देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

अंतर्राष्ट्रीय

भविष्य में कोरोना के नए वैरिएंट सामने आ सकते हैं: विशेषज्ञ

वैज्ञानिकों का कहना है कि ओमिक्रॉन का तेजी से फैलना इस बात का संकेत है कि आगे भी कोरोना के नए वैरिएंट सामने आ सकते हैं।

हे.जा.स.
January 17 2022 Updated: January 18 2022 02:16
0 32571
भविष्य में कोरोना के नए वैरिएंट सामने आ सकते हैं: विशेषज्ञ प्रतीकात्मक

वाशिंगटन। दुनियाभर में कोरोना के बढ़ते मामलों और ओमिक्रॉन (Omicron) के फैलने के बाद वैज्ञानिकों का कहना है कि ओमिक्रॉन का तेजी से फैलना इस बात का संकेत है कि आगे भी कोरोना के नए वैरिएंट सामने आ सकते हैं। विशेषज्ञों ने साफ किया कि तेजी से फैलता संक्रमण हर बार वायरस के म्यूटेंट में बदलाव का मौका देता है। कोरोना के अन्य स्वरूप की तुलना में ओमिक्रॉन ऐसे समय तेजी से फैल रहा है, जब दुनियाभर में कोरोना संक्रमण और कोरोनारोधी टीका लगने के बाद प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत हुई है। इसका मतलब साफ है कि वायरस आगे भी अपना स्वरूप बदलेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस के नए वैरिएंट क्या होंगे और महामारी को किस तरह आकार देंगे, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। वहीं, विशेषज्ञों ने साफ किया कि इसकी कोई गारंटी नहीं है कि ओमिक्रॉन संक्रमण (Omicron Infection) से मामूली बीमार होंगे या मौजूदा टीका उसके खिलाफ प्रभावी होगा। 

ज्यादा संक्रामक है ओमिक्रॉन
बोस्टन विश्वविद्यालय (Boston University) के संक्रामक रोग महामारी विज्ञानी लियोनार्डो मार्टिनेज का कहना है कि ओमिक्रॉन नवंबर में सामने आया है और तेजी से दुनिया में फैल गया। शोध बताते हैं कि कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से कोरोना का ये नया स्वरूप ज्यादा संक्रामक है। इससे उन लोगों के भी संक्रमित होने की संभावना है, जो पहले से ही कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और ऐसे लोग जो कोरोना टीके की खुराक ले चुके हैं। 

जॉन्स हॉपकन्सि यूनिवर्सिटी के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. स्टुअर्ट कैंपबेल रे का कहना है कि ऐसे स्वस्थ लोग जो घर या स्कूल से दूर हैं, उनमें भी ओमिक्रॉन आसानी से फैल सकता है। खासकर जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, ये उनमें रहकर वायरस के और शक्तिशाली म्यूटेशन विकसित कर सकता है। हालांकि ओमिक्रॉन से संक्रमित लोग डेल्टा की तुलना में कम गंभीर बीमार होते हैं।

वायरस के समय के साथ कम घातक होने की उम्मीद
वहीं विशेषज्ञों ने वायरस के समय के साथ कम घातक होने की संभावना जताई है। वे कहते हैं कि कोरोना का जब पहला स्वरूप सामने आया था तो कोई भी इससे नहीं बचा, टीके और संक्रमण दोनों ने ही दुनिया के अधिकांश हिस्सों में कोरोना के प्रति प्रतिरक्षा प्रणाली प्रदान की, लेकिन वायरस ने खुद को बदल लिया। वायरस के स्वरूप में बदलाव के कई संभावित कारण हैं। ये पशुओं में जाकर भी अपने स्वरूप में बदलाव कर सकता है। जैसा कि देखा गया है कि घर के पालतु कुत्तों, बिल्ली, हिरण आदि में वायरस पाया गया है। एक संभावना ये भी है कि कोरोना के दोनों स्वरूपों से संक्रमित हो चुके मरीज में जाकर वायरस अपना स्वरूप बदल लें।

टीकाकरण ही बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक विश्व में टीकाकरण की दर कम है, तो इसपर रोक लगाना संभव नहीं है। हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेबियस ने कहा कि भवष्यि के वैरिएंट से लोगों की रक्षा करना इस बात पर निर्भर करता है कि दुनियाभर की 70 फीसदी आबादी को टीका लगाया जाए। 

जॉन्स हॉपकिन्स वश्विवद्यिालय (Johns Hopkins University) के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में ऐसे दर्जनों देश हैं जहां एक चौथाई से भी कम आबादी को पूरी तरह से टीका लगाया गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका में लोग टीके का विरोध कर रहे हैं। टोरंटो के सेंट माइकल अस्पताल में सेंटर फॉर ग्लोबल हेल्थ रिसर्च के डॉ प्रभात झा ने कहा कि अमेरिका, अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और अन्य जगहों पर टीकाकरण की दर कम है, जो बड़ी विफलता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

अमेरिका ने भारत में बनी एजरीकेयर आई ड्रॉप को लेकर जारी किया अलर्ट

अमेरिका ने भारत में बनी एजरीकेयर आई ड्रॉप को लेकर जारी किया अलर्ट

हे.जा.स. February 05 2023 59211

अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर फॉर डीजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए

देर रात तक जगने से खराब होता है स्वास्थ्य, हेल्दी नींद के उपाय पढ़ें

देर रात तक जगने से खराब होता है स्वास्थ्य, हेल्दी नींद के उपाय पढ़ें

लेख विभाग February 17 2022 25674

कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें पलंग पर लेटते ही नींद आ जाती है। लेकिन वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जो घंटो

यूरोपीय आयोग ने फाइजर को माइग्रेन की दवा का मार्केटिंग का अधिकार दिया 

यूरोपीय आयोग ने फाइजर को माइग्रेन की दवा का मार्केटिंग का अधिकार दिया 

विशेष संवाददाता April 28 2022 44696

रिमेगेपेंट नाम की जनेरिक दवा को फाइजर VYDURA® ब्रांड नाम के तहत बाजार में बेचता है। इसका उपयोग माइग्

इन दो राज्यों में ओमिक्रॉन XBB1.16 वेरिएंट का ज्यादा कहर

इन दो राज्यों में ओमिक्रॉन XBB1.16 वेरिएंट का ज्यादा कहर

विशेष संवाददाता March 23 2023 24696

इस वेरिएंट से कोविड के मामलों में इजाफा हो रहा है। ओमिक्रॉन के इस नए वेरिएंट के सबसे ज्यादा केस कर्न

ब्रिटेन में मिला कोरोना का दस गुना घातक वैरिएंट XE, चौथी लहर का बन सकता है कारण

ब्रिटेन में मिला कोरोना का दस गुना घातक वैरिएंट XE, चौथी लहर का बन सकता है कारण

हे.जा.स. April 06 2022 37448

कोरोना के इस नए वेरिएंट XE ने दुनिया में तबाही मचानी शुरू कर दी है। इसकी संक्रमण रफ्तार इतनी तेज है

एरा के डॉक्टरों ने हृदय की जटिल सर्जरी कर बचाई जान।

एरा के डॉक्टरों ने हृदय की जटिल सर्जरी कर बचाई जान।

हुज़ैफ़ा अबरार July 18 2021 31790

पांच जुलाई को मरीज का ऑपरेशन किया गया। पांच घंटे तक चले इस ऑपरेशन में मरीज का एक वाल्व बदला गया और ब

प्रशासन द्वारा सील किये गए अस्पताल नाम बदलकर हो रहे संचालित

प्रशासन द्वारा सील किये गए अस्पताल नाम बदलकर हो रहे संचालित

अनिल सिंह November 24 2022 26632

इसकी शिकायत मंडलायुक्त से गोरखनाथ के रहने वाले जमशेद नाम के व्यक्ति ने की है। इसके बाद मंडलायुक्त न

महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की जागरूकता जरुरी: डा. विनोद  

महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की जागरूकता जरुरी: डा. विनोद  

हुज़ैफ़ा अबरार March 09 2021 37448

ज्यादातर केसेस में मरीजों में गांठ तो रहती है लेकिन दर्द नहीं होता है। कई महिलाएं अपने ब्रेस्ट में ग

12 से 18 साल के बच्चों के लिए आया नया टीका, कोर्बिवैक्स

12 से 18 साल के बच्चों के लिए आया नया टीका, कोर्बिवैक्स

एस. के. राणा February 15 2022 30823

केंद्र सरकार को कोर्बिवैक्स टीके की पहली खेप आज मिल जाएगी। इसके साथ ही अब 12 से 18 साल के बच्चों के

महिलाओं में कैल्शियम की कमी के लक्षण और निवारण।

महिलाओं में कैल्शियम की कमी के लक्षण और निवारण।

लेख विभाग September 11 2021 32141

ज़िम्मेदारियों के बोझ तले दबी महिलाएं खुद की सेहत पर ध्यान नहीं दे पातीं, इसके कारण 30 की उम्र के बाद

Login Panel