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7 महीने से बेहोश पड़ी महिला ने दिया बच्ची को जन्म

23 वर्षीय महिला जो करीब 7 माह से अस्पताल में बेहोश पड़ी है, उसने पिछले सप्ताह एक बच्ची को जन्म दिया। वह बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है। दरअसल, महिला बुलंदशहर की रहने वाली है। सात महीने पहले वह एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थी, जिसमें उसके सिर में गंभीर चोट लगी थी।

एस. के. राणा
November 01 2022 Updated: November 01 2022 20:36
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7 महीने से बेहोश पड़ी महिला ने दिया बच्ची को जन्म प्रतिकात्मक चित्र

नयी दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक महिला ने जिस स्थिति में बच्ची को जन्म दिया है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। 23 वर्षीय महिला जो करीब 7 माह से अस्पताल में बेहोश (अचेतन अवस्था) पड़ी है, उसने पिछले सप्ताह एक बच्ची को जन्म दिया. वह बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है। दरअसल, महिला बुलंदशहर की रहने वाली है। सात महीने पहले वह एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थी, जिसमें उसके सिर में गंभीर चोट लगी थी। सिर में चोट की सर्जरी के बाद से ही महिला अस्पताल में सात महीने से बेहोश पड़ी है।

 

शुरुआत में उसका इलाज बुलंदशहर (Bulandshahr) के एक अस्पताल में किया गया और बाद में उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। वह जब एम्स आई थी तब भी बेहोश थी और उसके सिर में गंभीर चोट थी। उसे तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और इमरजेंसी सर्जरी (emergency surgery) के लिए ले जाया गया। अस्पताल में भर्ती होने के दौरान पिछले 7 महीनों में उसके कुल 5 न्यूरोसर्जिकल ऑपरेशन (neurosurgical operation) किए गए। फिलहाल वह अभी भी बेहोश है और अपने आप सांस ले रही है। किसी वेंटिलेटरी सपोर्ट पर नहीं है, और अपनी आंखें अचानक खोलती है, और कभी-कभी दर्द से अचानक कराहती है। अगले कुछ वर्षों में उसके होश में आने की 10-15 प्रतिशत संभावना है।

 

एम्स में एंट्री के समय महिला बेहोश थी। इसलिए मां की हालत को देखते हुए प्रेग्नेंसी को कांटीन्यू रखने के लिए उसके परिजनों से बातचीत कर फैसला उन पर छोड़ दिया गया था। अल्ट्रासाउंट में बच्चे की स्थिति को देखते हुए परिजनों की सहमति के बाद उसे कांटीन्यू किया गया। दिल्ली में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग (gynecology department) की एक टीम द्वारा महिला की डिलीवरी कराई गई। महिला ने बिना किसी ऑपरेशन के 22 अक्टूबर को नॉर्मल तरीके से एक 2.5 किलोग्राम वजन वाली एक स्वस्थ बच्ची (healthy baby) को जन्म दिया। इस दौरान डॉक्टर्स का कहना है कि शायद हेलमेट पहना होता तो इतनी गंभीर हालत नहीं होती है।

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