देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

महिलाओं में मीनोपॉज के साथ बढ़ जाती है हृदय रोग की समस्या: डॉ. हेमंत मदान

जैसे हीं महिलाएं में मासिक धर्म आना बंद हो जाता है। वे मीनोपॉज की अवस्था में पहुँचती हैं। इसी के साथ हृदय रोग भी उनमें अपना जगह बनाने लगता है।

लेख विभाग
February 23 2022 Updated: February 23 2022 14:34
0 29113
महिलाओं में मीनोपॉज के साथ बढ़ जाती है हृदय रोग की समस्या: डॉ. हेमंत मदान प्रतीकात्मक

भारत में हृदय रोग बेहद आम हैं। यह उन मौतों का प्रमुख कारण भी है, जो 1985 से 2015 के बीच दोगुनी हो चुकी हैं। 2010 में कोरोनरी हृदय रोग के कारण होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 2.03 मिलियन हो गई। हमारे विषय की ओर एक कदम आगे बढ़ाते हुए, हृदय रोग महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम प्रभावित करता है। लेकिन जैसे हीं महिलाएं मीनोपॉज की अवस्था में पहुँचती हैं वैसे हीं हृदय रोग भी उनमें अपना जगह बनाने लगता है। वैसे भी आयु के साथ हृदय रोग का खतरा बढ़ता जाता है, लेकिन यहाँ सवाल यह है कि महिलाएं क्यों?

पुरुष और महिला में हृदय रोग के प्रसार में अंतर - Differences in the prevalence of heart disease between men and women

इस संबंध में हुए कई अध्ययनों से पता चलता है कि आमतौर पर पुरुष में कम उम्र में सीवीडी विकसित होता है और महिलाओं की तुलना में कोरोनरी हृदय रोग (सीएचडी) का खतरा उन्हें अधिक होता है।

अंतर क्यों? - Why the difference?

महिलाओं को एस्ट्रोजेन नामक एक बहुत हीं आश्चर्यजनक हार्मोन उपहार में मिला हुआ है।

  • एस्ट्रोजेन वैस्कुलर स्मूथ मसल सेल्स में रक्त प्रवाह गतिविध को नियंत्रित करता है।
  • एस्ट्रोजेन नाइट्रिक ऑक्साइड और प्रोस्टेसाइक्लिन नामक एक एंजाइम छोड़ते हैं जो वासोडिलेटर के रूप में काम करते हैं और रक्त के प्रवाह को आसान बनाते हैं।
  • ये एंडोटिलिन और एंजियोटेंसिन 11 के उत्पादन को कम करता है, ये दोनों वैसोकॉन्स्ट्रिक्टर्स हैं और धमनियों के सिकुड़ने का कारण बनते हैं।
  • यह इन्फ्लमैशन को भी कम करता है।
  • यह कुछ कारकों के स्राव को कम करता है जो ऑक्सीडेटिव तनाव और प्लेटलेट सक्रियण को नियंत्रित करता है।

मीनोपॉज क्या है? - What is menopause?

इसे महिलाओं के जीवन में एक ऐसे चरण के रूप में परिभाषित किया जाता है जहां से उनका मासिक धर्म आना बंद हो जाता है। जब किसी महिला को लगातार 12 महीने के बीच कोई मासिक धर्म नहीं आता। महिलाओं के जीवन में ये चक्र 40 से 60 साल के उम्र में आता है।

मीनोपॉज और हृदय रोग के बीच संबंध - The link between menopause and heart disease

विभिन्न अध्ययनों के अनुसार 50 से पहले मीनोपॉज तक पहुंचने वाली महिलाओं में हृदय रोग का खतरा बढ़ गया है। जो महिलाएं समय से पहले मीनोपॉज का अनुभव करती हैं अर्थात जिनको 40 साल से पहले मीनोपॉज हो जाता है, उन्हें अन्य महिलाओं की तुलना में 60 वर्ष से पहले नॉन -फेटल कार्डीओवैस्क्यलर रोग का जोखिम रहता है।

मीनोपॉज से जुड़े अन्य खतरे - Other hazards associated menopause

  • धूम्रपान,
  • मोटापा,
  • निम्न शिक्षा का स्तर
  • उच्च रक्तचाप

मीनोपॉज के आसपास महिलाओं की फिजियोलॉजी - Physiology of women around menopause

हम ये जानते हैं कि महिला का शरीर पोस्ट-मेनोपॉज कम एस्ट्रोजन बनाता है। इसके साथ ही एस्ट्राडियोल और एस्ट्रोन का संचारण स्तर भी नीचे चला जाता है। ये दो एस्ट्रोजन बायप्रोडक्ट्स लिवर के माध्यम से वसा के मटैबलिज़म को उत्प्रेरित करने के लिए होते हैं। एक बार जब इनका स्तर कम हो जाता है, तो महिलाएं शरीर में वसा संरचना और वैस्क्यलर रीमॉडेलिंग में प्रतिकूल बदलाव का अनुभव करती हैं जो सीवीडी के जोखिम को भी बढ़ाता है। कम एस्ट्रोजन का स्तर ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन और फॉलिसल स्टिमुलेटिंग हॉर्मोन के उच्च स्तर को भी जन्म देता है। यह पूरी प्रक्रिया खराब वसा के उच्च स्तर (टोटल कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल स्तर) को उत्तेजित करती है और अच्छे (एचडीएल) को कम करती है।

मीनोपॉज आपकी कमर परिधि को बढ़ाने के साथ-साथ आपके बॉडी मास इंडेक्स को भी प्रभावित करती है।

मीनोपॉज तो आना हीं है, ऐसे में क्या करें? - Menopause is inevitable, so what to do?

आप मीनोपॉज को रोक तो नहीं सकते, लेकिन फिर भी आप बहुत कुछ कर सकते हैं।

1. उचित आहार (कैल्शियम, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर) आपको हार्मोनल परिवर्तनों को दूर करने में मदद करेगा

इसमें फाइटोएस्ट्रोजन को शामिल करें। जैसे –

  • साबुत अनाज,
  • सूखे सेम,
  • मटर,
  • ब्रोकोली,
  • गोभी
  • मेवा ,
  • अनाज,
  • अलसी का बीज,
  • तिल के बीज,
  • लहसुन

ये मीनोपॉज के कारण, लक्षणों और समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं।

2. किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी में शामिल होना आपके लिए बेहद जरूरी है। जैसे –

  • ज़ुम्बा
  • नृत्य
  • रोबिक्स
  • तैराकी
  • सायक्लिंग
  • हल्के वजन वाले व्यायाम
  • प्रकाश योग और प्राणायाम आदि

3. यदि ये संभव नहीं हैं तो तेज चलना कभी कोई नुकसान नहीं करता।

  1. कार्डिएक केयर- अपने प्रसूति रोग विशेषज्ञ, चिकित्सक या हृदय रोग विशेषज्ञ से मिलें। अपने लक्षणों पर चर्चा करें। यदि आवश्यक हो तो हार्मोनल थेरेपी शुरू करें। जितनी बार संभव हो डॉक्टर से मिलें। डॉक्टरों की टीम आपकी देखभाल के लिए तत्पर है।

मैं बहुत सारी महिला हृदय रोगियों से मिलता हूँ। उनमें से अधिकांश लोग अपने हृदय स्वास्थ्य के बारे में भ्रमित हैं और उनमें इस विषय पर स्पष्टता की कमी है। हम इस संबंध में जितना बात करेंगे उतना अधिक जानेंगे और हम उतने हीं एक स्वस्थ मीनोपॉज के करीब होंगे। अपने शरीर और हृदय के परिवर्तनों से अवगत रहें। याद रखें; मदद मांगने के लिए कभी शर्मिंदा न हों।

लेखक - डॉ. (प्रो) हेमंत मदान,
डायरेक्टर और सीनियर कंसलटेंट. कार्डियोलॉजी (अडल्ट), कार्डियोलॉजी (पीडिऐट्रिक), 
धर्मशीला नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, दिल्ली,  
नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, गुरुग्राम

 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

छापेमारी में राजधानी के दो ब्लड बैंक्स से 302 यूनिट घटिया मानव रक्त बरामद

छापेमारी में राजधानी के दो ब्लड बैंक्स से 302 यूनिट घटिया मानव रक्त बरामद

रंजीव ठाकुर July 01 2022 30628

एसटीएफ तथा ड्रग विभाग ने छापेमारी करके ठाकुरगंज के तहसीनगंज स्थित मिडलाइफ चैरिटेबल ब्लड बैंक और कृष्

कोरोना सैंपल की एम्स में हो सकेगी जीनोम सिक्वेंसिंग

कोरोना सैंपल की एम्स में हो सकेगी जीनोम सिक्वेंसिंग

एस. के. राणा January 07 2023 25841

एम्स में अब कोरोना सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा मिल पाएगी। जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन मिलने के ब

छह महीने के बाद बच्‍चे को खिलानी चाहिए ये चीजें

छह महीने के बाद बच्‍चे को खिलानी चाहिए ये चीजें

लेख विभाग October 23 2022 42005

हर पेरेंट्स अपने बच्चे को ऐसा खाना खिलाना चाहते हैं जिससे उनकी ग्रोथ हो, बोन हेल्थ सही हो और साथ ही

डाउन सिंड्रोम के कारण पैदा होने वाली समस्याओं का इलाज करने के लिए होम्योपैथी उचित विकल्प है: डॉ रूप कुमार बनर्जी

डाउन सिंड्रोम के कारण पैदा होने वाली समस्याओं का इलाज करने के लिए होम्योपैथी उचित विकल्प है: डॉ रूप कुमार बनर्जी

आनंद सिंह March 23 2022 36927

डाउन सिंड्रोम पीड़ित बच्चे सामान्य बच्चों की तुलना में बैठना, चलना या उठना सीखने में ज्यादा समय लेते

मसूड़ों से खून बहना गंभीर बीमारी के लक्षण भी हो सकतें हैं, जानिये समस्या को

मसूड़ों से खून बहना गंभीर बीमारी के लक्षण भी हो सकतें हैं, जानिये समस्या को

लेख विभाग June 20 2022 43743

मुख स्वच्छता की उचित देखभाल नहीं की जाती है, तो इससे मसूड़े की सूजन हो सकती है जिसके कारण पीरियोडोंट

केजीएमयू में सिक लीव मांगने वाले कर्मचारियों की करना होगा मेडिकल बोर्ड का सामना

केजीएमयू में सिक लीव मांगने वाले कर्मचारियों की करना होगा मेडिकल बोर्ड का सामना

हुज़ैफ़ा अबरार April 23 2022 32614

केजीएमयू में अब बीमारी के नाम पर तीन दिन से अधिक की छुट्टी नहीं मिल सकेगी। इलाज के लिए तीन दिन से अध

सीएचसी गजराही में समय से नहीं आते डाक्टर और कर्मचारी, मरीज परेशान।

सीएचसी गजराही में समय से नहीं आते डाक्टर और कर्मचारी, मरीज परेशान।

February 25 2021 27123

अस्पताल में कोई भी कर्मचारी अपने निश्चित समय पर नहीं आता है। अस्पताल परिसर में आवास होने के बाद भी क

अमेठी के जिला अस्पताल में लगाए गए कैमरे

अमेठी के जिला अस्पताल में लगाए गए कैमरे

विशेष संवाददाता May 23 2023 33186

अमेठी जिला अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर 18 स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं। कैमरे लगने

सर्दियों में रोज रात को पिएं हल्दी वाला दूध, कई बीमारियों से रहेंगे कोसों दूर

सर्दियों में रोज रात को पिएं हल्दी वाला दूध, कई बीमारियों से रहेंगे कोसों दूर

श्वेता सिंह November 15 2022 30282

सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम की समस्या हो जाती है, लेकिन सर्दी-जुकाम की समस्या होने पर अगर आप हल

सर्दियों में बालों की देखभाल कैसे करें?

सर्दियों में बालों की देखभाल कैसे करें?

सौंदर्या राय November 07 2021 20496

ठंड के मौसम में बालों को अगर कोई समस्या परेशान करती है तो वह बालों का झड़ना और डैंड्रफ ही है। ऐसे मे

Login Panel