











































प्रतीकात्मक
वाशिंगटन। नेचर जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार कोरोनारोधी टीके की बूस्टर खुराक ओमीक्रोन के असर को खत्म कर देता है। अमेरिका में शोधकर्ताओं के एक अंतरराष्ट्रीय दल ने कोरोना वायरस के डेल्टा संस्करण की तुलना में एंटीबॉडी के लिए ओमीक्रोन की संवेदनशीलता का अध्ययन किया है।
अनुसंधानकर्ताओं ने ओमीक्रोन वेरिएंट (Omicron Variant) को नियंत्रित करने का एक कारगर तरीका ढूंढ निकालने का दावा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरीके को प्रयोग में लाकर कोरोना के अब तक के सबसे अधिक संक्रामक रूप पर काबू पाया जा सकता है।
नेचर जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि ओमीक्रोन वेरिएंट की जैविक विशेषताओं के बारे में अभी भी बहुत स्पष्ट तरीके से पता नहीं चल पाया है। यह वैक्सीन की दोनों डोज से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा दे सकता है, हालांकि शोध से यह पता चलता है कि लोगों को वैक्सीन की बूस्टर डोज देकर ओमीक्रोन को बेअसर किया जा सकता है। ओमीक्रोन पर चिकित्सीय एंटीबॉडी की प्रभावकारिता और टीकों से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को जानने के लिए शोध कर रही वैज्ञानिकों की टीम ने यह जानकारी दी है।
ऐसे किया गया अध्ययन
बेल्जियम स्थित केयू ल्यूवीना विश्वविद्यालय के शोधकर्ता ने मोनोक्लोनल एंटीबॉडी (monoclonal antibody) के परीक्षण के निष्कर्ष में पाया कि ज्यादातर एंटीबॉडीज डेल्टा की तुलना में ओमीक्रोन के खिलाफ 3-80 गुना तक कम प्रभावी थीं। वैज्ञानिकों ने वैक्सीन की प्रभाविकता को जानने के लिए 5 माह के अंतराल पर दूसरी खुराक लेने वाले लोगों के भी सैंपल का अध्ययन किया।
इस दौरान पाया गया कि यह तरीका भी ओमीक्रोन को बेअसर करने में ज्यादा प्रभावी नहीं माना जा सकता है। इसके बाद एक अन्य परीक्षण में वैज्ञानिकों ने उन लोगों के भी सैंपल लिए जिन्होंने एक महीने पहले फाइजर की बूस्टर डोज ली थी।
इस परीक्षण के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों ने पाया कि ऐसे लोग ओमीक्रोन से मुकाबले के लिए ज्यादा सक्षम हो सकते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि लोगों को टीके की बूस्टर खुराक देकर उनमें ओमीक्रोन वेरिएंट के खिलाफ मजबूत प्रतिरक्षा विकसित की जा सकती है, जो इस वेरिएंट के खिलाफ असरदार साबित हो सकती है।
बूस्टर खुराक देना लोगों के लिए अच्छा विकल्प
शोध के लेखकों में से एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ओलिवियर श्वार्ट्ज ने अध्ययन के निष्कर्ष में बताया है कि इस शोध से पता चलता है कि बूस्टर खुराक, ओमीक्रोन के जोखिम को कम करने में कारगर साबित हो सकती है। हालांकि, हमें यह जानने के लिए और अधिक शोध करने की आवश्यकता है कि बूस्टर खुराक से कितने समय तक सुरक्षा मिल सकती है? इस अध्ययन से पता चलता है कि ओमीक्रोन वेरिएंट टीकों और मोनोक्लोनल एंटीबॉडी की प्रभावशीलता को बाधित करता है, हालांकि बृहद स्तर पर बूस्टर खुराक देना लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।







हुज़ैफ़ा अबरार August 24 2026 0 91
हुज़ैफ़ा अबरार August 25 2026 0 14
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8078
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1967
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1715
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 1589
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8078
एस. के. राणा January 20 2026 0 5292
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5180
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5082
एस. के. राणा February 01 2026 0 4907
एस. के. राणा January 13 2026 0 4788
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4753
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87197
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35169
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38279
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35770
लेख विभाग March 19 2022 0 35399
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73015
गलत जीवनशैली व खान-पान की वजह से पुरुषो में कामेच्छा की समस्या अधिक हो रही है, जिसका उचित समय पर उपच
इस क्लिनिकल ट्रायल में यह देखा जाएगा कि सीएपीएस के मरीजों के लिए दवा कितनी सुरक्षित है, इसके संभावित
पाइल्स या बवासीर में खानपान के अलावा योग भी काफी असरदार होता है। अगर आप रोजाना यहां बताए जा रहे इन ख
मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए योग आज लगभग हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। इसी
फाइजर ने कहा कि उसकी एक्सपेरिमेंटल कोविड-19 टेबलेट ओमिक्रोन वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी प्रतीत होती है।
पीजी की काउंसिलिंग से पहले टीम ने निरीक्षण किया तो तीनों कॉलेजों में संकाय सदस्य नहीं मिले। ऐसे में
टीबी की पुष्टि वाले प्रवासी कामगारों को डॉट सेंटर से जोड़ दिया जाता है, जहाँ से दवाएं और अन्य सरकारी
डाइटिशियन, चिकित्सा क्षेत्र में चिकित्सक और मरीज के बीच आहार विशेषज्ञ एक पुल का काम करता है जो मरीज
पैरामेडिकल कोर्स करने वाले विद्यार्थी को पैरामेडिक कहा जाता है। एक पैरामेडिक हेल्थकेयर की सर्विस देन
रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध के चलते यूक्रेनी लोगों के जीवन में मानों अंधकार छा गया है। हाल

COMMENTS