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लखनऊ। हेल्थ जागरण ने कोरोनावायरस के दूसरे दौर में राजधानी के पुराने टुडियागंज अस्पताल का दौरा किया। इस अस्पताल को टीबी अस्पताल के रूप में जाना जाता है लेकिन अब यह राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय तथा चिकित्सालय के तौर पर कार्य कर रहा है। सन 1954 से चल रहे इस अस्पताल के प्राचार्य प्रोफेसर प्रकाश चन्द्र सक्सेना से हेल्थ जागरण ने महत्वपूर्ण प्रश्नों के जवाब लिए। प्रोफेसर सक्सेना इस कालेज में पढ़ें हैं और अब इस चिकित्सालय में अधीक्षक की भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।
हेल्थ जागरण - प्रोफेसर साहब इस पुराने टुडियागंज अस्पताल में किस प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही हैं?
प्रो० सक्सेना - यह आयुर्वेदिक महाविद्यालय तथा चिकित्सालय के रूप में जनता की सेवा कर रहा है। यहां आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की शिक्षा के साथ-साथ इनडोर व आउटडोर चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध है। यहां आयुर्वेद में बीएएमएस कोर्स, सात विषयों पर एमडी और पीएचडी करने की सुविधा भी उपलब्ध है। पेशेन्ट्स को आउटडोर तथा इनडोर दोनों तरीकों से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
हेल्थ जागरण - प्रो ० साहब पिछला साल कोरोनावायरस के बीच व्यतीत हुआ है, इस दौरान यहां किस प्रकार की गतिविधियां संचालित की गई?
प्रो० सक्सेना - कोविड संक्रमण के दौरान हमने इम्यूनिटी बढ़ाने की दवाओं, काढ़ा और हल्के सिम्टम्स वाले लोगों के लिए काफी कार्य किया है। यहां से दवाओं और इम्यूनिटी बूस्टर तत्वों को जनता को उपलब्ध करवाया गया और जहां ऐसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही थी वहां भी हमने इन सुविधाओं को मुहैया करवाया। आयुर्वेदिक तत्वों की एक किट बनवा कर जनता के बीच वितरित करने और आमजन को जागरूक करने का कार्य हमारे स्टाफ ने किया है। आयुष मंत्रालय की गाइडलाइंस के मुताबिक सभी कार्य किए जा रहे हैं।
हेल्थ जागरण - सर कोरोना की तीसरी वेव की चर्चा बहुत जोरों शोरों पर है। ऐसे में इस संस्थान के आगामी कार्यक्रम क्या रहेंगे?
प्रो० सक्सेना - यह कहा जा रहा है कि कोविड-19 की तीसरी लहर सम्भावित है जिससे लड़ने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। एक्सपर्ट्स की राय है कि यह चरण बच्चों को बहुत प्रभावित कर सकता है जिसके लिए हमने बाल बलवर्धक चूर्ण जिसका शास्त्रों में वर्णन है उसका निर्माण शुरू कर दिया है। इसी के साथ बाल चक्र, अश्वगंधा जैसे बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने वाले उपाय भी शुरू किए जा रहे हैं। आयुष मंत्रालय के निर्देशानुसार सभी आयुर्वेदिक व यूनानी क्षेत्रीय अधिकारी इस कार्य पर लगे हुए हैं।
हेल्थ जागरण के दर्शकों से आयुष कवच एप्प डाउनलोड करने की अपील करते हुए प्रोफेसर प्रकाश चन्द्र सक्सेना ने बताया कि इस एप्लिकेशन पर सभी आयुर्वेदिक उपचार बताएं जातें हैं और समय समय पर विभिन्न जानकारियां दी जाती है।








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