लखनऊ। पीजीआई के बाद अब लोहिया संस्थान और केजीएमयू में राज्य कर्मचारी, पेंशनर और उनके आश्रितों को अब कैशलेस इलाज मिलेगा। इसके लिए दोनों संस्थानों को इलाज के लिए पहली किस्त मिल गई है। साथ ही शासन के विशेषज्ञ पीजीआई,केजीएमयू,लोहिया सहित दूसरे मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर प्रशिक्षण देंगे।
केजीएमयू (KGMU) के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार ने कहा कि चिकित्सा विवि को 50 लाख रुपये का बजट मिला है। योजना के नोडल अफसर (nodal officer) डॉ. बालेंदु बनाए गए हैं। योजना के तहत कर्मचारी, पेंशनर और आश्रितों को कैशलेस इलाज (cashless treatment) दिया जाएगा। इसी तरह एसजीपीजीआई (SGPGI) के निदेशक डॉ. आरके धीमन ने बताया कि संस्थान में इसी सप्ताह से कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू हो जाएगी। शासन से 60 लाख रुपये की पहली किस्त मिल चुकी है। प्रदेश के 75 लाख कर्मचारियों, पेंशनरों तथा आश्रितों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। संस्थान के इमरजेंसी मेडिसिन (emergency medicine) औऱ गुर्दा प्रत्यारोपण केंद्र में कैशलस योजना का काउंटर शुरू किया गया है।
लोहिया संस्थान (Lohia Institute) के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि संस्थान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी (state employee) कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू कर दी गई है। डॉ. सिंह को ही इसका नोडल बनाया गया है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत संस्थान के खाते में पहली किस्त के तौर पर 40 लाख रुपये मिल गए हैं। अब संस्थान आने वाले कर्मचारियों और पेंशनर्स को कैशलेस इलाज दिया जाएगा।
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