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रांची। झारखंड सरकार जल्द ही पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए डॉक्टरों को पशुपालकों के घर भेजने जा रही है। इसके अलावा डॉक्टर की टीम घर-घर जाकर पशुओं की जांच के साथ-साथ दवाइयां भी उपलब्ध कराएगी।
सचल पशु चिकित्सा इकाईयां (एमवीयू) एक आधुनिक एम्बुलेंस (ambulance) होगी जिसमें प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं, जांच की सुविधा, पशु चिकित्सक (veterinary) और पैरा मेडिकल कर्मचारी उपलब्ध होंगे। अधिकारी ने कहा कि इन विशेष वाहनों में बीमार पशु (animals) को अंदर रखने के लिए हाइड्रोलिक प्रणाली होगी ताकि उन्हें नजदीकी पशु अस्पताल ले जाया जा सके। उन्होंने कहा, “हालांकि, यह सेवा मुफ्त उपलब्ध होगी फिर भी उपचार के लिए सांकेतिक प्रभार लेने पर बातचीत चल रही है। राज्य सरकार को इसकी परिचालन की कीमत चुकानी होगी जबकि केंद्र पर सेवा के ढांचागत खर्च का भार पड़ेगा।”
विभाग (department) के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि एमवीयू जिले के सभी 24 जिलों के कुल 261 ब्लॉक में उपलब्ध होंगे। रांची (Ranchi) के चान्हो प्रखंड के पशुपालक मंटू महतो ने कहा, सेवा शुरू होने के बाद हमें सिर्फ एक कॉल में पशु स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा मिल जाएगी। अब हमें अपने पशुओं के इलाज के लिए पशु स्वास्थ्य क्लीनिक या पशु चिकित्सकों के पास भागना पड़ रहा है। अगर हम अपने दरवाजे पर सेवा प्राप्त करते हैं तो इससे हमारे पैसे और समय की भी बचत होगी।
Edited by Shweta Singh







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