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नई दिल्ली। युवा पीढ़ी किसी भी देश और समाज की ताकत होती है। जब यही युवा नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं तब खुद के साथ-साथ देश व समाज को भी कमजोर कर देते हैं। अंतरराष्ट्रीय पत्रिका हार्ट में प्रकाशित एक हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि शराब, सिगरेट व ड्रग का सेवन करने वाले युवाओं को समय से पूर्व दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा होता है। युवा महिलाओं पर नशे का असर कहीं अधिक होता है। इसमें कहा गया है कि जो युवा मादक पदार्थों का सेवन करते हैं उन्हें दिल की बीमारी का खतरा नौ गुना ज्यादा हो जाता है। शोधकर्ताओं ने चेताते हुए कहा कि यदि युवाओं को सुनहरा भविष्य चाहिए तो नशे को ना कहना ही होगा।
2.54 लाख लोगों पर हुआ अध्ययन: इस अध्ययन में 2,54,668 लोगों को शामिल किया गया। इनमें 1,35,703 लोग ऐसे थे जिन्हें समय से पूर्व यानी कम उम्र में ही दिल की बीमारी हो गई थी। 7,716 लोग ऐसे रहे जिन्हें बहुत कम उम्र में दिल की बीमारी हो गई थी, जबकि 1,11,245 लोग को समय पूर्व दिल की बीमारी नहीं थी। तुलनात्मक अध्ययन के दौरान टीम ने पाया कि शौकिया तौर पर भी तंबाकू, शराब व ड्रग आदि के सेवन के कारण धमनियां समय से पहले ही कमजोर हो सकती हैं और इसी वजह से दिल की बीमारी हो जाती है।
प्रभावित करने वाले पहलुओं जैसे- उच्च रक्तचाप, मधुमेह व कोलेस्ट्रोल आदि का निर्धारण करने के बाद शोधकर्ताओं ने पायाकि जो लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, उन्हें समय से पहले दिल की बीमारी का खतरा दोगुना होता है। शौकिया तौर पर शराब पीने वालों को भी इस बीमारी का खतरा 50 फीसद ज्यादा होता है। गांजा, भांग व कोकीन लेने वालों को ढाई गुना और एंफिटेमिन का सेवन करने वालों को समय से पहले दिल की बीमारी का खतरा तीन गुना होता है।







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