पादक माना जाता है। इसका हानिकारक प्रभाव न केवल अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है बल्कि नियत समय में इसका समाधान नहीं किया गया तो स्थिति काफी बिगड़ सकती है।

अपनी रिपोर्ट में हेस्टैकएनालिटिक्स ने देश में टीबी के बढ़ने और फैलने में योगदान देने वाले कारणों पर प्रकाश डाला है और इसके प्रभाव को कम करने के लिए उपयुक्त नैदानिक उपायों को अपनाने की सिफारिश करता है क्योंकि भारत इस बीमारी के उन्मूलन की दिशा में काम करना जारी रखे हुए है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

डीडीयू में योग के पाठ्यक्रम में दाखिले का आज अंतिम दिन

डीडीयू में योग के पाठ्यक्रम में दाखिले का आज अंतिम दिन

अनिल सिंह November 03 2022 39089

पीजी डिप्लोमा इन योग के समन्वयक डॉ. संजय कुमार राम ने बताया कि पीजी डिप्लोमा में इच्छुक अभ्यर्थी 3

दमा के कारण, उपचार और रोकथाम के तरीके   

दमा के कारण, उपचार और रोकथाम के तरीके  

लेख विभाग May 03 2022 37783

दमा का प्रहार आम तौर पर 5 से 11 साल के बीच के बच्चों में भी होता है।श्वसन के दौरान, जिस हवा में हम स

बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए विशेष टीकाकरण की हुई शुरुआत

बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए विशेष टीकाकरण की हुई शुरुआत

विशेष संवाददाता January 10 2023 30398

स्वास्थ्य विभाग के आदेशानुसार नवजात बच्चों से लेकर 5 साल तक के बच्चों को विशेष टीकाकरण लगाने का कार

J.E.E. की तर्ज़ पर NEET-UG की परीक्षा को वर्ष में एक बार से अधिक आयोजित करने की संभावनाओं पर विचार। 

J.E.E. की तर्ज़ पर NEET-UG की परीक्षा को वर्ष में एक बार से अधिक आयोजित करने की संभावनाओं पर विचार। 

अखण्ड प्रताप सिंह January 24 2021 16088

क छात्र विभिन्न कारणों से साल में एक बार मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG के दिन गैर हाज़िर हो सकता है।

बहुएँ भी करती हैं सासू माँ का नाम रोशन।

हुज़ैफ़ा अबरार February 06 2021 27756

डॉ रुबी राज सिन्हा ने हेल्थ जागरण को शुभकामनाएं दी।

हृदय रोगियों के लिए राहत, केजीएमयू के लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग में बेड के साथ बढ़ी सुविधाएं

हृदय रोगियों के लिए राहत, केजीएमयू के लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग में बेड के साथ बढ़ी सुविधाएं

हुज़ैफ़ा अबरार February 09 2022 62622

केजीएमयू के लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग में जल्द ही और अधिक मरीजों की भर्ती हो सकेगी। ऑपरेशन की संख्या म

लखनऊ कैंसर इन्स्टीट्यूट ने आयोजित किया कैंसर जागरुकता एवं निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर।

लखनऊ कैंसर इन्स्टीट्यूट ने आयोजित किया कैंसर जागरुकता एवं निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर।

हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2021 26617

विशेषज्ञों द्वारा चिकित्सकीय परीक्षण किया गया और परामर्श दिया गया। शिविर में निःशुल्क दवाओं का भी वि

हेयर कंडीशनर लगाने का सही तरीका जान लें, वरना हो सकती है बड़ी समस्या

हेयर कंडीशनर लगाने का सही तरीका जान लें, वरना हो सकती है बड़ी समस्या

श्वेता सिंह September 27 2022 33261

एक्सपर्ट्स के मुताबिक़ ऐसा बिल्कुल भी नहीं है हेयर कंडीशनर से हेयर फॉल की समस्या बिल्कुल भी नहीं होती

राजधानी के अस्पताल में खुला स्किन बैंक

राजधानी के अस्पताल में खुला स्किन बैंक

आरती तिवारी June 22 2023 42787

दिल्ली का सफदरगंज अस्पताल में स्किन बैंक उद्घाटन किया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के रिपोर्ट के मुताब

गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क पर नही होता कोरोना संक्रमण का असर: शोध

गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क पर नही होता कोरोना संक्रमण का असर: शोध

हे.जा.स. December 06 2021 39417

एक नए शोध में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस गर्भवती महिलाओं के बच्चे के दिमाग को नुकसान नहीं पहुं

Login Panel