











































प्रतीकात्मक
लखनऊ। न्यू ड्रग्स मेडिकल डिवाइसेज एण्ड कॉस्मेटिक बिल 2022 को लेकर देश का चिकित्सा उपकरण उद्योग निराश हैं और नए बिल के चैप्टर 6 की अनुसूचियों को लेकर चिंता जाहिर की है। इससे जुड़ी एसोसिएशन ने कहा कि अलग रूप से एक्ट का प्रावधान नहीं किया गया जिससे उद्योग मायूस है।
नए विधेयक (New Drugs Medical Devices and Cosmetics Bill 2022) पर चर्चा करते हुए राजीव नाथ, फोरम कॉर्डिनेटर, एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंड्रस्टी (Association of Indian Medical Device Industry) ने कहा कि इस बिल के मसौदे से हमें बड़ी निराशा हुई है क्योंकि इसमें चिकित्सा उपकरणों (medical devices) की बाबत कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नए उद्यमियों (New Entrepreneurs), स्टार्टअप (Startups), इंजीनियर्स या डेवलपर्स (Engineers or Developers) को अभी भी एक जटिल कानूनी प्रक्रिया (complicated legal process) पूरी करनी होगी जो इस श्रेणी के लिए बिल्कुल भी स्पोर्टिव नहीं है।
नए विधेयक के अध्याय 6 की अनुसूचियों का जिक्र करते हुए राजीव नाथ ने कहा कि यह बिल अभी भी चिकित्सा उपकरणों को मिलावटी (medical devices adulterated) बताता है और इसके अधिनियम ज्यातातर जंग लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा उपकरणों का बाजार बहुत बड़ा है जिसको और बढ़ाने की जरूरत है लेकिन यह बिल एक तरीके से नई सम्भावनाओं पर अंकुश लगाता है।
मेडिकल इंड्रस्टी (medical industry) को बड़ा घर बताते हुए राजीव नाथ ने कहा कि जिस तरह बढ़ते परिवार की जरुरतों को पूरा करने के लिए अभिभावक प्रयास करते हैं वैसा यहां बिल्कुल भी नहीं किया गया है। चिकित्सा उपकरण उद्योग (medical device industry) को सौतेले व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है और नीति निर्माता को इसकी चिंता ही नहीं है। बिल का विस्तृत अध्ययन करने की बात करते हुए कहा कि अभी ज्यादा कुछ कहना जल्दबाजी होगी, एक बार पूरे विधेयक का अध्ययन कर लिया जाए फिर हम बेहतर स्थिति में होंगे।
एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंड्रस्टी ने यह भी कहा कि एक अलग चिकित्सा उपकरण तकनीकी सलाहकार बोर्ड (separate Medical Device Technical Advisory Board) का प्रस्ताव अच्छा है, इसके लिए हम लोग लम्बे समय से सिफारिश कर रहे थे। नया बिल मानकों, आयात (import), वितरण (distribution), निर्माण (manufacture), बिक्री क्लीनिकल ट्रायल (clinical trials) को परिभाषित करता है इससे मिलावटी, नकली चिकित्सा उपकरणों (adulterated, counterfeit medical devices) पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और ऐसा करने वाले न्यायिक जांच में शामिल हो जाएंगे। इसमें ऐसे जाली निर्माताओं (counterfeit medical devices manufacturers) के लिए कारावास और जुर्माना का प्रावधान स्वागत योग्य है।
एसोसिएशन ने कहा कि ऐसे चिकित्सा उपकरण को मिलावटी माना जाएगा जिसमें कोई जंग लगा या टूटा फूटा, सड़ा गला पदार्थ हो, या फिर विपरीत परिस्थितियों में बनाया गया हो या पैक किया गया हो। ये उपकरण स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक और हानिकारक (hazardous and harmful to health) हो सकते हैं। ऐसी किसी भी स्थिति में निर्मित उपकरण गुणवत्ता विहीन होंगे। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि यदि चिकित्सा उपकरण पर फेक निर्माता का लेबल लगा होगा तो उसे भी मिलावटी माना जाएगा।







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