











































प्रतीकात्मक
नई दिल्ली। ओमिक्रॉन का दूसरा सब-वेरिएंट BA.2 को स्टील्थ वेरिएंट (Stealth variant) भी कहा जाता है, जो इस वक्त कई देशों में कहर मचा रहा है। जैसा कि नाम से साफ है, यह गुप्त है क्योंकि इसके पूर्वज BA.1 Omicron प्रकार के साथ कई सामान्य उत्परिवर्तन हैं, लेकिन इसमें स्पाइक प्रोटीन पर आनुवंशिक विलोपन नहीं होता है, जिससे RT PCR टेस्ट में इसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। इस स्ट्रेन को ट्रेक करने में काफी समय लगता है, इसलिए इसे स्टेल्थ यानी गुप्त वेरिएंट कहा गया है।
22 फरवरी, 2022 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार इस वेरिएंट पर एक आधिकारिक बयान जारी किया था। WHO ने कहा था कि संचरण, गंभीरता, पुन: संक्रमण, निदान, चिकित्सीय और टीकों के प्रभावों के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर BA.2 को चिंता का एक प्रकार माना जाएगा।
BA.2 ज़्यादा संक्रामक क्यों है?
जैसा कि बताया, कि वायरस का यह स्ट्रेन अपनी जैनेटिक कॉम्पोज़िशन की वजह से RT-PCR जैसे टेस्ट में इसका पता नहीं चलता है। WHO ने कहा कि शोध में इस वेरिएंट क विकास के कारण को समझने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि BA.2 स्वाभाविक रूप से BA.1 की तुलना में अधिक पारगम्य है, जो इस वक्त ओमिक्रॉन का सबसे आम सबलाइनेज है।
माइल्ड कोरोना वायरस वेरिएंट (Miled Corona Virus Variant) के स्टेल्थ सब-वेरिएंट में अभी तक कोई अलग लक्षण नहीं दिखे हैं। लेकिन जैसा कि यह देखा गया है कि कोरोना वायरस अलग-अलग लोगों पर अलग-अलग तरह से असर करता है, इसलिए किसी ख़ास प्रकार या सबवेरिएंट के लक्षणों को अलग करना मुश्किल है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्टेल्थ वेरिएंट की वजह से होने वाले कोविड संक्रमण के शुरुआती लक्षणों में चक्कर आना और थकावट जैसे संकेत महसूस हो सकते हैं। वायरस के संपर्क में आने के दो से तीन दिन बाद लक्षण देखे जा सकते हैं। कोविड के अन्य सामान्य लक्षणों में हल्का बुखार, नाक बहना, सांस लेने में मुश्किल, गले में ख़राश, सिरदर्द, शरीर में दर्द शामिल हैं।







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