











































प्रतीकात्मक
आपने कोरोना का टीकाकरण करा रखा है लेकिन मनोरोग से परेशान हैं तो आपको सावधान रहना चाहिए, क्योंकि यह संक्रमण (break through infection) की चपेट में ला सकता है। यह दावा कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के एक ताजा शोध में किया गया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, खराब प्रतिरक्षा तंत्र के साथ-साथ कुछ मानसिक विकार (mental disorder) कोरोना का जोखिम बढ़ा देते हैं।
जामा नेटवर्क ओपन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि 65 साल से ऊपर वाले रोगियों पर मादक पदार्थों के सेवन, मानसिक विकार, बाइपोलर डिसऑर्डर (Bipolar Disorder) और चिंता-घबराहट के कारण कोरोना के ब्रेकथ्रू संक्रमण का 24 फीसदी तक ज्यादा खतरा मंडरा रहा है। 65 साल से कम उम्र वालों में बिना मानसिक बीमारी वालों के मुकाबले संक्रमण का 11% अधिक जोखिम मिला है।
औसतन आयु 66 साल, 91% पुरुष
अध्ययन में शामिल मरीजों की औसत आयु 66 वर्ष थी, जिनमें 90.8% पुरुष थे। मनोरोग से ग्रस्त सभी प्रतिभागियों में 2021 में ब्रेकथ्रू संक्रमण (Breakthrough Infection) का कुल मिलाकर 3% ज्यादा खतरा पाया गया। मादक पदार्थों का सेवन करने वाले 65 साल से अधिक के मरीजों में 24%, इसी आयु वर्ग के मनोविकार वाले रोगियों में 23%, बाइपोलर डिसऑर्डर के मरीजों में 16% और घबराहट वाले मरीजों में 12% अधिक जोखिम था।
किडनी, एचआईवी और हृदय रोगी भी कम सुरक्षित
शोधकर्ताओं को किडनी की बीमारी से ग्रस्त मरीजों में ब्रेकथ्रू संक्रमण की आशंका 29 फीसदी बढ़ी हुई मिली। एचआईवी (HIV) संक्रमितों में संक्रमण का 20 फीसदी, हृदय रोगियों में 19 फीसदी और निद्रा विकार (sleep aponea) वालों में 13 फीसदी ज्यादा खतरा मंडरा रहा है।
2.60 लाख मरीजों पर अध्ययन
यह जानकारी अमेरिका के पूर्व सैनिक कल्याण विभाग से मिले 2.60 लाख मरीजों का विश्लेषण से मिली। इन रोगियों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका था और कोरोना (corona) की एक बार जांच भी कराई थी।
इस तरह के संक्रमण को लेकर शोध के वरिष्ठ लेखक डॉ ओइफ ओ डोनोवन का कहना है, मनोविकारों से पीड़ितों में टीकों से मिली प्रतिरक्षा संभवतया जल्दी कमजोर पड़ने लगती है। इसके चलते नए कोरोना वायरस के नए स्वरूपों के खिलाफ वे ज्यादा सुरक्षित नहीं रह पाते।
आधे से ज्यादा मरीज मनोरोगी
51.4% आंकड़ों में सामने आया कि आधे से ज्यादा (51.4 फीसदी) मरीजों ने बीते पांच वर्षों में किसी न किसी मानसिक विकार का निदान कराया था। इनमें से करीब 15 फीसदी लोग कोरोना जांच में पॉजिटिव (ब्रेकथ्रू संक्रमण) मिले।







एस. के. राणा January 13 2026 0 3059
एस. के. राणा January 20 2026 0 2681
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 2618
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 2513
एस. के. राणा February 01 2026 0 2149
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 1890
एस. के. राणा February 04 2026 0 1883
सौंदर्य
सौंदर्या राय May 06 2023 0 102019
सौंदर्या राय March 09 2023 0 106393
सौंदर्या राय March 03 2023 0 106709
admin January 04 2023 0 106725
सौंदर्या राय December 27 2022 0 97047
सौंदर्या राय December 08 2022 0 85484
आयशा खातून December 05 2022 0 140161
लेख विभाग November 15 2022 0 109253
श्वेता सिंह November 10 2022 0 158526
श्वेता सिंह November 07 2022 0 109431
लेख विभाग October 23 2022 0 94170
लेख विभाग October 24 2022 0 97649
लेख विभाग October 22 2022 0 103365
श्वेता सिंह October 15 2022 0 106263
श्वेता सिंह October 16 2022 0 100630
अपने महीने भर के अभियान के दौरान, हॉर्लिक्स डायबिटीज प्लस और अपोलो शुगर क्लीनिक लोगों की मुफ्त शुगर
ओपीडी में इस व्यवस्था लागू कर दिया गया है। कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट के बाद ही मरीज भर्ती किए जा रहे
सात सितंबर से 15 अक्टूबर तक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इससे 12 तरह की जानलेवा बीमारियों से उन
नेत्रदान को महादान माना जाता है। नेत्रदान जागरूकता पखवाड़ा के तहत जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की तरफ से व
पूर्वी चम्पारण में स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। ताजा मामला मुफ्त वितरण के लिए आयी द
अगर खान-पान को लेकर आप अलर्ट मोड में हैं, ज्यादा तेल-मसाला न खाएं तो गर्मियों के इन दिनों में आपके ह
भारतीय वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि अगर मुंह के कैंसर के मरीज के 1.5 मिलीलीटर रक्त में 12 से कम कै
दस साल पहले की तुलना में ग्रामीण इलाकों में प्रसव से पहले बेहतर देखभाल और माताओं में संक्रमण में गिर
जिन 3,380 और लोगों ने संक्रमण से दम तोड़ दिया उनमें से 1,377 लोगों की मौत महाराष्ट्र में, 364 की कर्
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह सफलता अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल, लखनऊ को उन्नत मिर्गी इलाज के एक प्रमुख

COMMENTS