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लखनऊ। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा जागरूकता एवं सीएमई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रशासनिक भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के संरक्षक संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. सीएम सिंह रहे। इस अवसर पर डीन प्रो. डॉ. राजन भटनागर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. विक्रम सिंह तथा कार्यकारी कुलसचिव प्रो. डॉ. सुब्रत चंद्रा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुई। प्रो. डॉ. भुवन चंद्र तिवारी विभागाध्यक्ष कार्डियोलॉजी ने स्वागत संबोधन में हृदय रोगों की रोकथाम के लिए समय रहते जोखिम कारकों की पहचान और नियंत्रण पर जोर दिया। उन्होंने नियमित रक्तचाप शुगर एवं कोलेस्ट्रॉल की जांच तंबाकू से परहेज नियमित व्यायाम संतुलित आहार पर्याप्त नींद और स्वस्थ वजन बनाए रखने की आवश्यकता बताई।
प्रो. डॉ. सुब्रत चंद्रा ने युवाओं को संदेश दिया कि बदलती जीवनशैली के कारण कम उम्र में भी हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए अपने दिल को अपनी उम्र से पहले बूढ़ा न होने दें और समय रहते अपनी जीवनशैली एवं जोखिम कारकों पर ध्यान दें। प्रो. डॉ. विक्रम सिंह ने हृदय रोगियों की समय पर पहचान समुचित उपचार और अस्पताल स्तर पर बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यकारी कुलसचिव प्रो. डॉ. सुब्रत चंद्रा ने जन-जागरूकता को हृदय रोगों की रोकथाम का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए संस्थान द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। डीन प्रो. डॉ. राजन भटनागर ने चिकित्सा शिक्षा शोध और नियमित अकादमिक गतिविधियों के माध्यम से हृदय रोगों की रोकथाम एवं उपचार को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया। निदेशक प्रो. डॉ. सीएम सिंह ने कहा आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ जनसामान्य में जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कार्डियोलॉजी विभाग को मरीज-केंद्रित सेवाओं प्रशिक्षण और हृदय रोगों की रोकथाम के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में इन सभी पदाधिकारियों के संबोधन निर्धारित थे।
इस अवसर पर नॉन-कार्डियक सर्जरी में कार्डियक इवेंट्स को कम करने के लिए फार्माकोथेरेपी विषय पर सीएमईव्याख्यान भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कार्डियोलॉजी विभाग के संकाय सदस्य रेजिडेंट डॉक्टर तकनीशियन एवं अन्य स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हृदय रोगों से बचाव के लिए जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर उपचार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।







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