











































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली (भाषा)। मरीजों के रिश्तेदारों द्वारा डॉक्टरों पर हमले की घटनाओं के मद्देनजर भारतीय चिकित्सक संघ (आईएमए) ने चिकित्सा पेशेवरों के लिए ‘‘बेहतर माहौल’’ सुनिश्चित करने के वास्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने का सोमवार को आग्रह किया ताकि वे बिना किसी भय के अपना काम कर सकें।
आईएमए ने प्रधानमंत्री से उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की अपील करते हुए, निहित स्वार्थ वाले कुछ लोगों द्वारा आधुनिक चिकित्सा और कोविड-19 टीकाकरण के खिलाफ गलत सूचना के उद्देश्यपूर्ण प्रसार को रोकने की जरूरत रेखांकित की है।
मोदी को लिखे एक पत्र में आईएमए ने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण अभियान के खिलाफ गलत सूचना फैलाने वाले व्यक्तियों पर, महामारी रोग अधिनियम, 1897, भारतीय दंड संहिता और आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 समेत कानून के अनुसार मामला दर्ज किया जाये और उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।
आईएमए ने पत्र में कहा है, ‘‘कोविड-19 संक्रमित रोगियों के उपचार के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी प्रोटोकॉल के खिलाफ आम जनता के मन में संदेह पैदा करने वाले किसी भी व्यक्ति को उसके इन कृत्यों के लिए दंडित किया जाना चाहिए और साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार की मंजूरी के बिना किसी भी व्यक्ति द्वारा तथाकथित ‘जादुई उपचार’ या ‘चमत्कारिक दवाओं’ को बढ़ावा देकर आम जनता को मूर्ख बनाने के प्रयासों पर अंकुश लगाया जाना चाहिए।’’ अपनी अपील में आईएमए ने कहा कि सरकार को राज्यों और निजी अस्पतालों में 50 प्रतिशत तक टीके छोड़े बिना 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए सार्वभौमिक मुफ्त टीकाकरण को बढ़ावा देना चाहिए।
पत्र में कहा गया है, ‘‘इस महामारी के बीच, देश में डॉक्टरों और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के खिलाफ शारीरिक हिंसा की बढ़ती घटनाओं को देखकर हमें बहुत दुख हुआ है। असम में हमारे युवा डॉक्टर पर हमला और देश भर में महिला डॉक्टरों और यहां तक कि अनुभवी चिकित्सकों पर हमले वास्तव में चिकित्सकों के बीच मानसिक तनाव पैदा कर रहे हैं।’’ डॉक्टरों ने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराधों में शामिल सभी लोगों को दंडित किया जाना चाहिए ताकि असामाजिक तत्वों को स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों पर हमले करने से रोका जा सके।
आईएमए ने कहा कि कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाने वाले डॉक्टरों को उनके बलिदान के लिए कोविड शहीद का दर्ज दिया जाना चाहिए और उनके परिवारों को सरकार द्वारा उचित समर्थन दिया जाना चाहिए। आईएमए ने कहा कि कोविड-19 के बाद लंग फाइब्रोसिस यानी फेफड़ों के सिकुड़न और फंगल संक्रमण की जटिलताएं बढ़ रही हैं और सभी को इसके लिए तैयार रहने की जरूरत है।
आईएमए ने कहा कि म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस के लिए आवश्यक दवाएं आसानी से उपलब्ध नहीं थी लेकिन दवाओं के आयात और साथ ही स्वदेशी उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयास किये। डॉक्टरों ने इन प्रयासों के लिए मोदी को धन्यवाद दिया।







हुज़ैफ़ा अबरार August 24 2026 0 91
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8071
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1967
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1715
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 1589
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8071
एस. के. राणा January 20 2026 0 5292
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5180
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5082
एस. के. राणा February 01 2026 0 4907
एस. के. राणा January 13 2026 0 4788
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4753
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87197
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35169
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38279
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35770
लेख विभाग March 19 2022 0 35399
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73015
पशुओं में तेजी से फैल रहे लंपी वायरस ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। यूपी के मथुरा में भी इस वायरस
माना जा रहा है कि इस शोध से भविष्य में कोरोना के खात्मे को अधिक कारगर दवा बनाने में मदद मिलेगी। इस श
डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक अब तक 380 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। 24 घंटे में एक मरीज ने दम तोड़ा है।
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने रो बनाम वेड मामले से संबंधित फैसले को पलटते हुए गर्भपात कराने के महिलाओं
कानपुर देहात के ब्लॉक क्षेत्र में कस्बा समेत आठ गांवों में 26 मवेशी लंपी वायरस से पीड़ित मिले हैं। प
बिहार के जिलों में डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। बुधवार को जिले में एक
जब लिवर पर विषाक्त पदार्थों का बोझ बढ़ जाए तो तरह-तरह की व्याधियां उत्पन्न होने लगती हैं और इसका असर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ कोविड-19 की स्थिति को
डोर-टू-डोर जाकर लोगों को डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसे रोगों से बचाव हेतु जन-मानस को जागरूक किया ग

COMMENTS