देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

लाहिया में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी से मरीज को मिला जीवनदान

रोबोटिक तकनीक का उपयोग विभिन्न प्रकार की जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी में किया जा रहा है। इनमें कैंसर संबंधी जटिल ऑपरेशन भी शामिल हैं। मूल्यांकन किए गए मामलों में सबसे बड़ा हिस्सा हेपेटोबिलियरी सर्जरी का रहा जो 38.3 प्रतिशत था। इसके बाद 23.4 प्रतिशत मामले एडवांस्ड कोलोरेक्टल सर्जरी के थे। बेरियाट्रिक सर्जरी और इसोफैगो-गैस्ट्रिक सर्जरी के साथ जटिल हर्निया रिपेयर प्रत्येक लगभग 19.1 प्रतिशत मामलों में किए गए।

हुज़ैफ़ा अबरार
August 14 2026 Updated: August 14 2026 00:57
0 476
लाहिया में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी से  मरीज को मिला जीवनदान  Dr. C.M. Singh Director of RMLIMS and Doctors Team

लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के परिणाम उत्साहजनक सामने आए। विभाग में रोबोटिक सर्जरी से उपचारित 75 मरीजों के पोस्ट-ऑपरेटिव रिकवरी जीवन की गुणवत्ता तथा मरीजों की संतुष्टि का मूल्यांकन किया। इस आंकलन में मरीजों में तेज रिकवरी, कम दर्द, शीघ्र गतिशीलता और उपचार के प्रति उच्च स्तर की संतुष्टि देखने को मिली। रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी आधुनिक शल्य चिकित्सा की एक उन्नत तकनीक है, जो सर्जन को ऑपरेशन के दौरान बेहतर सटीकता नियंत्रण और सूक्ष्म गतिविधियों को करने में सहायता प्रदान करती है। छोटे चीरे कम पोस्ट-ऑपरेटिव दर्द छोटे निशान शीघ्र गतिशीलता तथा दैनिक गतिविधियों और काम पर अपेक्षाकृत जल्दी लौटना इसके प्रमुख संभावित लाभ हैं।

75 मरीजों के आकलन में सामने आए उत्साहजनक परिणाम
लोहिया में किए गए गुणवत्ता एवं जीवन-गुणवत्ता आकलन में रोबोटिक सर्जरी के बाद मरीजों की रिकवरी के कई सकारात्मक संकेत सामने आए। लगभग 80 प्रतिशत मरीजों ने ऑपरेशन के 48 घंटे के भीतर स्वतंत्र रूप से चलना-फिरना शुरू कर दिया। यह शीघ्र शारीरिक रिकवरी और सामान्य गतिविधियों की ओर तेजी से लौटने का महत्वपूर्ण संकेत है। 60 प्रतिशत मरीजों को रोबोटिक सर्जरी के तीन दिनों के भीतर सुरक्षित रूप से अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। कम अवधि में अस्पताल से डिस्चार्ज होने से मरीजों को अपने घर के परिचित वातावरण में जल्दी लौटने और सामान्य दिनचर्या की ओर तेजी से बढ़ने में मदद मिलती है। पोस्ट-ऑपरेटिव अवधि में मरीजों में दर्द भी प्रभावी रूप से नियंत्रित रहा। अधिकांश मरीजों में न्यूनतम दर्द निवारक दवाओं की आवश्यकता पड़ी और मरीजों में शीघ्र गतिशीलता एवं बेहतर रिकवरी देखी गई। आकलन में सर्जरी के बाद की जटिलताएं भी कम रहीं। मरीजों की प्रतिक्रिया इस मूल्यांकन का सबसे उत्साहजनक पहलू रही। सर्वेक्षण में शामिल 100 प्रतिशत मरीजों ने भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर दोबारा रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी को चुनने की इच्छा व्यक्त की। यह मरीजों के उपचार अनुभव, आराम और संतुष्टि के उच्च स्तर को दर्शाता है।

सिर्फ सामान्य सर्जरी नहीं जटिल कैंसर सर्जरी में भी रोबोटिक तकनीक का उपयोग
आरएमएलआईएमएस के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में रोबोटिक तकनीक का उपयोग विभिन्न प्रकार की जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी में किया जा रहा है। इनमें कैंसर संबंधी जटिल ऑपरेशन भी शामिल हैं। मूल्यांकन किए गए मामलों में सबसे बड़ा हिस्सा हेपेटोबिलियरी सर्जरी का रहा जो 38.3 प्रतिशत था। इसके बाद 23.4 प्रतिशत मामले एडवांस्ड कोलोरेक्टल सर्जरी के थे। बेरियाट्रिक सर्जरी और इसोफैगो-गैस्ट्रिक सर्जरी के साथ जटिल हर्निया रिपेयर प्रत्येक लगभग 19.1 प्रतिशत मामलों में किए गए। इस विविधता से यह स्पष्ट है कि रोबोटिक सर्जरी का उपयोग केवल अपेक्षाकृत सरल प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि चयनित मरीजों में जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और ऑन्कोलॉजिकल सर्जरी में भी किया जा रहा है। विशेष रूप से जटिल कैंसर संबंधी प्रक्रियाओं में भी मरीजों में शीघ्र गतिशीलता बेहतर शारीरिक रिकवरी और पोस्ट-ऑपरेटिव स्वास्थ्य लाभ की सकारात्मक प्रवृत्ति देखी गई।

मरीजों की संतुष्टि ने बढ़ाया भरोसा
रोबोटिक सर्जरी की सफलता का आकलन केवल ऑपरेशन की तकनीकी सफलता से नहीं किया जाता, बल्कि मरीज के अनुभव, दर्द, गतिशीलता, अस्पताल में रहने की अवधि और जीवन की गुणवत्ता जैसे पहलुओं से भी किया जाता है। लोहिया में किए गए मूल्यांकन में इन सभी पहलुओं पर सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए। मरीजों ने कम दर्द, जल्दी चलने-फिरने, अस्पताल में कम समय रहने और उपचार के समग्र अनुभव के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। विशेष रूप से 100 प्रतिशत मरीजों द्वारा आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में दोबारा रोबोटिक सर्जरी चुनने की इच्छा व्यक्त करना इस तकनीक के प्रति मरीजों के विश्वास और संतुष्टि का महत्वपूर्ण संकेत है। आरएमएलआईएमएस के निदेशक डॉ. सी. एम. सिंह ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक को मरीजों के लिए सुलभ और किफायती बनाना है। निदेशक ने कहा लोहिया में अत्याधुनिक रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराना संस्थान की मरीज-केंद्रित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक चिकित्सा तकनीक का लाभ मरीजों को सुरक्षित प्रभावी और किफायती रूप में उपलब्ध कराया जाए।

रोबोटिक सर्जरी के इन उत्साहजनक प्रारंभिक परिणामों से हमें इस दिशा में आगे बढ़ने का और प्रोत्साहन मिला है। आरएमएलआईएमएस में प्राप्त प्रारंभिक परिणाम यह दर्शाते हैं कि रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के माध्यम से उपयुक्त मरीजों में पोस्ट-ऑपरेटिव रिकवरी को बेहतर बनाया जा सकता है। विशेष रूप से शीघ्र स्वतंत्र गतिशीलता कम अवधि में अस्पताल से छुट्टी, प्रभावी दर्द नियंत्रण और उच्च मरीज संतुष्टि इस प्रारंभिक गुणवत्ता आकलन के महत्वपूर्ण निष्कर्ष रहे हैं। आरएमएलआईएमएस में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की उपलब्धता संस्थान की उस व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं और मरीज-केंद्रित देखभाल को एक साथ लाकर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

साइकिल चलाने से बढ़ती है सुंदरता, आईये जानते हैं कैसे ?

साइकिल चलाने से बढ़ती है सुंदरता, आईये जानते हैं कैसे ?

सौंदर्या राय February 17 2022 43818

स्टेनफॉर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि जो लोग नियमित रूप से साइक्लिंग करते हैं। उनकी त्

अगस्त में कोरोना के तीसरी लहर की संभावना: विशेषज्ञ

अगस्त में कोरोना के तीसरी लहर की संभावना: विशेषज्ञ

हे.जा.स. August 03 2021 20467

हैदराबाद और कानपुर IIT में मथुकुमल्ली विद्यासागर और मनिंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में शोधकर्ताओं का हवा

कोरोना महामारी के दौरान सख्त पाबंदियों से लोगों का मानसिक स्वास्थ्य हुआ खराब 

कोरोना महामारी के दौरान सख्त पाबंदियों से लोगों का मानसिक स्वास्थ्य हुआ खराब 

हे.जा.स. April 28 2022 38369

कनाडा में किये गए इस अध्ययन में देशों को दो श्रेणियों में बांटा गया। पहली श्रेणी में उन देशों को रखा

प्राइवेट अस्पताल में 7 साल के बच्चे की मौत, अस्पताल सील

प्राइवेट अस्पताल में 7 साल के बच्चे की मौत, अस्पताल सील

विशेष संवाददाता July 24 2023 41731

जीवन ज्योति चाइल्ड हेल्थ केयर सेंटर में एक 7 साल के बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद वहां

देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ने का क्रम जारी, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़ी 

देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ने का क्रम जारी, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़ी 

एस. के. राणा June 23 2022 28911

देश में कोविड-19 (covid-19) के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 83,990 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.

मेडिकल छात्रों को शासकीय बॉन्ड के तहत दो साल की नियुक्ति मिलेगी

मेडिकल छात्रों को शासकीय बॉन्ड के तहत दो साल की नियुक्ति मिलेगी

रंजीव ठाकुर August 22 2022 30625

चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय ने उत्तर प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने

पित्त की थैली में पथरी का डॉक्टरों ने किया सफल ऑपरेशन

पित्त की थैली में पथरी का डॉक्टरों ने किया सफल ऑपरेशन

विशेष संवाददाता February 03 2023 122423

जिला अस्पताल में एक मरीज पेट में दर्द के लिए भर्ती हुआ था, सोनोग्राफी में जांच करने पर उसके पित्त की

पीलिया रोग के कारण और बचाव के तरीके।

पीलिया रोग के कारण और बचाव के तरीके।

लेख विभाग September 24 2021 48851

किसी संक्रमण या चोट के कारण लीवर को क्षति पहुँचती है तब वह बिलीरुबिन को रक्त से अलग नहीं कर पाता है

लखनऊ में आज 40 लोगों की डेंगू रिपोर्ट आई पॉजिटिव

लखनऊ में आज 40 लोगों की डेंगू रिपोर्ट आई पॉजिटिव

श्वेता सिंह November 05 2022 17777

आज लगभग 2225 घरों एवं आस-पास मच्छरजनित स्थितियों का सर्वेक्षण किया गया और कुल “08” घरों में मच्छरजनि

कानपुर में ज़ीका की दहशत, दो हेल्‍थ वर्कर सहित 25 मिले संक्रमित।

कानपुर में ज़ीका की दहशत, दो हेल्‍थ वर्कर सहित 25 मिले संक्रमित।

हे.जा.स. November 03 2021 29010

जीका वायरस का जाल शहर में कई किलोमीटर तक फैल गया है। अभी तक परदेवनपुरवा तक ही संक्रमित मिल रहे थे ले

Login Panel