











































प्रतीकात्मक चित्र
हर साल हजारों लोग अपनी नस में खून का थक्का जमने की समस्या का सामना करते हैं। यह एक गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य संबंधी स्थिति है। ब्लड क्लोटिंग एक साइलेंट किलर का काम करता है। जो कई तरह की गंभीर मेडिकल कंडीशन को पैदा कर सकती है।
धूम्रपान (Smoking), हाई ब्लड प्रेशर और कुछ दवाएं जैसे एस्ट्रोजन खून के जमने की जोखिम को कई गुना बढ़ा देते हैं। थक्कों के लक्षणों (symptoms) को जानने से पल्मोनरी एम्बोलिज्म या स्ट्रोक बनने से पहले आपकी जान बच सकती है।
शरीर में दिखते हैं ये लक्षण - These symptoms are seen in the body
त्वचा का रंग बदलना -
अगर हाथ या पैर की किसी नस (veins) में ब्लड क्लॉट (blood clotting) हो जाए तो उस हिस्से की स्किन (Skin) का रंग लाल या नीला हो जाता है। कई बार रक्तवाहिका को हुए नुकसान की वजह से भी स्किन का रंग बदल जाता है। इसके अलावा फेफड़ों में अगर ब्लड क्लॉट हो जाए तो इसकी वजह से भी आपकी त्वचा नीली पड़ सकती है।
सांस लेने में तकलीफ -
यह एक गंभीर लक्षण है जो फेफड़ों में या हार्ट में खून का थक्का जमने का संकेत देता है। सांस लेने में तकलीफ (Breathing Trouble) के साथ ही बहुत अधिक पसीना भी आ सकता है या फिर हार्ट बीट भी तेज हो सकती है।
इसके अलावा थकान, पसीना, सांस की तकलीफ या चक्कर आना को आप आमतौर पर नजरअंदाज करते है। अगर ये लक्षण बने रहते हैं या आराम और हल्की गतिविधि के करने से भी होते हैं तो इन लक्षणों (symptoms) को इग्नोर नहीं करना चाहिए। हो सकता है ये सभी लक्षण नसों में खून के बहाव में रूकावट का परिणाम हो।







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