











































प्रतीकात्मक चित्र
नयी दिल्ली। पिछले दो सालों से पूरी दुनिया कोरोना की मार झेल रही है। एक तरफ जहां हर साल एक नए वेरिएंट के साथ ये महामारी लोगों को न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक तौर पर भी कमजोर कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका में इंसानों के बीच तेजी से फैल रहे एक सुपरबग ने पूरी दुनिया को फिर से चिंता में डाल दिया है। वैज्ञानिक सुपरबग को लेकर चेता रहे हैं। उनका कहना है कि इस साल सुपरबग के चलते स्वस्थ लोगों की मौत हो सकती है।
दरअसल पशुओं (animals) को जल्दी बड़ा करने के लिए उन्हें एंटीबायोटिक (antibiotic) दी जा रही है। इससे ये दवाएं अनजाने में ही हमारे शरीर तक पहुंच रही हैं। धीरे-धीरे हमारा शरीर एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंट (antimicrobial resistant) हो जाएगा, यानी दवाओं (drugs) का असर खत्म हो जाएगा।
अक्टूबर 2018 में एक खुलासा हुआ, जिससे मेडिकल साइंस (medical science) की दुनिया में तहलका मच गया। रिपोर्ट के मताबिक भारत में पशुओं को एंटीबायोटिक (antibiotic) दी जा रही है, वो भी ऐसी, जो पश्चिम में बैन हो चुकी। रिपोर्ट में बताया गया कि कैसे वजन बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं न केवल पशुओं, बल्कि इंसानी सेहत तक से खिलवाड़ कर रही हैं।
जानिए क्या है सुपरबग- What is a superbug
यह बैक्टीरिया का ही एक रूप है। कुछ बैक्टीरिया हयूमन फ्रैंडली (bacteria human friendly) होते हैं तो कुछ इंसान के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। ये सुपरबग इंसान के लिए घातक है। ये बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट का स्ट्रेन है। जब बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या पैरासाइट्स समय के साथ बदल जाते हैं तो उस वक्त उन पर दवा असर करना बंद कर देती है। इससे उनमें एक एंटीमाइक्रोबॉयल रेजिस्टेंस पैदा होता है।







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