











































लखनऊ। उत्तर प्रदेश में फोर्टिफाइड चावल को बढ़ावा देने के लिए मीडिया कार्यशाला आयोजन किया गया। अपर आयुक्त अरुण कुमार ने इस अभियान की सफलता पर डब्ल्यूएफपी को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि कुपोषण और एनीमिया मुक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में योगदान देने के लिए पहल भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगी।
उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग (Arun Kumar, Additional Commissioner, Food and Supplies Department UP) के अपर आयुक्त अरुण कुमार ने कहा कि खाद्य सुरक्षा नेट योजनाओं जैसे एवाईवाई (Antyodaya Anna Yojana), लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Targeted Population Distribution System), पीएम-पोषण (PM-Nutrition) और आईसीडीएस (ICDS) के माध्यम से कुपोषण (malnutrition) और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को कम करने के भारत सरकार की महत्वकांक्षा के रूप में राज्य में फोर्टिफाइड चावल (Fortified rice) को शुरू किया जा रहा है।

अगर यूपी में फोर्टिफाइड चावल खाध सुरक्षा नेट योजनाओं के माध्यम से प्रदान किया जाता है तो यह एनीमिया (anemia) की स्थिति में सुधार करने की एक बड़ी क्षमता प्रदान करता है जिसमें महिलाओं और बच्चों के बीच 50% से अधिक प्रसार शामिल है।
हाल ही में (अप्रैल-2022) भारत सरकार ने खाध सुरक्षा नेट योजनाओं के माध्यम से 2700 करोड़ रुपये की वार्षिक बढ़ोतरी वाली लागत में चरणबद्ध तरीके से फोर्टिफाइड चावल के वितरण को मंजूरी दे दी है। यह जून-2024 तक फोर्टिफाइड चावल वितरण योजना के पूर्ण कार्यान्वयन तक अपनी खाद्य सब्सिडी के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस संबंध में उत्तर प्रदेश ने पहले ही अपनी खाद्य सुरक्षा जाल योजनाओं के तहत फोर्टिफाइड चावल का वितरण शुरू कर दिया है, जो वर्तमान में पीडीएस योजना (PDS scheme) के माध्यम से 30 जिलों तक पहुँच रहा है।
अपर आयुक्त अरुण कुमार ने फोर्टिफाइड चावल को लेकर भ्रांतियों का भी निराकरण किया। 'प्लास्टिक चावल' (plastic rice) जैसी गलत धारणाओं को दूर किया जाना जरुरी है और स्वाद, उपस्थिति, रंग और खाना पकाने की विधि के मामले में फोर्टिफाइड चावल बिल्कुल सामान्य चावल की तरह है।
यूएनडब्ल्यूएफपी (UNWFP) के पोषण और स्कूल फीडिंग यूनिट के उप प्रमुख डॉ सिद्धार्थ वाघुलकर ने चावल की फोर्टिफिकेशन प्रक्रिया और यह कुपोषण में किस प्रकार कमी ला सकते हैं इससे संभावित बिन्दुओं पर चर्चा की।
यूएनडब्ल्यूएफपी में कार्यक्रम नीति अधिकारी (Nutrition) निरंजन बरियार ने फोर्टिफाइड चावल के आसपास समुदाय में प्रचलित बुनियादी मिथकों और गलत धारणाओं के बारे में बात की और बताया कि इस अभियान ने इन मिथकों को कैसे तोड़ा जाए।







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