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पुणे। अग्रणी दवा कंपनी सिप्ला लिमिटेड ने डॉक्टरों, विशेष चिकित्सों और नेताओं के एक समूह के साथ विश्व कैंसर दिवस मनाया। इस अवसर पर एक उच्च-स्तरीय आभासी गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया जिसका थीम 'टुगेदर, आवर ऑल एक्शन एक्शन मैटर' है। इस अवसर पर कंपनी के पुणे स्थित पैलिएटिव केयर एंड ट्रेनिंग सेंटर के देख रेख में #AshaHamesha अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए विशेष चिकित्सा देखभाल को वास्तविकता बनाना है।
सिप्ला कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए विशेष चिकित्सा देखभाल के महत्त्व को समझता है। कंपनी का पुणे स्थित पैलिएटिव केयर एंड ट्रेनिंग सेंटर 1997 से कैंसर के रोगियों और उनके परिवारों की नि: शुल्क विशेष चिकित्सा और देखभाल प्रदान करता है। इसमें 18,000 से अधिक रोगियों की मुफ्त देखभाल की जा चुकी है।
जनवरी 2021 की शुरुआत में सिप्ला पैलिएटिव केयर एंड ट्रेनिंग सेंटर ने देश भर के 200 ऑन्कोलॉजिस्ट्स से सर्वे किया। इस सर्वेक्षण से कंपनी इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि लोगों के उस मानसिकता को तोड़ना है जो मानती है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का अर्थ मृत्यु है । इसके साथ ही दर्द से राहत के लिए opioids के उपयोग की भी चुनौतियाँ हैं।
रूमाना हामिद, मैनेजिंग ट्रस्टी, सिप्ला फाउंडेशन ने कहा, “हमें उम्मीद है कि इस आयोजन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए विशेष चिकित्सा देखभाल के महत्त्व को समझना सरल होगा। इस कैंसर दिवस पर, हम सभी को एक साथ आना चाहिए।
डॉ वाई के हामिद, अध्यक्ष सिप्ला, डॉ सीएस प्रमेश, निदेशक, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल और संयोजक, नेशनल कैंसर ग्रिड और डॉ एमआर राजगोपाल, अध्यक्ष, पैलियम इंडिया, पैनल चर्चा का हिस्सा थे। जिसमें प्रोफेसर रिचर्ड हार्डिंग, सिलीली सॉन्डर्स इंस्टीट्यूट ऑफ प्रशामक केयर, यूके शामिल हुए। डॉ नवीन सालिन्स, मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर सेंटर, डॉ अनिल डी'क्रूज़, यूनियन ऑफ़ इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल एंड अपोलो हॉस्पिटल, डॉ सुषमा भटनागर, ओन्को-एनेस्थीसिया और प्रशामक चिकित्सा, एम्स और डॉ आर्मीडा फर्नांडीज, रोमिला पैलिएटिव केयर पैनल का हिस्सा थे।







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