देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

डाउन सिंड्रोम पीड़ित बच्चों का कोई इलाज नही प्यार ही असली दवा है

भारत में जन्म लेने वाले हर 800 से 1000 बच्चों में से किसी एक को यह समस्या प्रभावित करती है। डाउन सिंड्रोम के साथ जन्मे बच्चे देखने में तो अलग लगते ही हैं साथ ही इनका मानसिक विकास भी धीमी गति से होता है।

आनंद सिंह
March 21 2022 Updated: March 22 2022 10:01
0 36024
डाउन सिंड्रोम पीड़ित बच्चों का कोई इलाज नही प्यार ही असली दवा है प्रतीकात्मक

नई दिल्ली। भारत में जन्म लेने वाले हर 800 से 1000 बच्चों में से किसी एक को यह समस्या प्रभावित करती है। डाउन सिंड्रोम (Down's Syndrome) के साथ जन्मे बच्चे देखने में तो अलग लगते ही हैं साथ ही इनका मानसिक विकास भी धीमी गति से होता है। इन बच्चों को कुछ कई तरह की सेहत संबंधी परेशानियों का भी खतरा रहता है। लेकिन यह जरुरी नहीं। कई बच्चे एकदम हेल्दी होते हैं। डाउन सिंड्रोम को 'ट्राइसोमी 21' के नाम से भी जाना जाता है।

डाउन सिंड्रोम के कारण
नॉर्मली बच्चा 46 क्रोमोसोम के साथ पैदा होता है। 23 क्रोमोसोम उसे अपने पिता से और 23 क्रोमोसोम उसे अपनी मां से मिलते हैं। डाउन सिंड्रोम की स्थिति तब होती है जब माता या पिता अतिरिक्त क्रोमोसोम का योगदान करते हैं। जब बच्चे में ये अतिरिक्त 21वां क्रोमोसोम आ जाता है तो उसकी बॉडी में इनकी संख्या 46 से बढ़कर 47 हो जाती है जो डाउन सिंड्रोम की वजह बनता है।

डाउन सिंड्रोम के लक्षण

  • जोड़ों व मांसपेशियों का ढीलापन
  • सिर का आकार पीछे से सपाट होना
  • आंखें ऊपर या बाहर की तरफ या तिरछी होना
  • छोटा और गठीला शरीर
  • जन्म के समय वजन कम होना
  • हाथ चौड़ा लेकिन उंगलियां छोटी होना
  • बुद्धि स्तर काफी कम होना
  • शारीरिक और मानसिक विकास धीमा होना

डाउन सिंड्रोम से जुडी समस्याएँ 

भ्रूण जब गर्भाशय में हो तब सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए जांच के जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि बच्चा डाउन सिंड्रोम से पीड़ित है या नहीं। गोरखपुर के वरिष्ठ बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ आर एन सिंह बतातें हैं कि पता लग जाने के बाद भी इसका इलाज मुमकिन नहीं है। इस प्रकार के बच्चों की जन्मजात इम्युनिटी कमज़ोर होती है। ऐसे बच्चों को बोलने की समस्या, स्वास संबंधी रोग, जन्मजात ह्रदय रोग और ब्लड कैंसर जय रोगों का सामना करना पड़ता है। ह्रदय रोग से ग्रसित डाउन्स सिंड्रोम के तकरीबन 50% बच्चों की एक वर्ष की उम्र पहुंचने से पहले मृत्यु हो जाती है। भौतिक विकास कम होता है। 13 से 54% तक डाउन्स वाले बच्चों में हाइपोथायरायडिज्म पाया जाता है। 20% बच्चे आँत या पेट सम्बन्धी रोग से  होतें हैं। सुनने संबंधी परेशानियाँ पायीं गयीं हैं।  

इन बच्चों में जो रोग दिखाई पड़े, उसका इलाज किसी विशेषज्ञ से या उच्च संस्थानों में ही कराना हितकर होगा। इलाज न हो पाने की स्थिति में बच्चे के साथ बुरा बर्ताव करने की जगह उन्हें प्यार दें। डाउन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चे और वयस्क आज भी सही देखरेख की वजह से अच्छी जिंदगी बिता रहे हैं। डाउन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चे नॉर्मल बच्चों की तरह अपना काम खुद से आसानी से कर सकते हैं बस उन्हें घर-परिवार के सपोर्ट की जरूरत होती है। स्पीच, फिजियोथेरोपी का भी सहारा लिया जा सकता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

जानिए सदाबहार फूल के औषधीय फायदे

जानिए सदाबहार फूल के औषधीय फायदे

आरती तिवारी September 11 2022 81636

सदाबहार एक ऐसा फूल है, जो पूरे साल खिलता है। आयुर्वेद में सदाबहार को डायबिटिज के इलाज में काफी असरदा

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्राणीण स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य में 2445 स्टाफ नर्स के पदों पर भर्ती।

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्राणीण स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य में 2445 स्टाफ नर्स के पदों पर भर्ती।

हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2021 30196

यह भर्ती कंट्रैक्ट बेस (संविदा) पर होगी। यूपी में स्टाफ नर्स की इस भर्ती से कुल 2445 रिक्त पदों पर य

अमेरिका में मंकीपॉक्स हेल्थ इमर्जेंसी घोषित 

अमेरिका में मंकीपॉक्स हेल्थ इमर्जेंसी घोषित 

हे.जा.स. August 05 2022 25957

मंकीपॉक्स यूरोप में तेजी से फैल रहा है। स्पेन, जर्मनी और यूके को मिलाकर करीब 10  हजार केस मिल चके है

जानिए पलकों को घना बनाने के  घरेलू उपाय

जानिए पलकों को घना बनाने के घरेलू उपाय

आरती तिवारी August 30 2022 36721

खूबसूरत आंखें हर शख्स के चेहरे का नूर बढ़ा देती हैं। अगर किसी महिला की पलकें घनी और गहरी हों, तो खूब

दिल्ली HC ने एक महिला को 33 हफ्ते की प्रेग्नेंसी खत्म करने की दी इजाजत

दिल्ली HC ने एक महिला को 33 हफ्ते की प्रेग्नेंसी खत्म करने की दी इजाजत

एस. के. राणा December 08 2022 28670

दिल्ली हाईकोर्ट ने 26 वर्षीय विवाहित महिला के 33 सप्ताह यानी करीब 8 माह से अधिक के गर्भ को गिराने की

कोरोना रोधी टीकों के बारें में जानिये डॉ. रेनु स्वरूप से।   

कोरोना रोधी टीकों के बारें में जानिये डॉ. रेनु स्वरूप से।   

हे.जा.स. May 12 2021 34650

जैव प्रौद्यौगिकी विभाग की सचिव डॉ. रेनु स्वरूप ने एक साक्षात्कार में टीकों की उपलब्धता बढ़ाने और नए

पेठा खाने से सेहत को मिलेंगे गजब के फायदे

पेठा खाने से सेहत को मिलेंगे गजब के फायदे

लेख विभाग February 09 2023 29762

सर्दियों के खरबूजे, पेठा में मौजूद यह विटामिन त्वचा पर ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाता है। क्या आप जानते है

डॉ पियाली भट्टाचार्य से जानिए शिशुओं को छह माह तक और उसके बाद आहार कैसे दें

डॉ पियाली भट्टाचार्य से जानिए शिशुओं को छह माह तक और उसके बाद आहार कैसे दें

रंजीव ठाकुर September 08 2022 42970

राष्ट्रीय पोषण माह पर एसजीपीजीआई की वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ पियाली भट्टाचार्य ने स्तनपान और बच्चो

सम्भोग आनंददायक है, चरमसुख पाने के उपाय जानिये 

सम्भोग आनंददायक है, चरमसुख पाने के उपाय जानिये 

लेख विभाग August 10 2022 154337

सेक्स के बारे में महसूस करने का कोई "सही" तरीका नहीं है और सेक्स करने का कोई सही तरीका नहीं है। लोग

सभी डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ तैनाती स्थल पर अवश्य निवास करें: बहराइच जिलाधिकारी

सभी डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ तैनाती स्थल पर अवश्य निवास करें: बहराइच जिलाधिकारी

रंजीव ठाकुर July 30 2022 28695

बहराइच जिलाधिकारी डॉ दिनेश चन्द्र ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर

Login Panel