











































लखनऊ। गर्मियों का मौसम आते ही त्वचा को लेकर काफी परेशानियां आती है। तेज धूप और गर्म तापमान में पसीना बहुत आता है और चिपचिपाहट से अक्सर स्किन को लेकर दिक्कतें आती है। गर्मियों में त्वचा को रोगों से कैसे बचाया जाएं ये एक गम्भीर सवाल सबके मन में रहता है। इन्ही महत्वपूर्ण सवालों को लेकर हेल्थ जागरण ने विख्यात चर्मरोग विशेषज्ञ (dermatologist) डॉ ए के गुप्ता से खास बातचीत की। डॉ गुप्ता सिविल अस्पताल (Civil Hospital) में वरिष्ठ चिकित्सक हैं और स्किन स्पेशलिस्ट के रूप में पूरे प्रदेश में अग्रणी स्थान रखतें हैं।
हेल्थ जागरण - डॉ साहब गर्मी में त्वचा से सम्बंधित कौन सी बीमारियां परेशान करती है ?
डॉ ए के गुप्ता - इस गर्मी के मौसम में तीन तरह की बीमारियां होती हैं जिसको आम आदमी घमौरियों (prickly heat) के रूप में जानता है। इस समय ज्यादा पसीना आने से फंगल इंफेक्शन (फंगल इंफेक्शन) भी होते हैं। कुछ दिनों में बरसात हो जाएगी तो यह इंफेक्शन और ज्यादा हो जाएगा। थोड़ी एलर्जिक प्राब्लम भी होती है।
हेल्थ जागरण - गर्मियों के मौसम में त्वचा की देखभाल कैसे करें?
डॉ ए के गुप्ता - धूप से बचाव अच्छा उपाय है और कैलामाइन लोशन (calamine lotion) लगा कर ही बाहर निकलें। बाकी फंगल इंफेक्शन के लिए अलग अलग इलाज है। बाकी फंगल इंफेक्शन के लिए अलग अलग इलाज है।
हेल्थ जागरण - देखा गया है कि स्किन डिज़ीज़ में लम्बे समय तक स्टेरायड थेरेपी (steroid therapy) दी जाती है, इसका लांग टर्म में मरीज को क्या नुक़सान हो सकता है?
डॉ ए के गुप्ता - बहुत नुकसानदायक होता है। इसलिए जब लांग टर्म तक थेरेपी देनी होती है तो कुछ दिनों बाद इसको रुक रुक कर देते हैं जिसे पल्स थेरेपी कहते हैं। हफ्ते में दो तीन दिन स्टेरायड थेरेपी दे कर उसके साइड इफेक्ट्स कम कर सकते हैं। कभी कभी स्टेरायड की जगह दूसरी ड्रग का भी इस्तेमाल करते हैं। कभी दवा बदल कर कभी रुक रुक दवा दे कर मरीज को साइड इफेक्ट्स से बचाया जा सकता है।
हेल्थ जागरण - गर्मियों में खानपान या जीवनशैली में बदलाव कर स्किन डिज़ीज़ से बचा जा सकता है?
डॉ ए के गुप्ता - गर्मियों में शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अपने देखा होगा गर्मियों में दाने दाने से निकल आते हैं जिसका कारण शरीर की साफ सफाई ना रखना होता है। गर्मियों में पसीना बहुत आता है जिसकी वजह से इंफेक्शन हो जाते हैं। तो मुख्यतया शरीर और आसपास की सफाई रखना जरूरी है और नहाने धोने का विशेष ध्यान रखना चाहिए।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 987
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 784
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3612
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
देश दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर का असर अब कम हो गया है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य स
टेलीमेडिसिन सेवा के नोडल ऑफिसर डॉ. सुरेश अहिरवार के मुताबिक मरीज फोन पर अपनी समस्या का समाधान पा सकत
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से गठित शुल्क नियामक समिति की ओर से निजी मेडिकल कॉलेज और डेंटल कॉलेज में एमब
कृत्रिम हड्डी से बच्चे की उम्र बढ़ने के साथ सिर के आकार में कोई बदलाव नही होगा क्योंकि इम्प्लांट भी स
जुलाई 2022 महीने के अंत तक स्वाइन फ्लू को 1,455 मामले सामने आ चुके है। स्वाइन फ्लू से जुड़े इन आंकड़
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि अब सभी खांसी के मरीजों को बलगम का सैंपल दे
वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि पहले संक्रमण के बाद एंटीबॉडी प्राप्त करने और वैक्सीन या फिर बूस्टर डोज
फर्ज़ी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के आरोप में सोनभद्र के 2 डॉक्टरों को निलंबित किया गया है। डिप्टी सीएम
सामान्य सर्दी और कोविड-19 के बीच अंतर करना बहुत मुश्किल है। लेकिन यह असम्भव भी नहीं है। डॉक्टर्स के
संयुक्त चिकित्सालय सम्भल में निशुल्क सिटी स्कैन की सुविधा उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा ऑनलाइन शु

COMMENTS