











































प्रतीकात्मक चित्र
अग्न्याशय आपके पेट के पीछे स्थित एक अंग है। यह एंजाइम बनाता है जो भोजन के पाचन में मदद करता है। यह हार्मोन भी बनाता है जो ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है।
क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस क्या है? - What is chronic pancreatitis?
क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस आपके अग्न्याशय (pancreas) में होने वाली सूजन (inflammation) है जो ग्रंथि (gland) के प्रगतिशील विनाश का कारण बनता है। इससे ग्रंथि (ग्लैंड) की स्थायी क्षति हो सकती है।
परिणामस्वरूप आपके अग्न्याशय में पथरी(stones) और अल्सर (ulcer) विकसित हो सकते हैं, जो आपकी आंत में पाचन रस को प्रवाहित करने वाली नली को बंद कर देते हैं। इससे आपके शरीर के लिए भोजन को पचाने और ब्लड शुगर (blood sugar) को नियंत्रित रखने में कठिनाई आती है। यह कुपोषण और मधुमेह (diabetes) का कारण बन सकता है। हालांकि सबसे ज्यादा परेशान करने वाला लक्षण ऊपरी पेट में गंभीर दर्द है जो सामाजिक जीवन की पुनरावृत्ति में बाधा डालता है। यह जिस आयु वर्ग को प्रभावित करता है उसके परिणाम स्वरुप यह शिक्षा और रोजगार को भी प्रभावित करता है।
इसका दर्द घंटों या दिनों तक भी रह सकता हैं। कुछ लोगों में खाने या पीने से उनका दर्द बढ़ सकता है। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, दर्द निरंतर बढ़ सकता है। वसायुक्त (fatty) मल (भारी मल आसानी से नहीं बहाया जा सकता है) यह संकेत हो सकता है कि आपका शरीर पोषक तत्वों को सही ढंग से अवशोषित नहीं कर रहा है।
क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस के कारण - causes of chronic pancreatitis
ऑटोइम्यून बीमारी, जो तब होती है जब आपका शरीर गलती से आपके स्वस्थ कोशिकाओं और ऊतकों पर हमला करता है।
क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस का निदान - diagnosis of chronic pancreatitis
शुरुआती चरणों में क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस का निदान करना मुश्किल है। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, अग्न्याशय में संरचनात्मक परिवर्तन होते हैं जिन्हें अल्ट्रासाउंड (ultrasound), सीटी स्कैन (CT scan), एमआरआई स्कैन (MRI scan) और एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड EUS) जैसे परीक्षाओ की मदद से पकड़ा जा सकता है। वर्षों से इस बीमारी के निदान के लिए उपयोग की जाने वाली विभिन्न इमेजिंग तकनीकों में महत्वपूर्ण विकास हुआ है। इन परीक्षणों ने कई कठिन और दर्दनाक परीक्षणों को बदल दिया है।
रक्त परीक्षण आमतौर पर रोग का निदान करने के लिए उपयोग में नहीं आते हैं। हालांकि, उनका उपयोग इस स्थिति से जुड़े मधुमेह के निदान और निगरानी के लिए किया जा सकता है। इलास्टेस जैसे सरल मल परीक्षणों ने 24 घंटे वसा अनुमान परीक्षण की जगहले ली है।
क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस की जटिलतायें - Complications of chronic pancreatitis
यह स्थिति पित्त नलिकाओं जैसे पड़ोसी अंगों में रुकावट पैदा कर सकती है (जो पीलिया का कारण बनता है), ग्रहणी (पेट के बाद छोटी आंत का एक हिस्सा), बृहदान्त्र (कोलन), प्लीहा शिरा (प्लीहा को शिथिल करने वाली एक नस, जो पेट में रक्त से भरी थैलियों का कारण बन सकती है) खून की उल्टी)।
यह अग्न्याशय (pseudocysts) में द्रव से भरे थैलियों का कारण भी बन सकता है या अग्नाशयी वाहिनी (छोटी आंत में अग्नाशय के रस को वहन करने वाली नलिका) का टूटना हो सकता है। अग्नाशयी नलिका के टूटने से पेट या छाती में रस जमा होता है। दीर्घकालिक अग्नाशयशोथ भी लंबे समय तक अग्नाशय के कैंसर का कारण बन सकता है।
क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस का इलाज - treatment of chronic pancreatitis
उपचार एवं चिकित्सा, एंडोस्कोपिक या सर्जिकल हो सकता है। उपचार बीमारी को ठीक नहीं कर सकता है यह रोग से जुड़े लक्षणों और जटिलताओं को संबोधित कर सकता है।
उपचार का सबसे महत्वपूर्ण घटक पूर्ण शराब (alcohol) और निकोटीन (nicotine) संयम यानि बंद करना है। यदि कोई रोगी शराब पीना है या धूम्रपान करना जारी रखता है, तो कोई भी उपचार कार्यगर साबित नहीं होगा।
मुख्यतः दर्द प्रमुख शिकायत रहता है, अतः दर्द निवारक दवाएं (NSAIDs) सबसे सामान्य रूप से निर्धारित हैं। यदि दर्द का निवारण नहीं हो रहा है उस परिस्थिति में धीरे-धीरे दर्द निवारक दवाओं की खुराक और प्रकार बदल दिए जाते हैं। हालांकि दर्द निवारक दवाओं (ओपियोड्स) का लंबे समय तक सेवन नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि उसके अपने दुष्प्रभाव हैं। यदि दर्द नियंत्रित नहीं होता है तो एंडोस्कोपिक थेरेपी या सर्जरी जैसे उपचार के अन्य रूपों की मदद इस्तेमाल में ली जानी चाहिए।
आमतौर पर निर्धारित अन्य उपयोगी दवाएं एंटीडिप्रेसेंट, प्रीगैबलिन, एंटीऑक्सिडेंट, अग्नाशय एंजाइम और मल्टीविटामिन हैं।
हाल के वर्षों में एंडोस्कोपिक चिकित्सा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। एंडोस्कोपिक स्टेंटिंग, stones के मुख्य अग्नाशयी नलिकाओं (pancreatic ducts) को साफ़ करना, ESWL तकनीक का उपयोग करके उन्हें साफ़ करने से पहले stones को तोड़ना सभी चयनित रोगियों के इलाज के लिए विभिन्न साधन हैं।
क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस के उपचार में सर्जरी (Surgery) सबसे महत्वपूर्ण घटकों में से एक है। सर्जरी करने का सबसे महत्वपूर्ण कारण दर्द है। पर्याप्त रूप से की गई सर्जरी लगभग 80-90% रोगियों में दर्द से राहत दे सकती है। हालांकि यह रोग प्रक्रिया को उलट नहीं सकता है। इस तरह के संचालन को आदर्श रूप से उन केंद्रों पर किया जाना चाहिए जहां यह नियमित रूप से किया जाता है क्योंकि अपूर्ण रूप से निष्पादित प्रक्रियाओं के परिणामस्वरूप वांछित दर्द नियंत्रण नहीं होता है।
सर्जरी को पड़ोसी अंगों में रोग प्रक्रिया के कारण होने वाली रुकावट को दूर करने और कैंसर से जुड़े कैंसर (cancer) के उपचार के लिए भी संकेत दिया जाता है।
लेखक - डॉ पंकज कुमार सोनार, कंसलटेंट – लिवर प्रत्यारोपण और एचपीबी सर्जरी, रबींद्रनाथ टैगोर इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियक साइंसेज, कोलकाता।







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